शकुंतला हलदर अपने ही घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिलीं। उनके पति चंद्र हलदर घर के पिछले हिस्से में आम के पेड़ से लटके हुए थे। हत्या का आरोप सत्ताधारी दल टीएमसी के गुंडों पर लग रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि मृतक दंपती के बेटों को घर में घुसकर धमकी दी गई है।
भारतीय चिकित्सा अनुसन्धान परिषद ने बताया कि अभी तक उसने कुल 1,21,271 टेस्ट किए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने आश्वस्त किया कि देश में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की कोई कमी नहीं होगी। मंत्रालय ने कहा कि न कोई कमी है और न ही भविष्य में ऐसा होने की कोई संभावना है।
जब केंद्र सरकार लॉकडाउन को बढ़ाने को लेकर मंथन करने में जुटी है। इसके अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूदा स्थिति को देखते हुए लॉकडाउन बढ़ाने की सलाह दे चुके हैं। ताजा जानकारी के अनुसार 5 राज्यों मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और केरल के मुख्यमंत्री भी लॉकडाउन को बढ़ाए जाने के पक्ष में हैं।
जिन जिलों को सील किया जा रहा, वे हैं- वाराणसी, लखनऊ, महराजगंज, बस्ती, बुलंदशहर, नोएडा, गाज़ियाबाद, शामली, कानपुर, सीतापुर, मेरठ, सहारनपुर, आगरा, फ़िरोज़ाबाद और बरेली। आगरा में आज ही कोरोना वायरस से पहली मौत होने की ख़बर है।
आज विपक्षी नेताओं के साथ हुई सर्वदलीय बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि यह मुश्किल प्रतीत हो रहा है कि लॉकडाउन को जल्द ही खत्म किया जा सके। उन्होंने कहा कोरोना वायरस से पहले और उसके बाद का जीवन बिल्कुल भी एक सा नहीं रहेगा। कई सामाजिक, व्यवहारिक, व्यक्तिगत बदलाव होंगे।
सेवा भारती 1200 संस्थाओं के साथ मिल कर ये सुनिश्चित करने में जुटी है कि कोई इलाक़ा राहत के दायरे से बाहर न हो। 26 लाख लोगों के भोजन की जिम्मेदारी संगठन ने उठा रखी है। सबसे ज्यादा स्वयंसेवक केरल में लगाए गए हैं।
पत्थरबाजी की घटना को लेकर पुलिस ने नासिर, इस्लाम, समीर और सलीम को गिरफ्तार किया है। इन सब पर 'नेशनल सिक्योरिटी एक्ट' के तहत कार्रवाई की जाएगी। थूकने के मामले में मोइज अली और जुजेर हुसैन को गिरफ्तार किया गया है।
भारत द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद डोनॉल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करके मदद माँगी थी ताकि वे अमेरिका अपने देश में कोरोनोवायरस रोगियों की बढ़ती संख्या के इलाज के लिए 'हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन' की गोलियों की बिक्री की अनुमति दे सकें।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस दवा के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि भारत ने अपनी जरूरत के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाई के निर्यात पर रोक लगाई थी, लेकिन पीएम मोदी सही हैं, उन्होंने मदद की।
एक दिन में ही 18 जनाजे सिर्फ उन्हीं चार कब्रिस्तान में पहुँचे जो क्वारंटाइन एरिया के लिए ही हैं। 7 अप्रैल तक जितने भी कोरोना के कारण मौत के मामले आए उनमें से अकेले 13 सिर्फ़ इंदौर से हैं। इसलिए प्रशासन के लिए ये खुलासा एक चिंता का विषय है।
मामले की जाँच के लिए पुलिस परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाल सकती है। इस क्वारंटाइन सेंटर में 200 लोगों को रखा गया है, जो कि दिल्ली मरकज से जुड़े हुए हैं।
उन लोगों ने दोनों स्वास्थ्यकर्मियों को एनआरसी का सर्वे करने वाला बताया। फिर उनसे विवाद शुरू कर दिया। महिला द्वारा जोर-जोर से चिल्लाने पर आरोपित निगारा खातून सहित आसपास की करीब 30 महिलाएँ व कुछ पुरुष वहाँ पहुँच गए। सभी ने मिलकर दोनों स्वास्थ्यकर्मियों को घेर लिया और उनसे मारपीट की।
कोरोना से जंग लड़ने के लिए देश में जारी लॉकडाउन के बीच क्वारंटाइन सेंटर्स पर सांप्रदायिक टिप्पणी करने के बाद गिरफ्तार किए गए असम से विधायक अमीनुल इस्लाम के खिलाफ पुलिस ने देशद्रोह की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
इस समय खूफिया एजेंसियों के सूत्रों का हवाला देकर बताया जा रहा है कि हरियाणा सरकार ने साद की लोकेशन ट्रेस कर ली है और उसे पकड़ने के लिए एक टीम का गठन भी कर लिया गया है।
दोनों समुदाय के बीच घंटों चले पथराव में सौरभ, विवेक, इंद्रपाल, सुमित, टीटू, शरद, पुनीत, सोनू, पप्पू, माया, कल्लो, पूरन सहित कुल 12 लोग घायल हो गए। सभी को पुलिस ने अलीगढ़ के जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। वहीं पुलिस ने मौके पर पीछा कर प्रधान चमन खाँ पक्ष के 6 लोगों को हिरासत में ले लिया है।
ये वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रही है। कई लोग ये भी कह रहे हैं कि इस दौरान पार्षद को जान से मारने की धमकी दी गई और सरकारी कर्मचारियों को परेशान किया जाता रहा। इसलिए अब इनके ऊपर कोई कार्रवाई होगी या नहीं?
कुछ लोगों ने गाँव में कोरोना की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगे पोस्टरों को फाड़ दिया। इसके बाद देर रात गाँव में स्थित एक शिव मंदिर में शिवलिंग को तोड़कर उसे पास के ही कुएँ में फेंक दिया। इतना ही नहीं आरोपितों ने गाँव के दूसरे राधा-कृष्ण मंदिर में भी माँस का टुकड़ा फेंक दिया।
सरकारी और सार्वजनिक कंपनियों और संस्थाओं द्वारा किसी प्रिंट, टीवी या ऑनलाइन किसी भी प्रकार के एडवर्टाइजमेंट को प्रतिबंधित करने की सलाह की एनबीए ने निंदा की है। उसने कहा कि मीडिया के लोग इस परिस्थिति में भी जीवन संकट में डाल कर जनता के लिए काम कर रहे हैं और अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
ICMR के रमन गंगाखेडकर ने जानकारी देते हुए बताया कि पूरे देश में अब तक कोरोना वायरस के 1,07,006 टेस्ट किए गए हैं। वर्तमान में 136 सरकारी प्रयोगशालाएँ काम कर रही हैं। इनके साथ में 59 और निजी प्रयोगशालाओं को टेस्ट करने की अनुमति दी गई है, जिससे टेस्ट मरीज के लिए कोई समस्या न बन सके। वहीं 354 केस बीते सोमवार से आज तक सामने आ चुके हैं।
अपने पहले ट्वीट के क़रीब 13 घंटा बाद उसने ट्वीट करते हुए बताया कि वो न्यूज़ चैनलों की उन बातों को हलके में नहीं ले सकता और ऐसा करने वालों को क़ानून का सामना करना पड़ेगा। उसने कहा कि अब बहुत हो गया है। शोएब ने साथ ही 25 करोड़ लोगों वाली बात की भी 'व्याख्या' की।
भारत में तबलीगी जमात और यूनाइटेड किंगडम में इस्कॉन के आचरण की अगर बात करें तो तबलीगी जमात के विपरीत, इस्कॉन भक्त जानबूझकर संदिग्ध मामलों का पता लगाने से बचने के लिए कहीं भी छिप नहीं रहे, बल्कि सामने आकर सरकार का सहयोग और अपनी जाँच भी करा रहे हैं। उन्होंने तबलीगी जमात की तरह अपने कार्यक्रम में यह भी दावा नहीं किया कि उनके भगवान उन्हें इस महामारी से बचा लेंगे ।
चीन तो हमेशा से दुनिया को ऐसी आपदा देने में अभ्यस्त रहा है। इससे पहले भी कई ऐसे रोग और वायरस रहे हैं, जो चीन से निकला और जिन्होंने पूरी दुनिया में कहर बरपाया। आइए, आज हम उन 5 चीनी आपदाओं के बारे में बात करते हैं, जिसने दुनिया भर में तहलका मचाया।
विहिप प्रवक्ता ने आगे कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने मन्दिर से पहले देशवासियों के कुशलक्षेम हेतु पीएम केयर्स फण्ड में दान देकर बहुत बड़ी कृपा की है। अब इस फण्ड में कभी कोई कमी नहीं आएगी।
जितेंद्र ने पीएम मोदी द्वारा रविवार की रात 9 बजे 9 मिनट्स के लिए लाइट्स ऑफ करके दिये, मोमबत्ती जलाने के आव्हान का विरोध किया था। आव्हाड ने लोगों से कहा था कि वो पीएम मोदी का बायकाट करें। इंजीनियर ने जितेंद्र के इस बात का विरोध किया, जिसकी उसे 'सज़ा' दी गई।
“यहाँ पर दो परिवार रहकर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। अगर यहाँ पर हिन्दुओं का सिर्फ दो परिवार होता तो ये लोग कब का उजाड़ कर मार दिए होते, घर में आग लगा दिए होते। आज हमारे साथ हुआ है। कल को किसी और के साथ हो सकता है।”
अस्पताल से भागे कोरोना पाॅजिटिव नेपाल के सुनसारी निवासी 60 वर्षीय जमाती सफीद मियाँ का उपचार सीएचसी खेकड़ा में चल रहा था। यह उपचार के दौरान अस्पताल से भाग गया है। यह व्यक्ति जिन-जिन लोगों से मिला उन्हें जानलेवा कोरोना वायरस से संक्रमित कर देगा। जिस कारण इस व्यक्ति का उपचार होना अत्यधिक आवश्यक है।
पुलिस ने जमातियों व उनके मददगारों सलाउद्दीन, साहिल, खुदाद्दीन, शाकिर अली व हाजी हमीद के विरुद्ध धारा 188, 269, 271 आइपीसी व 51 बी आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया।
"PMNRF के विपरीत, पीएम केयर्स में ट्रस्टियों की जिम्मेदारी परिभाषित की गई है। PMNRF में सलाहकार बोर्ड का कोई प्रावधान नहीं है। इसमें ट्रस्ट के सदस्यों के रूप में प्रधानमंत्री, उप प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, कॉन्ग्रेस अध्यक्ष और टाटा ट्रस्ट के प्रतिनिधि और फिक्की का चुना गया उद्योग प्रतिनिधि हैं।"
कई राज्यों ने केंद्र सरकार से लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने की माँग की है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कहा कि पीएम मोदी को बिना किसी झिझक के लॉकडाउन की अवधि बढ़ा देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा और कोई रास्ता नहीं है जिससे कोरोना को रोका जा सके।
सोशल मीडिया पर इस खबर को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया महाराष्ट्र सरकार और पुलिस से अलग रही। लोगों का कहना है कि किसी को आतंकी कह देने भर से पुलिस उसे हिरासत में कैसे ले सकती है। और अगर ऐसा किया गया है तो क्या महाराष्ट्र की पुलिस उन सब को हिरासत में लेगी, जो आए दिन प्रधानमंत्री को आतंकवादी और हत्यारा कहती फिरती है।
एक नए फेसबुक वीडियो में शाहरुख़ अदनान ने दावा किया है कि फेसबुक पर उसके नाम पर कई फेक एकाउंट्स चल रहे हैं। उसका कहना है कि वह उसकी असली ID नहीं है, एवं उसने पुलिस को इसकी जाँच करने कहा है।
ना केवल अपनी सेवाओं से बल्कि रेलवे आर्थिक स्तर पर भी देश की मदद कर रहा है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट करके बताया कि उन्होंने व रेल राज्य मंत्री ने अपनी एक महीने की सैलरी व रेलवे के 13 लाख कर्मचारियों व PSU के सभी कर्मचारियों ने अपनी 1 दिन की सैलरी PM-CARES फंड में देने का निर्णय किया। इसका कुल योगदान 151 करोड़ हुआ।
पाकिस्तान में डॉक्टरों का विरोध-प्रदर्शन देश में सुरक्षा उपकरणों की भारी कमी को लेकर सरकार की नीतियों के खिलाफ था। डॉक्टरों के उग्र होने की वजह एक यह भी है कि वहाँ अब तक 13 डॉक्टरों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इतना ही नहीं, एक डॉक्टर और एक नर्स की कोरोना से मौत भी हो चुकी है वहाँ।
एम्स के एक नर्स का कहना है कि ग़लती डॉक्टर की ही है लेकिन जानबूझ कर उसे हीरो बनाया जा रहा है। मीडिया में फैलाया जा रहा है कि वो मरीजों का इलाज करते हुए बीमार पड़ा, उसे मरीजों से संक्रमण हुआ। मुस्लिम होने के कारण उसकी पहचान छिपाई जा रही है।
3 कमांडोज और पाँच आतंकवादियों के शव 5 मीटर के दायरे में मिले हैं। इससे साफ है कि इनके बीच आमने-सामने की लड़ाई हुई है। इन आतंकियों के पास से पाकिस्तान में बने खाद्य सामग्री, कपड़े और मिलिट्री इक्विपमेंट बरामद हुए हैं।
महिला के परिवार की तरफ से शव लेने से इंकार करने के बाद सारी औपचारिकताएँ ड्यूटी मजिस्ट्रेट जगसीर सिंह ने पूरी की और शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुँचाया। परिजन अंतिम संस्कार को दूर अपनी कार में ही बैठकर देखते रहे। वे कार से उतरे भी नहीं।
जमातियों के एक जगह पर एकत्र होने की सूचना पर पहुँचे दो सिपाहियों को पीटने के बाद करीब 200 लोग एकत्र हो गए और पुलिस चौकी पर हमला कर दिया। भीड़ ने पुलिस चौकी को फूँकने का भी प्रयास किया।
पुलिस के पास पहुँची ऑडियो क्लिप में विधायक दावा कर रहा है कि क्वारंटाइन सेंटर्स में लोग मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं, जबकि वास्तविकता में वो बिलकुल फिट और स्वस्थ हैं। वे वहाँ स्वस्थ लोगों को इंजेक्शन देते हैं, ताकि वो बीमार हो जाएँ और कोरोना मरीज बन जाएँ।
ग्वालियर में 18 मार्च को मरकज़ से लौटे 14 जमातियों की शिनाख्त हुई है। इनमें से 6 जमाती ही जंगल के अंदर दावलपीर दरगाह में छिपकर मुर्गा पार्टी कर रहे थे। जिसकी सूचना मिलने के बाद पुलिस ने इन्हें 144 का उल्लंघन करने पर पकड़ लिया।
"तबलीगी जमात की दुर्भाग्यपूर्ण घटना का इस्तेमाल पूरे मुस्लिम समुदाय को दोष देने में किया जा रहा है। मुस्लिम समाज के लोगों को गलत तरीके से पेश करने की वजह से मुस्लिमों की जिंदगी और उनकी आजादी को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इस वजह से संविधान की धारा-21 के तहत मिले जीवन के अधिकार का उल्लंघन हो रहा है।"
"सतलखा गाँव में जहाँ पर यह घटना हुई है, वहाँ पर कुछ घर इस्लाम धर्म को मानने वाले हैं। जब हिंदू परिवारों ने उनसे लाइट बंद कर दीप जलाने के लिए कहा, तो वो गाली-गलौज करने लगे। इसी बीच कैली देवी उनको मना करने गईं कि गाली-गलौज क्यों करते हो, ये सब मत करो। तभी उन लोगों उनका गला पकड़कर..."
जमातियों की इस हरकत की सूचना सफाईकर्मी ने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। इस हरकत की खबर फौरन नरेला इंडस्ट्रियल थाना पुलिस को दी गई और पुलिस ने बाराबंकी निवासी मो. फहद और अदनान जहीर के खिलाफ मामला दर्ज किया।
शाहिद कबूतर, मजिद मामू और मोहसिन कचौड़ी ने मिलकर दो पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। जब तक बाकी पुलिस कर्मी उनके पास मदद करने पहुँचते, आरोपित हमला कर भागने में कामयाब हो गए। तीनों के साथ घूम रहे 15 लोगों की तलाश की जा रही है।
राज्य में एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई जा चुकी है जो इस बात की जाँच करेगी कि जिनकी मृत्यु कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद हुई है क्या वाकई उनकी मौत का कारण कोरोना संक्रमण ही है।
हरिद्वार में जमातियों की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की गई है। देहरादून के डोईवाला में केशवपुरी और झबरावाला बस्ती को सील कर दिया गया है। यहाँ दो जमाती कोरोना पॉजिटिव पाए गए। जो 64 जमाती प्रशासन के सामने आए हैं, वो तबलीगी जमात से जुड़े हैं।
विकिलीक्स के दस्तावेजों के अनुसार, अमेरिका द्वारा हिरासत में लिए गए 9/11 आतंकी हमले के कुछ अलकायदा संदिग्ध कई साल पहले दिल्ली स्थित निजामुद्दीन तबलीगी जमात परिसर में रुके थे। वहीं, 2003 की न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में खुलासा किया गया था कि ये लोग भारत के ग्रामीण इलाकों से शुरू होकर विश्वभर में 'धार्मिक उपदेशक' के नाम पर फैलते गए।
अब तक सरकार 20 लाख एन-95 मास्क्स को विभिन्न अस्पतालों में मुहैया करा चुकी है। इस हिसाब से अभी फ़िलहाल देश में 16 लाख एन-95 मास्क उपलब्ध होने की बात सरकार ने बताई है। जिन राज्यों में कोरोना वायरस के मामले ज्यादा हैं, उन्हें इन चीजों की ज्यादा सप्लाई दी जा रही है।
राजदीप सरदेसाई इसे 'ब्लडी दिवाली' कहते हैं। अरशद वारसी को देश की जनता 'स्टुपिड' नज़र आती है। सोनम कपूर का कुत्ता डर जाता है। शशि थरूर का पॉवर ग्रिड फेल हो जाता है। आख़िर जमातियों का मजहब न देखने की सलाह देने वालों ने '9 बजे 9 मिनट्स' में धर्म कैसे ढूँढ लिया?
पिछले 24 घंटों में दिल्ली में एक व्यक्ति की मौत हुई है। 25 ऐसे मरीज हैं, जिन्हें आईसीयू में रखा गया है। 8 को वेंटीलेटर की ज़रूरत पड़ी है। बाकियों की स्थिति अभी ठीक है। दिल्ली के सीएम ने माना है कि मरकज़ में हुए इस्लामी कार्यक्रम से ही कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि हुई है।