“यहाँ पर दो परिवार रहकर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। अगर यहाँ पर हिन्दुओं का सिर्फ दो परिवार होता तो ये लोग कब का उजाड़ कर मार दिए होते, घर में आग लगा दिए होते। आज हमारे साथ हुआ है। कल को किसी और के साथ हो सकता है।”
अस्पताल से भागे कोरोना पाॅजिटिव नेपाल के सुनसारी निवासी 60 वर्षीय जमाती सफीद मियाँ का उपचार सीएचसी खेकड़ा में चल रहा था। यह उपचार के दौरान अस्पताल से भाग गया है। यह व्यक्ति जिन-जिन लोगों से मिला उन्हें जानलेवा कोरोना वायरस से संक्रमित कर देगा। जिस कारण इस व्यक्ति का उपचार होना अत्यधिक आवश्यक है।
पुलिस ने जमातियों व उनके मददगारों सलाउद्दीन, साहिल, खुदाद्दीन, शाकिर अली व हाजी हमीद के विरुद्ध धारा 188, 269, 271 आइपीसी व 51 बी आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया।
"PMNRF के विपरीत, पीएम केयर्स में ट्रस्टियों की जिम्मेदारी परिभाषित की गई है। PMNRF में सलाहकार बोर्ड का कोई प्रावधान नहीं है। इसमें ट्रस्ट के सदस्यों के रूप में प्रधानमंत्री, उप प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, कॉन्ग्रेस अध्यक्ष और टाटा ट्रस्ट के प्रतिनिधि और फिक्की का चुना गया उद्योग प्रतिनिधि हैं।"
कई राज्यों ने केंद्र सरकार से लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने की माँग की है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कहा कि पीएम मोदी को बिना किसी झिझक के लॉकडाउन की अवधि बढ़ा देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा और कोई रास्ता नहीं है जिससे कोरोना को रोका जा सके।
सोशल मीडिया पर इस खबर को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया महाराष्ट्र सरकार और पुलिस से अलग रही। लोगों का कहना है कि किसी को आतंकी कह देने भर से पुलिस उसे हिरासत में कैसे ले सकती है। और अगर ऐसा किया गया है तो क्या महाराष्ट्र की पुलिस उन सब को हिरासत में लेगी, जो आए दिन प्रधानमंत्री को आतंकवादी और हत्यारा कहती फिरती है।
एक नए फेसबुक वीडियो में शाहरुख़ अदनान ने दावा किया है कि फेसबुक पर उसके नाम पर कई फेक एकाउंट्स चल रहे हैं। उसका कहना है कि वह उसकी असली ID नहीं है, एवं उसने पुलिस को इसकी जाँच करने कहा है।
ना केवल अपनी सेवाओं से बल्कि रेलवे आर्थिक स्तर पर भी देश की मदद कर रहा है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट करके बताया कि उन्होंने व रेल राज्य मंत्री ने अपनी एक महीने की सैलरी व रेलवे के 13 लाख कर्मचारियों व PSU के सभी कर्मचारियों ने अपनी 1 दिन की सैलरी PM-CARES फंड में देने का निर्णय किया। इसका कुल योगदान 151 करोड़ हुआ।
पाकिस्तान में डॉक्टरों का विरोध-प्रदर्शन देश में सुरक्षा उपकरणों की भारी कमी को लेकर सरकार की नीतियों के खिलाफ था। डॉक्टरों के उग्र होने की वजह एक यह भी है कि वहाँ अब तक 13 डॉक्टरों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इतना ही नहीं, एक डॉक्टर और एक नर्स की कोरोना से मौत भी हो चुकी है वहाँ।
एम्स के एक नर्स का कहना है कि ग़लती डॉक्टर की ही है लेकिन जानबूझ कर उसे हीरो बनाया जा रहा है। मीडिया में फैलाया जा रहा है कि वो मरीजों का इलाज करते हुए बीमार पड़ा, उसे मरीजों से संक्रमण हुआ। मुस्लिम होने के कारण उसकी पहचान छिपाई जा रही है।
3 कमांडोज और पाँच आतंकवादियों के शव 5 मीटर के दायरे में मिले हैं। इससे साफ है कि इनके बीच आमने-सामने की लड़ाई हुई है। इन आतंकियों के पास से पाकिस्तान में बने खाद्य सामग्री, कपड़े और मिलिट्री इक्विपमेंट बरामद हुए हैं।
महिला के परिवार की तरफ से शव लेने से इंकार करने के बाद सारी औपचारिकताएँ ड्यूटी मजिस्ट्रेट जगसीर सिंह ने पूरी की और शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुँचाया। परिजन अंतिम संस्कार को दूर अपनी कार में ही बैठकर देखते रहे। वे कार से उतरे भी नहीं।
जमातियों के एक जगह पर एकत्र होने की सूचना पर पहुँचे दो सिपाहियों को पीटने के बाद करीब 200 लोग एकत्र हो गए और पुलिस चौकी पर हमला कर दिया। भीड़ ने पुलिस चौकी को फूँकने का भी प्रयास किया।
पुलिस के पास पहुँची ऑडियो क्लिप में विधायक दावा कर रहा है कि क्वारंटाइन सेंटर्स में लोग मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं, जबकि वास्तविकता में वो बिलकुल फिट और स्वस्थ हैं। वे वहाँ स्वस्थ लोगों को इंजेक्शन देते हैं, ताकि वो बीमार हो जाएँ और कोरोना मरीज बन जाएँ।
ग्वालियर में 18 मार्च को मरकज़ से लौटे 14 जमातियों की शिनाख्त हुई है। इनमें से 6 जमाती ही जंगल के अंदर दावलपीर दरगाह में छिपकर मुर्गा पार्टी कर रहे थे। जिसकी सूचना मिलने के बाद पुलिस ने इन्हें 144 का उल्लंघन करने पर पकड़ लिया।
"तबलीगी जमात की दुर्भाग्यपूर्ण घटना का इस्तेमाल पूरे मुस्लिम समुदाय को दोष देने में किया जा रहा है। मुस्लिम समाज के लोगों को गलत तरीके से पेश करने की वजह से मुस्लिमों की जिंदगी और उनकी आजादी को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इस वजह से संविधान की धारा-21 के तहत मिले जीवन के अधिकार का उल्लंघन हो रहा है।"
"सतलखा गाँव में जहाँ पर यह घटना हुई है, वहाँ पर कुछ घर इस्लाम धर्म को मानने वाले हैं। जब हिंदू परिवारों ने उनसे लाइट बंद कर दीप जलाने के लिए कहा, तो वो गाली-गलौज करने लगे। इसी बीच कैली देवी उनको मना करने गईं कि गाली-गलौज क्यों करते हो, ये सब मत करो। तभी उन लोगों उनका गला पकड़कर..."
जमातियों की इस हरकत की सूचना सफाईकर्मी ने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। इस हरकत की खबर फौरन नरेला इंडस्ट्रियल थाना पुलिस को दी गई और पुलिस ने बाराबंकी निवासी मो. फहद और अदनान जहीर के खिलाफ मामला दर्ज किया।
शाहिद कबूतर, मजिद मामू और मोहसिन कचौड़ी ने मिलकर दो पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। जब तक बाकी पुलिस कर्मी उनके पास मदद करने पहुँचते, आरोपित हमला कर भागने में कामयाब हो गए। तीनों के साथ घूम रहे 15 लोगों की तलाश की जा रही है।
राज्य में एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई जा चुकी है जो इस बात की जाँच करेगी कि जिनकी मृत्यु कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद हुई है क्या वाकई उनकी मौत का कारण कोरोना संक्रमण ही है।
हरिद्वार में जमातियों की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की गई है। देहरादून के डोईवाला में केशवपुरी और झबरावाला बस्ती को सील कर दिया गया है। यहाँ दो जमाती कोरोना पॉजिटिव पाए गए। जो 64 जमाती प्रशासन के सामने आए हैं, वो तबलीगी जमात से जुड़े हैं।
विकिलीक्स के दस्तावेजों के अनुसार, अमेरिका द्वारा हिरासत में लिए गए 9/11 आतंकी हमले के कुछ अलकायदा संदिग्ध कई साल पहले दिल्ली स्थित निजामुद्दीन तबलीगी जमात परिसर में रुके थे। वहीं, 2003 की न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में खुलासा किया गया था कि ये लोग भारत के ग्रामीण इलाकों से शुरू होकर विश्वभर में 'धार्मिक उपदेशक' के नाम पर फैलते गए।
अब तक सरकार 20 लाख एन-95 मास्क्स को विभिन्न अस्पतालों में मुहैया करा चुकी है। इस हिसाब से अभी फ़िलहाल देश में 16 लाख एन-95 मास्क उपलब्ध होने की बात सरकार ने बताई है। जिन राज्यों में कोरोना वायरस के मामले ज्यादा हैं, उन्हें इन चीजों की ज्यादा सप्लाई दी जा रही है।
राजदीप सरदेसाई इसे 'ब्लडी दिवाली' कहते हैं। अरशद वारसी को देश की जनता 'स्टुपिड' नज़र आती है। सोनम कपूर का कुत्ता डर जाता है। शशि थरूर का पॉवर ग्रिड फेल हो जाता है। आख़िर जमातियों का मजहब न देखने की सलाह देने वालों ने '9 बजे 9 मिनट्स' में धर्म कैसे ढूँढ लिया?
पिछले 24 घंटों में दिल्ली में एक व्यक्ति की मौत हुई है। 25 ऐसे मरीज हैं, जिन्हें आईसीयू में रखा गया है। 8 को वेंटीलेटर की ज़रूरत पड़ी है। बाकियों की स्थिति अभी ठीक है। दिल्ली के सीएम ने माना है कि मरकज़ में हुए इस्लामी कार्यक्रम से ही कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि हुई है।
ये सब शुरू हुआ अलका द्वारा भाजपा नेताओं को संघ की नाजायज पैदाइश बताने से। पीएम मोदी की तस्वीर ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा कि संघ का भले राजनीति से कोई लेना-देना नहीं हो लेकिन सारे भाजपा नेता संघ की ही नाजायज औलाद हैं।
जनसंघ की जड़ें RSS और अन्य धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रवादी आन्दोलनों और संगठनों से जुड़ी थीं। इसीलिए, भाजपा का इतिहास समझने के लिए हमें संघ के साथ-साथ आर्य समाज और हिन्दू महासभा के इतिहास को भी देखना पड़ेगा। आज के 'घर वापसी' अभियान को ही लें तो इसकी जड़ें आर्य समाज के शुद्धि आंदोलन में है।
”आप हिंदुओं को इस्लामोफोबिया का शिकार कहते हो, मुस्लिमों के लिए नफरत फैलाने वाला बोलते हो। मेरे जैसा इंसान जिसने इंसान को इंसान समझा, धर्म के रंग से नही तोला, पर आए दिन आप लोग जो मुझपे झुंड बनाकर सोशल मीडिया पर धमकियाँ देते हो उससे मुझे मुसलमानो से डर लगने लगा है।”
मेहता की पत्नी ने पड़ोसी के साथ लड़ाई शुरू कर दी और जल्द ही चेतन भी इस लड़ाई में शामिल हो गया। इसी समय डॉक्टर ने पूरी घटना को रिकॉर्ड किया और विधायक को इसके बारे में सूचित किया। इसके बाद अदजान पुलिस ने मौके पर जाकर मेहता को गिरफ्तार कर लिया।
तबलीग़ी जमात का एक सदस्य मोहम्मद आलम सीधे तौर पर मौलाना साद को इस सबका जिम्मेदार ठहराते हुए कहता है कि मौलाना साद ने अपने अज्ञान और जिद के कारण समुदाय को इस महामारी के मुँह में ढकेल दिया है। लियाकत अली खान नाम का दूसरा व्यक्ति सवाल करता है कि वो छिपा क्यों बैठा है, क्यों नहीं अपनी वायरस जाँच करवा रहा?
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में नर्सों और मेडिकल स्टाफ के साथ अभद्रता करने के आरोप में एक जमाती को जेल भेज दिया गया है। मामला पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल का है। यह कार्रवाई डीएम के आदेश के बाद की गई।
असम सरकार ने अब तक 491 सैम्पलों को एकत्रित कर लिया है, अर्थात इतने लोगों की पहचान हो चुकी है। बाकी बचे लोगों की पहचान के लिए राज्य सरकार विभिन्न मस्जिद कमिटियों से संपर्क साध रही है। शर्मा ने बताया कि सभी के सैम्पल एकत्रित करते की कोशिश की जा रही है।
यह पहली बार नहीं है जब कॉन्ग्रेस को दूसरों के क्रिएटिव आइडिया को चुराते हुए और उन्हें ओरिजिनल आइडिया के रुप मे पेश करते हुए पकड़ा गया है। इससे पहले भी कॉन्ग्रेस पार्टी कई बार इस तरह की हरकतें कर चुकी है। 2017 में कॉन्ग्रेस ने कार्टूनिस्ट सतीश आचार्य के आर्ट वर्क को चुराया था। पार्टी ने इसमें से भी लोगो को हटा दिया था।
प्राइम टाइम देखना फिर भी जारी रखूँगा, क्योंकि मुझे गर्व है आप पर कि आप लोगों की भलाई सोचते हैं। बीच में किसी दिन थूकने वालों और वार्ड में अभद्र व्यवहार करने वालों पर भी प्राइम टाइम कीजिएगा। और हाँ! इस काम के लिए निधि कुलपति जी या नग़मा जी को मत भेज दीजिएगा। आप आएँगे तो आपका देशप्रेम सामने आएगा, और उसे दिखाने में झिझक क्यूँ?
जिन झोपड़ियों में आग लगी, और जिनका इससे नुकसान हुआ, वो हिंदू समुदाय के थे। झोपड़ियों में आग लगने से कम से कम तीन बच्चे जिंदा जल गए। जबकि एक महिला बुरी तरह से झुलस गई।
कोरोना के मद्देनजर क्वारंटाइन किए गए लोगों के फोन नंबर एसएचओ को मुहैया कराया गया था। जिनका इस्तेमाल क्वारंटाइन किए गए लोगों की मूवमेंट जानने के लिए किया गया।
40 डॉक्टरों के अलावा अस्पताल के 30 अन्य कर्मचारी भी है जिन्हें इस मरीज के कारण क्वारंटाइन किया गया। इनमें नर्स, अभिभावक और सफाईकर्मचारी शामिल हैं। इनके सैंपल भी टेस्ट के लिए भेजे गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- "समानो मंत्र: समिति: समानी। समानम् मनः सह चित्तम् एषाम्।" इसका अर्थ है कि हमारे विचार, हमारे संकल्प और हमारे हृदय एकजुट होने चाहिए। उन्होंने '9 बजे 9 मिनट' के तहत रविवार की रात लोगों द्वारा दिए और कैंडल जलाने की बात करते हुए इसे सफल बताया।
ये मुस्लिम भीड़ कभी स्वास्थ्यकर्मियों पर थूककर तो कभी उनके साथ मारपीट करके अपने जाहिलपने का लगातार उदहारण पेश कर रही हैं। हालत ये हो गई है कि ये लोग जिन्हें प्रशासन स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने की कोशिशों में जुटा है, वे लोग उनके लिए सिरदर्दी का सबब बन गए हैं। इनके बेहूदे रवैये से इस समय न केवल अस्पताल प्रशासन बल्कि पुलिस प्रशासन भी त्रस्त है।
बालाजी मंदिर में प्रधानमंत्री के आह्वान पर रूकमानंद सैनी, मनोज सैनी, जीनकूदेवी, कैलाश, सुशीलकुमार तथा भागूराम द्वारा दीपक जलाए जा रहे थे। तभी अचानक सद्दाम, शाहरुख, जावेद, अरशद, एजाज, जाबिर ने आकर उनसे दीपक जलाने से मना किया। इस पर विवाद शुरू हो गया। जिसके बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उन पर पथराव शुरू कर दिया।
साकिब तंजील नाम के एक युवक ने जहीर खान की फोटो पर कमेंट करते हुए लिखा, “तुम मरकज के साथ क्यों नहीं खड़े होते हो?” साद खान जैसे कई अन्य यूजर्स ने साकिब तंजील के कमेंट का समर्थन किया। वहीं असद पठान ने कहा, “अंधभक्तों की तरह तुम भी दिया जला रहे हो।”
ये सभी लोग दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में छुपे हुए थे। लॉकडाउन के दौरान भारत में फँसे अन्य मलेशियाई नागरिकों को स्वदेश पहुँचाने के लिए मलेशियाई उच्चायोग द्वारा विशेष विमान की व्यवस्था की गई थी। इन 8 जमातियों ने इस विशेष उड़ान का अनुचित लाभ उठाने की कोशिश की।
आँध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में स्थित रयावरम गाँव से एक पादरी हिरासत में लिया गया। पादरी पर आरोप है कि उसने लॉकडाउन के बीच 100 से अधिक लोगों को एक जगह इकट्ठा कर प्रार्थना करवाई। ये कार्यक्रम इसाइयों के पवित्र सप्ताह शुरू होने से पहले आयोजित किया गया।
मेडिकल टीम के सदस्यों को स्थानीय लोगों ने दौड़ा दिया। गिरते-पड़ते किसी तरह टीम वहाँ से जान बचाकर भागी। भीड़ इतनी उग्र थी कि उनके पास भागने के अवाला कोई और विकल्प नहीं था। पहले तो स्थानीय लोगों ने गाली-गलौज की और फिर इन पर हमला कर दिया।
सोचने वाली बात है कि आखिर कोई आयरिश अखबार भारत की इस छोटी सी सूचना को अपनी मुख्य हेडलाइन क्यों बनाएगा? इस समय तो भारत में कई लोग ऐसे हैं जो बड़ा-बड़ा दान कर रहे हैं, तो फिर आयरिश अखबार सिर्फ मो. साद को ही क्यों चुनता?
कैफ ने अपनी पत्नी के साथ 9 मिनट के लिए मोमबत्ती जलाते हुए साफ किया कि वे ये सब उन योद्धाओं के लिए कर रहे हैं, जो हमारी जान बचाने के लिए अपनी जान को खतरे में डाले हुए हैं। मगर, इस्लामी कट्टरपंथियों को इससे क्या? वे तो यहाँ भी कैफ को मजहब का पाठ पढ़ाने लगे, अपशब्द बोलने लगे।