MLA के. सुधाकर ने कहा कि जेडी (एस) के साथ गठबंधन एक "अपवित्र गठबंधन" था और कॉन्ग्रेस ने केवल 37 विधायकों के साथ पार्टी को सब कुछ दे दिया। उन्होंने गठबंधन को नैतिक रूप से ग़लत बताया।
कॉन्ग्रेस के निष्ठावान राजदीप सरदेसाई ने भी एग्जिट पोल के आंकड़ों के बाद ईवीएम फ़र्जीवाड़े की झूठी ख़बर उठाने के लिए विपक्षी नेताओं की खिंचाई की थी। राजदीप ने तर्क दिया था कि विपक्षी नेताओं द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं और विशुद्ध रूप से राजनीतिक कारणों से बनाए गए हैं।
राहुल गाँधी के होते हुए भी कॉन्ग्रेस को सस्ते कॉमेडियंस आउटसोर्स करने पड़े ये बात चौंका देने वाली थी। गोदी मीडिया ने जब राहुल गाँधी से इस बारे में सवाल किया, तो उनका जवाब था, “देखिए भाई साहब, मैं फ्रेंक्ली कहता हूँ, आप लिख के ले लीजिए, मैं कॉमेडियंस के साथ पूरा न्याय करूँगा।
लेखक ने आरोप लगाया कि अगले कुछ वर्षों में भारत पर वैष्णव शाकाहार थोप दिया जाएगा। हालाँकि, इसके लिए उन्होंने कोई बैकग्राउंड नहीं दिया। रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों के भाजपा में शामिल होने को लेकर भी इस लेख में नाराज़गी जताई गई है। कहा गया है कि सैन्य अधिकारी समझते हैं कि एक ही पार्टी उनके लिए काम कर रही है और उनका भाजपा में शामिल होना अशुभ है।
उनके स्थानीय आवास के बाहर सुरक्षा के लिए एक वाहन भी खड़ा किया गया है। विवेक को ये सुरक्षा मुंबई पुलिस की प्रोटेक्शन और सिक्योरिटी ब्रांच द्वारा उपलब्ध कराई गई है।
अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग पर सिर्फ एक ही पार्टी का पक्ष लेने का आरोप लगाया और कहा कि यह संवैधानिक संस्था के लिए काला दिन है। उन्होंने कहा कि यदि एक ही पक्ष की सुनवाई करनी है तो फिर संस्था की स्वतंत्रता का क्या मतलब रह जाता है?
"मैं संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के नजरिए से कहना चाहूँगा कि हमें भारत में हुए लोकसभा चुनाव की निष्पक्षता और पवित्रता पर पूरा विश्वास है। यह स्पष्ट है कि जिसकी भी विजय हो या फिर जो भी परिणाम आएँ, हम नई सरकार के साथ कार्य करेंगे।"
वाराणसी से नरेंद्र मोदी 11000 वोटों से आगे चल रहे हैं। पटना साहिब से रवि शंकर प्रसाद आगे चल रहे हैं। बॉलीवुड हीरो-कम-अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा रह गए पीछे।
बताया जाता है कि जेना अपने मित्र के साथ मोटर साइकिल से जा रहे थे जब चार हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग की। हमले की जाँच जारी है। कहा जा रहा है की हमले की वजह आपसी रंजिश है।
उदित राज ने ट्विटर के माध्यम से पूछा कि सुप्रीम कोर्ट आख़िर क्यों नहीं चाहता कि सारे ईवीएम के साथ वीवीपैट पर्चियों का मिलान हो? इसके बाद उन्होंने देश की शीर्ष अदालत पर ही कथित धाँधली में शामिल होने का आरोप लगा दिया।
मिसाइल की शुरुआत से ही वायु सेना इसके विकास के हर कदम पर इसमें शामिल रही है। उसके इंजीनियरों ने मिसाइल का सॉफ्टवेयर भी बनाया था। HAL (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) ने मिसाइल के इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल हिस्सों पर काम किया था।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले पाँच साल तक देश में शांतिपूर्ण माहौल के मद्देनज़र, इस समय एग्जिट पोल से विपक्ष में उपजी हताशा को ध्यान में रखकर, किसी तरह की हिंसा को रोकने के लिए, पहले से ही सावधानी बरतने की दृष्टि से यह निर्णय लिया गया है।
कॉन्ग्रेस जनादेश को EVM से छेड़छाड़ बताकर लगातार जनादेश का अपमान करती नजर आई। नतीजा ये रहा कि नालायक विपक्ष द्वारा तैयार किए गए फासिस्ट, भक्त, दलित पर अत्याचार, अल्पसंख्यकों में डर का माहौल, EVM हैक, बिकी हुई मीडिया, कट्टर हिन्दू जैसे नैरेटिव नरेंद्र मोदी की छवि ख़राब करने के बजाए उन्हें महामानव बनाते चले गए।
राजदीप ने यहाँ तक कहा कि मोदी के यहाँ से चुनाव लड़ने की वजह से वाराणसी की सीट VVIP संसदीय सीट में बदल चुकी है। जिसका असर वहाँ पर हो रहे परिवर्तन के रूप में देखा जा सकता है।
"वीवीपैट और ईवीएम पर्चियों का मिलान मतगणना शुरू होने से पहले की जानी चाहिए। ट्रेंड्स जारी हो जाने के बाद ये प्रकिया निष्फल हो जाएगी। इसके कारण प्रभावित उम्मीदवार विरोध प्रदर्शन करेंगे, जिसके कारण क़ानून व्यवस्था बिगड़ सकती है।"
ख़बर के अनुसार, एजेंसी ने विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार के समक्ष श्री गुप्ता के ख़िलाफ़ पूरक आरोप पत्र दायर किया। उन्हें ED ने धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत गिरफ़्तार किया गया था।
इस समय भाजपा और मोदी की ‘लहर’ किस कदर चल रही है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कॉन्ग्रेस के द्वारा कराया गया एग्जिट पोल भी कह रहा है, “आएगा तो मोदी ही!” और इतने के बावजूद राहुल गाँधी एग्जिट पोल्स को फर्जी बता कर अपने समर्थकों को अंतिम ढाँढ़स बँधा रहे हैं।
AAP के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्नब गोस्वामी की एक वीडियो क्लिप ट्विटर पर शेयर की। इसमें अर्नब EVM हैकिंग को लेकर विपक्षी दलों पर तंज कसते नज़र आए। इसी वीडियो के जवाब में पागलखाने से लेकर डूब मरने तक की बात लिखी गई।
ऐसे नेताओं को ईवीएम का नट-बोल्ट खोलने के लिए पेचकस और पिलास दे देना चाहिए ताकि वे वोट देने के बाद ईवीएम को खोलें और अंदर झाँक कर देख सकें कि आख़िर उनका वोट गया कहाँ, किस पार्टी को गया? ये नेता वोट देने के बाद ईवीएम को खोलेंगे, झाँक कर देख लेंगे कि उनका वोट इच्छित पार्टी को गया है या नहीं और फिर उसे वापस पेचकस से कस सकते हैं।
मोदी विरोध में यह लोग दिमाग से इतने पैदल हो चुके हैं कि प्राइमरी स्कूल स्तर की गणित भी सर के ऊपर से उड़ रही है। इन्हें दिमाग का इलाज कराना चाहिए। ये लोग 2000 वोट को 20 लाख से गुणा भी नहीं कर पाते हैं और चले पत्रकारिता करने!
इससे पहले, चुनाव आयोग ने मतदान में इस्तेमाल की गई मशीनें, 23 मई को हो रही मतगणना से पहले नई मशीनों से बदलने के आरोपों और शिकायतों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताकर खारिज कर दिया था।
इन्होंने सीसीटीवी भी लगा रखे हैं। एक अतिरिक्त टेंट में मॉनिटर स्क्रीन लगाया गया है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज पर लगातार नज़र रखी जा रही है और हर आने-जाने वालों पर गौर किया जा रहा है। नाइट विजन टेक्नोलॉजी और दूरबीन का भी प्रयोग किया जा रहा है।
नीतीश कुमार, प्रकाश सिंह बादल और उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में सहयोगी दलों की बैठक हुई, जिसमें राजग सरकार की योजनाओं की प्रशंसा की गई। गठबंधन ने आगामी सरकार के दौरान 25 लाख करोड़ रुपए खेती को समर्पित करने का संकल्प लिया।
रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने धमकी भरे अंदाज़ में कहा था कि लोगों में इस समय आक्रोश है और ऐसे में अगर ‘रिजल्ट लूटने’ की घटना हुई तो सड़कों पर खून बहेगा। उन्होंने अपने समर्थकों से हथियार उठाने के लिए तैयार रहने को भी कहा है।
4 दिनों का भूख-प्यास जब हावी हुआ तो गुड़िया (1 साल की बच्ची) माँ की लाश का मोह छोड़ते हुए, रेंगते हुए, खेत से बाहर एक मंदिर के पास जा पहुँची। यहाँ कुछ भक्तों की नज़र इस पर गई। उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी और गुड़िया को अस्पताल तक पहुँचाया।
बाजवा ने नवजोत सिंह सिद्धू से दो टूक कहा है कि अगर वह कैप्टन के अंतर्गत कार्य करने में असमर्थ हैं तो उन्हें मंत्रिमण्डल से इस्तीफा दे देना चाहिए। बाजवा ने कहा कि सिद्धू को जब पता ही नहीं है कि जहाज का कप्तान कौन है, तो उन्हें मंत्रिमंडल से निकाल बाहर किया जाए।
तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों ने बबलू नामक भाजपा कार्यकर्ता को निशाना बनाया। हमले में बबलू बाल-बाल बच गए। पड़ोसियों के पहुँचने के बाद हमलावर बाइक छोड़ भाग खड़े हुए। भाजपा कार्यकर्ता बबलू का अस्पताल में इलाज चल रहा है। ऐसी कई हिंसक वारदातें हुईं।
इस उपग्रह की खूबी है - सिंथेटिक अपर्चर रडार (synthetic aperture radar) - जिसके कारण यह किसी भी मौसम में काम करता रहेगा, निगरानी रखता रहेगा। RISAT-2B में पूर्णतः स्वदेशी विक्रम प्रोसेसर लगा हुआ है।
रवीश अब अपने दर्शकों से लगभग ब्रेकअप को उतारू प्रेमिका की तरह ब्लॉक करने लगे हैं, वो कहने लगे हैं कि तुम्हारी ही सब गलती थी, तुमने मुझे TRP नहीं दी, तुमने मेरे एजेंडा को प्राथमिकता नहीं माना। जब मुझे तुम्हारी जरूरत थी, तब तुम देशभक्त हो गए।
ऑपइंडिया के पास शुंगलू कमिटी का वह रिपोर्ट है जिसमें अशोक लवासा की बेटी और बेटे के अनुचित लाभ उठाने की बात कही गई है। शुंगलू कमिटी ने ये साफ बताया है कि सिलेक्शन कमिटी ने अन्वी लवासा के प्रोजेक्ट ऑफिसर (PO) के रूप में चयन में उन्हें उनके पॉवरफुल संबंधों की वजह से फेवर किया गया।
योजना ही नहीं, देश भी पहले से ही था, तो क्या काम ही न किया जाए? क्या योजना बना देने से ही काम हो जाता है? या फिर पुरानी योजना पर नए तरीके से काम करना और समाज को लाभ पहुँचाना कोई अपराध है? योजना का नाम ही नहीं, उसके क्रियान्वयन को भी मोदी सरकार ने पूरी तरह से बदला।
एंकर स्टूडियो के भीतर इस तरह का चेहरा लेकर आने लगा कि उसे स्टूडियो के बाहर कुछ हिंदुओं ने थप्पड़ मार कर चेहरा सुजा दिया है। एंकर इस तरह से मरा हुआ मुँह लेकर बैठने लगा, और भद्दे ग्राफ़िक्स की मदद से आपको बताने लगा कि हत्या तो बस समुदाय विशेष की ही हो रही है, और कैसे डर फैलाया जा रहा है।
एक घमंड है इन पार्टियों के समर्थकों और मोदी के विरोधियों के भीतर। वो घमंड यह है कि वो जो सोचते हैं, वो जिन्हें चाहते हैं, उन्हें अगर बहुमत नहीं मिल रहा तो जनता पागल है। ये अभिजात्य मानसिकता, ये निम्न स्तर का दंभ, उसी तरीके से दिमाग में चढ़ता है जैसे सत्ता में होने पर पावर का नशा।
कोर्ट ने इन तीनों को पेशी से छूट तो दी ही इसके अलावा आरोपियों के वकीलों को विस्फ़ोट वाली जगह पर जाने की अनुमति भी दी। ग़ौरतलब है कि मालेगाँव में 29 सितंबर 2008 को एक मस्जिद के पास विस्फोट में 6 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे।
विपक्षी दलों ने मतगणना के समय किसी भी मतदान केंद्र पर गड़बड़ी पाए जाने की स्थिति में देशभर में सभी विधानसभा क्षेत्रों में EVM के आँकड़ों के साथ VVPAT मशीन की पर्चियों से मिलान की माँग की थी।
विपक्ष ने मुद्दे नहीं उठाए। विपक्ष ने सनसनी बनाने पर ज़्यादा ध्यान दिया। जस्टिस लोया की मौत को मुद्दा बनाया गया, गलत वित्तीय ज्ञान परोस कर अमित शाह के बेटे की कम्पनी को मुद्दा बनाया गया, अजित डोभाल के बेटों पर माहौल बनाने की कोशिशें हुई, नोटबंदी पर लाशें पैदा की गईं, जीएसटी पर उन व्यापारियों के नुकसान की बात हुई जो कहीं थे ही नहीं!
सोशल मीडिया से लेकर व्हाट्सएप्प पर चलने वाली फेक ख़बरों का बाजार जमकर बढ़ा है। इसी का फायदा उठाकर ये लोग फैक्ट चेक के नाम पर बेहद हास्यास्पद ख़बरों तक का फैक्ट चेक करते हुए देखे जा रहे हैं। यहाँ तक कि MEME और फोटोशॉप तस्वीरों तक का फैक्ट चेक करने वाले लोग खूब फलते-फूलते देखे जा रहे हैं।
ये कहानी है एक ऐसे नेता को अप्रासंगिक बना देने की, जिसके पीछे अमित शाह की रणनीति और योगी के कड़े तेवर थे। इस कहानी के तीन किरदार हैं, तीनों एक से बढ़ कर एक। जानिए कैसे भाजपा ने योजना बना कर, धीमे-धीमे अमल कर ओपी राजभर को निकाल बाहर किया।
सट्टा बाजार में इस बार नरेंद्र मोदी के पीएम बनने को लेकर, अमेठी में राहुल गाँधी को जीतने और यूपी में सपा-बसपा के गठबंधन पर भी खूब पैसे लगे हुए हैं। कुछ पंटर्स के अनुमान के मुताबिक इस बार दुगना पैसा सट्टा में लगा हुआ है।
एग्जिट पोल को ‘गप’ करार देने से शुरू हुआ विपक्ष का स्तर अब खुलेआम हिंसा करने और खून बहाने तक आ गया है। उपेंद्र कुशवाहा ने मतदान परिणाम मनमुताबिक न होने पर सड़कों पर खून बहा देने की धमकी दी है। इस संभावित हिंसा का ठीकरा वे नीतीश और केंद्र की मोदी सरकार के सर भी फोड़ा है।
मायावती ने अपनी संभावित हार के लिए बलि के बकरे तलाशने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के पूर्व ऊर्जा मंत्री और विधानसभा में पार्टी के विधायक दल के सचेतक (व्हिप - whip) रामवीर उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।