इनमें दूसरे देशों ने भी अपने नागरिकों को निकालने के लिए फ्लाइट्स का इंतजाम किया। गल्फ देशों, यूरेशिया और पड़ोसी देशों के लोगों को निकाला गया। चुनौती यह थी कि अधिकतर विदेशी पर्यटक बड़े शहरों से काफ़ी दूर फँसे हुए थे।
भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार की होम पॉलिटिकल विभाग की फ़ाइल संख्या जनवरी 1920/77 के अनुसार कॉन्ग्रेस ने अमृतसर को अपने अधिवेशन के लिए जानबूझकर चुना, जिससे एक खास राजनैतिक मकसद को पूरा किया जा सके। दस्तावेज के अनुसार जवाहरलाल नेहरू के पिता मोतीलाल नेहरू के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस उन खूनी धब्बों से ब्रिटिश सरकार को बचाने का प्रयास कर रही थी, जिनके निशान आजतक अमृतसर में मौजूद हैं।
आज किश्तवाड़ा के दच्छन इलाके में आतंकवादियों ने घात लगाकर पुलिस जवानों पर हमला बोला। जिसमें एक पुलिस के एसपीओ मारे गए जबकि दूसरे एसपीओ जख्मी हो गए। इसके साथ ही आतंकवादियों ने पुलिसजवानों से हथियार भी छीन लिए। सूचना मिलने पर पुलिस जवानों को तुरंत किश्तवाड़ा के जिला अस्पताल पहुँचाया जहाँ डाक्टरों ने जवान खुर्शीद इकबाल को मृत घोषित कर दिया।
राज्य सरकार द्वारा लॉकडाउन को प्रभावी रूप से लागू करने और लोगों को प्रतिबंधों का उल्लंघन करने से रोकने में असफल होने के बाद केंद्र ने शहर को नियंत्रित करने और वायरस के बढ़ते प्रसार पर लगाम लगाने के लिए सेना भेजने की योजना बनाई थी। मगर राज्य सरकार के इनकार करने के बाद इसे निरस्त कर दिया गया।
खादी के मास्कों के उत्पादन में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और ये सारे न सिर्फ़ 2-3 लेयर के होंगे बल्कि इन्हें दो-दो की पैकिंग में उपलब्ध कराया जाएगा। कोरोना के अलावा अन्य बीमारियों से बचाव में भी इसका उपयोग होगा, जो वायरस से होते हैं। इसकी कीमत मात्र 20 रुपए होगी।
इन वीडियोज के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग पाकिस्तानी डॉक्टर की इन हरकतों को बेफिजूल बता रहे हैं। साथ ही सलाह दे रहे हैं कि उन्हें अब इन मामलों पर सीरियस हो जाना चाहिए।
सारी सभा में हलचल मच गई। रौद्र रूप धरे गुरु गोविन्द सिंह की इस माँग के बाद जो लोग आए, उन्होंने न सिर्फ़ अपनी बहादुरी से देश को गौरवान्वित किया बल्कि जाति-पाती के बंधनों को तोड़ने में भी अहम भूमिका निभाई। एक व्यक्ति आगे आया। गुरु गोविन्द सिंह उसे तम्बू में ले गए और खचाक...!
"मुस्लिमों के लिए हिंदू काफिर है। मुस्लिमों की दृष्टि में काफिर सम्मान के योग्य नहीं होता है, उसकी कोई सामाजिक स्थिति भी नहीं होती है। अत: जिस देश में काफिरों का शासन हो, वह स्थान म्मुस्लिमों के लिए दारुल-हर्ब है। ऐसी स्थिति में यह सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं बचती कि मुस्लिम गैर-मुस्लिम के शासन को स्वीकार नहीं कर पाएँगे। इसलिए भारत और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की पूर्ण अदला-बदली ही क्षेत्र में शांति व सौहार्द रख सकती है।''
क्राइम ब्रांच फिलहाल मरकज में जाँच- पड़ताल शुरु कर चुकी है। मरकज के अंदर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं मिला। साथ ही मरकज से जुड़े लोग भी सहयोग नहीं कर रहे। इससे पहले पुलिस ने मरकज प्रशासन से जानकारी माँगी थी कि 13 मार्च के बाद मरकज में जो लोग आए थे, उनका उपस्थिति रजिस्टर दिया जाए।
घटना रविवार रात करीब पौने 10 बजे फरीदकोट के कोट कपूरा में हरिनौ रोड पर घटी। यहाँ करीब 9:50 पर पुलिस ने दो युवकों को नशे की हालत में धुत सामने से आते देखा और इनकी दुपहिया रुकवाई। तभी दोनों युवक अपनी नौकरी की धौंस दिखाने लगे और मारपीट करके फायरिंग कर दी।
कई राज्यों में पुलिस के दबिश देने के बाद बड़ी संख्या में जमाती सामने आए, जो मुसलमानों के प्रभाव वाले विभिन्न इलाक़ों में मस्जिदों वगैरह में छिपे हुए थे। आज ही महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि राज्य से लापता तबलीगी जमात के 58 सदस्यों में से 40 का पता लगा लिया गया है।
पुलिस ने कहा कि वह जब से वार्ड में भर्ती हुआ है, तब से वह मेडिकल स्टाफ के साथ सहयोग नहीं कर रहा है। अस्पताल के अधिकारियों ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करवाई है और अस्पताल की शिकायत के आधार पर मरीज के खिलाफ आईपीसी की धारा 269, धारा 270 और धारा 271 के तहत केस दर्ज किया गया है।
एक संदेश में लिखा है, “मैं निकला ओ गड्डी लेकर, रास्ते पर सड़क पर ओ सड़क में इक पंजाब पुलिस का अफसर आया मैं उत्थे हीरोगिरी छोड़ आया।” इस संदेश को शेयर करते हुए पुलिस ने लिखा कि गड्डी लेकर निकलोगे तो गदर हो जाएगा।
जैसे ही जडेजा ने यह वीडियो शेयर किया, लिबरल्स और इस्लामिस्ट्स ने न केवल उसकी तलवारबाजी स्किल का मजाक बनाना शुरू कर दिया बल्कि राजपूत समुदाय को गाली देना भी शुरू कर दिया।
कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए बनाए गए इस फंड को विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) से मुक्त करने के बाद अब विदेशों से दान के लिए खोला गया है। अब विदेशों से दान करने वाले लोग सीधे पीएम केयर्स पोर्टल से दान की रसीदें डाउनलोड कर सकते हैं। केंद्र ने सोनिया गाँधी की माँग को ठुकरा दिया है।
महिलाओं ने दावा किया कि काफिर समुदाय विशेष पर अत्याचार करते हैं, इसीलिए वो इस वायरस के कारण तबाह हो जाएँगे। महिलाओं ने दावा किया कि इससे उनका तो कुछ नहीं बिगड़ेगा लेकिन काफिरों की तबाही आ जाएगी, इसका उन्हें पूरा विश्वास है।
थानाधिकारी मनोज सिकरवार ने बताया कि मामले के बाद नगर निगम की टीम को बुलाकर पूरे क्षेत्र को सैनेटाइज कराया गया है। साथ ही CCTV तस्वीरों के आधार पर इन महिलाओं की तलाश की जा रही है।
“मंजू देवी ने अपने 5 बच्चों को भूखमरी के कारण गंगा नदी में नहीं डुबाया है।" इससे पहले भदोही पुलिस ने मंजू के घर में बने खाने का फोटो पोस्ट करते हुए लिखा था कि मंजू के घर में खाना बना है। फोटो से स्पष्ट है कि भूखमरी के कारण बच्चों को नदी में नहीं डुबाया गया है।
"अगर तबलीगी लोगों को जान गए तो उन्हें भगवान की तरह पूजोगे। तबलीगियों ने अंग्रेजों को धूल चटाई थी और RSS के मुखबिरों ने अंग्रेजों के पैर की धूल चाटी थी। आरएसएस सिर्फ अंग्रेजों की गुलामी कर सकता है।"
पीठ ने कहा कि राज्यपाल खुद कोई फैसला नहीं ले रहे थे बल्कि केवल फ्लोर टेस्ट करने को कह रहे थे। अदालत ने कॉन्ग्रेस की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी के इस तर्क को खारिज कर दिया कि अगर सदन चल रहा हो तो राज्यपाल आदेश पारित नहीं कर सकते।
रक्सौल बॉर्डर पर भारतीय सुरक्षा कर्मियों ने जमातियों को रोकने का प्रयास किया था, मगर सभी जमाती जबरन नेपाल की सीमा में प्रवेश कर गए थे। यह सभी जमाती पाकिस्तान, इण्डानेशिया व भारत के थे। जिन्हें सीमा पार के बाद जालिम मुखिया ने शरण दी और उन्हें 10 बाइकों की व्यवस्था करके ले गया।
"यह झूठ है। कृपया ऐसे न्यूज पोस्ट न करें, जो इस संकट के समय में लोगों में दहशत पैदा करे। हमें एकत्रित होकर लड़ने की जरूरत है और इस महामारी से अवगत कर लोगों को मदद करनी चाहिए… घबराने की जरूरत नहीं है।"
जैसे ही मौलानाओं को क्वारंटाइन करने की सूचना फैली, सैकड़ों की भीड़ सड़क पर उतर आई। पुलिस और मौलाना को एक साथ देखकर लोगों ने हो-हल्ला करना शुरू कर दिया। शोर-गुल सुनकर आस-पास से तकरीबन 200 से अधिक लोगों की भीड़ वहाँ सिर्फ 5 मिनट में जुट गई।
"भारत के लोगों ने जिस तरह से इस पर अमल किया, हम उसका समर्थन करते हैं। हमारे पास इसका विस्तृत आँकड़ा नहीं है, लेकिन हमें लगता है कि आप लॉकडाउन के माध्यम से कोरोना के बहुत बड़े प्रकोप को रोकने में सक्षम हैं।"
इंटेलिजेंस ब्यूरो के मल्टी एजेंसी सेंटर (मैक) ने कई मोबाइल टावरों की मदद से 14 मार्च से लेकर 22 मार्च तक का एक बड़ा डेटा निकाला। इसके बाद आधिकारिक रजिस्टरों के माध्यम से, आईबी ने भारत के विभिन्न राज्यों से तबलीगी जमात में आए लगभग 4,000 सदस्यों के मोबाइल नंबरों और घरों/निवास स्थानों का पता लगाया, जो 13 मार्च से मरकज की बैठक में शामिल हुए थे।
बुक माय शो ने एक दिन पहले हुसैन हैदरी जैसे कट्टर इस्लामिस्ट को अपना मंच दिया था, उसे प्रमोट किया था। आज PM मोदी के लिए मौत माँगने वाली वामपंथी ट्रोल हरनिध कौर को अपना मंच दिया, उसे प्रमोट किया।
कहने की जरूरत नहीं कि यह कितनी जटिल सर्जरी थी। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने बताया कि जोड़ा गया हाथ पूरा सहयोग कर रहा है और जल्दी ही कुछ दिनों में पहले की तरह काम करने लगेगा।
शव को 45-60 मिनट की अवधि तक 800-1200 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर जलाया जाएगा। मुस्लिम समुदाय के तमाम विरोध के बावजूद भी स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह शवों के अंतिम संस्कार के आखिरी फैसले को परिवार और मजहब पर छोड़ने की इस माँग को कोरोना वायरस के संक्रमण की असीमित क्षमता को देखते हुए रद्द कर रहे हैं।
जर्नलिस्ट चित्रा त्रिपाठी आजतक का शो एंकर कर रही थीं। उन्होंने अपने शो में कह दिया कि ममता बनर्जी ने राज्य में लॉकडाउन को इस महीने की 40 तारीख तक बढ़ा दिया है।
उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक मौलवी को क्वारंटाइन करने गई पुलिस के विरोध में तबलीगी समाज से जुड़े हुए देवबंदी विचारधारा के सैकड़ों लोग विरोध में सड़क पर उतर आए। अल्लाह हो अकबर चिल्लाते हुए ये लोग...
पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ 'महामारी अधिनियम' के अंतर्गत मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। यह मामला सामने तब आया जब एक टिकटॉक यूजर ने इसका वीडियो टिकटॉक पर अपलोड कर दिया।
अप्रैल, 2020 को किए गए एक ट्वीट में 'कॉमरेड' अरुण नाम्बियार ने लिखा है- "तो ट्रम्प के अपनी पैंट की चेन खोलते ही भारत माता अपने घुटनों पर झुक गई?" यह ट्वीट अरुण नाम्बियार ने डोनाल्ड ट्रम्प के भारत से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की माँग करने के बाद किया है।
तथ्य यह है कि नवाब द्वारा दान देना तो दूर, गोरखनाथ मंदिर को दो बार मुस्लिम आक्रान्ताओं द्वारा नष्ट किया गया था। सबसे पहले इसे अलाउद्दीन खिलजी ने 14वीं सदी में नष्ट किया था। जिससे यह साबित होता है कि यह मंदिर 18वीं शताब्दी से भी पहले का है। इसके बाद फिर 18वीं सदी में भी...
इस बार निशाने पर "भारत" शब्द है। इसके पीछे जो कारण दिया गया है वह है 'भारत ' का एक संस्कृत शब्द होना और 'इंडिया' के लिए भारतीय भाषाओं में 'भारत' का उपयोग किया जाना।
पुलिस को मथुरा के भीमनगर में लॉकडाउन के उल्लंघन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किए जाने की सूचना मिली थी। पुलिस पहुॅंची तो देखा कि न केवल दुकानें खुली हुई थीं, बल्कि लोग खुले में ताश खेल रहे थे। मना करने पर वहाँ मौजूद कुछ लोगों ने पथराव शुरू किया था।
रात के 2 बजे जैसे ही एक व्यक्ति के कोरोना पॉजिटिव होने की सूचना आई, 1248 टीमें बना कर पूरे जिले में कोरोना के लक्षण वाले लोगों और उनके संपर्क में आने वालों को ट्रेस करने का अभियान शुरू किया गया। केंद्र सरकार ने भी अपनी डेली ब्रीफिंग के दौरान आगरा मॉडल का जिक्र किया। अब दूसरे राज्य भी इससे सीख रहे हैं।
“मैंने पंजाब के डीजीपी से अनुरोध किया है कि 2 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल की जाए। 10 दिनों के भीतर ट्रायल पूरा किया जाए। आरोपित को आजीवन कारावास दिया जाना चाहिए। इससे पूरे देश में एक संदेश जाएगा।”
लोटन के भाई बिरजू का कहना है कि उनका परिवार तभी तक सुरक्षित है, जब तक गाँव में पुलिस है। बिरजू ने कहा-"दुश्मनी बढ़ ही गई है। अब जाना ही पड़ेगा। हम 3-4 महीनों में गाँव छोड़ देंगे। दूसरा कोई विकल्प नहीं बचा है। पुलिस तो आज है, कल नहीं रहेगी।"
ठगों ने पीएनबी और यूनियन बैंक में दो फर्जी खाते खोले। हजारीबाग के करीब 200 लोगों ने इन खातों में यह समझ कर पैसा जमा किया कि वे पीएम रिलीफ फंड में दान दे रहे हैं। इन खातों में जमा राशि को ठग अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लेते थे।
मुँह ढके दो बाइक सवार आते हैं। सौ-सौ के पाँच नोटों पर थूक लगाते हैं और अलीगढ़ के एक गॉंव में फेंक फरार हो जाते हैं। उनकी यह हकरत एक महिला देख लेती है। ग्रामीणों को इसकी खबर देती है तो हड़कंप मच जाता है फिर...
जमातियों से जुड़े लगभग 15 हॉटस्पॉट हैदराबाद में हैं, जबकि बाकी 115 राज्य के अन्य जिलों में हैं। पुलिस और मेडिकल स्टाफ की 1300 टीमों की एक टास्क फोर्स को ऐसे 130 कंटेनमेंंट ज़ोन में तैनात किया गया है। आंध्र प्रदेश में लगभग 120 हॉटस्पॉट तबलीगी जमात के सदस्यों और...
"कोरोना वायरस पर दिल्ली सरकार के डेली बुलेटिन में 'मरकज़ रिलेटेड' वाला कॉलम इस्लामोफोबिया को बढ़ावा देने वाला है। ऐसा बेहूदा वर्गीकरण गोदी मीडिया और हिंदुत्ववादी ताकतों के आगे सरेंडर करने के सामान होगा।"
पुलिस पर हमले के बाद ये लोग गुरुद्वारे में छिप गए थे। अंदर से गोलीबारी भी की। पुलिसवालों को वहाँ से चले जाने के लिए कहा। गालियाँ और धमकी दी। बाद में कमांडो टीम ने गुरुद्वारे से 7 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
बहराइच पुलिस ने शहर के ताज और कुरैश मस्जिद से 17 विदेशियों समेत 21 तबलीगी जमातियों को 31 मार्च को हिरासत में लिया था। क्वारंटाइन में रखने के बाद इन सबका मेडिकल टेस्ट किया गया। रिपोर्ट नेगेटिव आई। क्वारंटाइन अवधि ख़त्म होते ही इन्हें जेल भेज दिया गया।
पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि हमले में ASI हरजीत सिंह का हाथ कट गया। इसके बाद उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई में एडमिट कराया गया है। हमले में कई अन्य पुलिसकर्मी और मंडी बोर्ड के अधिकारी घायल हुए हैं।
ये तथाकथित वैज्ञानिक ध्रुव राठी की तरह हैं। यूट्यूबर ध्रुव राठी 'फिलीपींस को आज़ादी कैसे मिली' से लेकर 'कोरोना वायरस कैसे काम करता है' तक, हर मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है। तभी उसकी तुलना 'राजा बाबू' फिल्म के गोविंदा से होती है।
"वे सारे गंदे काम करते हैं। खानपान में वे शुद्धता का पालन नहीं करते। साफ़-सफाई का भी ध्यान नहीं रखते। उन्होंने अपनी आदतों के कारण आज कोरोना से उपजी आपदा को यहाँ लाकर खड़ा कर दिया है।"
बडगाम जिले के वाथुरा गाँव पहुॅंची मेडिकल टीम ने जब एक संदिग्ध से ट्रेवल हिस्ट्री को लेकर पूछताछ की तो उसके परिजनों ने उन्हें बंधक बना लिया। पुलिस जब इन्हें छुड़ाने के लिए पहुॅंची तो भीड़ ने उस पर भी पथराव कर दिया।