5 अगस्त को अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का पूजन होगा। खुफिया इनपुट है कि इस्लामिक आतंकी हमले की साजिश रच रहे हैं। केंद्र में मनमोहन और यूपी में मुलायम के रहते 2005 में आतंकी अपने मॅंसूबों में कामयाब भी हो गए थे।
न्यूयॉर्क में भूमि पूजन पर उत्सव का विरोध कर रहा SASI एक कट्टर वामपंथी समूह है। वह कश्मीर की आजादी की वकालत करते हुए भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाने में शामिल है।
ये साध्वी ऋतम्भरा ही थीं, जिन्होंने कहा, "हॉं हम हिंदू हैं, हिंदुस्तान हमारा है।" जिनमें खुलकर यह कहने का साहस था, "महाकाल बनकर दुश्मन से टकराएँगे, जहॉं बनी है मस्जिद, मंदिर वहीं बनाएँगे।"
"दलित समुदाय हिंदू समाज का एक अभिन्न अंग है... इस समुदाय ने धर्मांतरण का विरोध किया है और गौ रक्षा के लिए सबसे ज्यादा लड़ाई लड़ी है। विहिप उनका ऋणी है।"
रिया चक्रवर्ती की जाँच के लिए मुंबई पहुँची बिहार पुलिस को उसके खिलाफ कई अहम सबूत मिले है। बिहार पुलिस की टीम ने मुंबई में सुशांत के बैंक खातों और क्रेडिट-डेबिट कार्ड के लेनदेन से रिया चक्रवर्ती के कारनामों का पता लगा लिया है।
भारत की पत्रकारिता में यह रवीश का सबसे बड़ा योगदान है। अच्छी योजनाओं और सरकारी कार्यों में भी, खोज-खोज कर कमियाँ बताई जाने लगी हैं। देखा-देखी बाकी वामपंथी एंकरों और पुराने चावल पत्रकारों ने भी, अपनी गिरती लोकप्रियता बनाए रखने के लिए, अपने दैनिक शौच से पहले और फेफड़ों से चढ़ते हर खखार (हिन्दी में बलगम) के बाद, मोदी और सरकार को गरियाना अपना परम कर्तव्य बना लिया है।
कई लोग अगस्त में ही दीपावली मानाने की तैयारी में भी दिखते हैं। वैसे इससे हमें दूसरा वाला नारा - काशी-मथुरा बाकी है, याद आ जाता है, मगर उससे दीयों के बजाए कुछ और ही जलने लगेगा! नहीं?
दान की भूमि पर मस्जिद का निर्माण नहीं किया जा सकता है, ऐसा होने पर मस्जिद में की गई दुआ कबूल नहीं होती है। नतीजतन मुस्लिम समाज को उस स्थान पर अस्पताल और विद्यालय खोलना चाहिए।
तुर्की ने कश्मीर के कट्टर अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी को सालों आर्थिक मदद की थी। बीते कुछ समय में तुर्की ने अलग तरीकों से भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया है।
NDTV और द वायर जैसे ही मीडिया गैंग अयोध्या में जारी व्यवस्थाओं को लेकर लगातार ही भ्रामक खबरें दे रहे हैं। NDTV का अपनी रिपोर्ट में कहना है कि वहाँ पर आने वाले दिनों में बहुत सरे लोग जमा होने जा रहे हैं लेकिन इंतजाम ठीक नहीं किए जा रहे हैं।
बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में बीजेपी नेता गौतम पात्र का शव पेड़ से लटका मिला। इससे पहले पूर्वी मिदनापुर में पार्टी के पूर्णचंद्र दास पेड़ से लटके मिले थे।
तीन दशकों में पूरी दुनिया के सोचने, समझने और शिक्षा को बेहतर तरीके से पहुँचाने का तरीका बदल जाता है, लेकिन भारत उसी वामपंथी नीति पर अटका था, जो कि इसकी जड़ों को दीमक की तरह खोखला करता रहा।