कुलपति ने मामले की जाँच के लिए एक कमेटी भी बना दी है, लेकिन छात्र चाहते हैं कि इन दोनों प्रोफ़ेसरों की सेवाएँ तत्काल प्रभाव से निलंबित की जाएँ। साथ ही छात्रों ने कहा कि उनके विरोध प्रदर्शन के बारे में गलत अफ़वाहें भी उड़ाई जा रहीं हैं।
पुलिस ने फ़ुफ़ेरे भाई के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर लिया है। खबरों में यह भी कहा जा रहा है कि चूँकि वह खुद भी नाबालिग है, अतः उसे किशोर न्यायालय के सामने पेश किया जाएगा।
1991 के प्लेसेज़ ऑफ़ वर्शिप एक्ट के हिसाब से भी इस स्थल का 15 अगस्त, 1947 को मूल स्वरूप हिन्दू मंदिर ही था। इस धार्मिक स्वरूप की तस्दीक करने और ऐतिहासिक परिस्थितियों के साक्ष्य इकट्ठा करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) से सर्वेक्षण कराया जाना जरूरी है।
मुर्शिदाबाद बांग्लादेश से सटा एक जिला है। जहाँ आज जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन उग्र हो गया। साथ ही पश्चिम बंगाल से पुलिस बल पर पत्थरबाजी और आगजनी की खबर भी आ रही है। प्रदर्शनकारियों ने कई जगह टायर जलाकर सड़क जाम किया तो कई जगह सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुँचाया।
नए क़ानून के तहत रिकॉर्ड समय सात दिनों के भीतर यौन अपराधों के मामलों की जाँच और चार्जशीट दाखिल करने की तारीख से 14 कार्य दिवसों के भीतर मुक़दमे को पूरा करने की बात कही गई है। नए पारित क़ानून के तहत सज़ा के ख़िलाफ़ अपील को छ: महीने के अंदर निपटाना होगा।
कुछ लोगों ने महात्मा गाँधी का नाम भी सुझाया तो छात्रों ने यह कहकर इसे ख़ारिज किया कि वाराणसी में पहले से ही महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ है। उन्होंने कहा कि सावरकर का नाम भी चल सकता है क्योंकि वो भी महामना के सहयोगी रहे हैं।
भारतीयों ने जिन सवालों के जवाब सबसे ज्यादा तलाशे वे राजनैतिक और सामाजिक क्षेत्र के अलावा खेल और मनोरंजन से भी जुड़े हैं। यहॉं तक कि होली के रंग कैसे छुड़ाए, यह सवाल भी गूगल से पूछा गया। जाने कौन से थे टॉप 20 सवाल।
सीएम अशोक गहलोत के गृह जिले में बच्चियों के साथ हो रहा था अमानवीय व्यवहार। अनजान आदमियों से मिलने के लिए किया जाता था मजबूर। भूखा रखती थी असमां, नहीं देती थी सेनेट्री पैड।
"पाकिस्तान में आतंकवादियों को सुरक्षित ठिकानों में प्रशिक्षित किया जाता है। बच्चों और युवाओं को किताबों की जगह बंदूक दी जाती हैं, महिलाओं पर अत्याचार किया जाता है, और अल्पसंख्यकों को सताया जाता है।"
इस सूची में भारत की 3 महिलाओं को जगह दी गई है। 23 महिला पहली बार सूची में आईं हैं। स्वतंत्र रूप से वित्त मंत्रालय का कार्यभार सॅंभालने वाली निर्मला सीतारमण पहली महिला हैं। वे रक्षा मंत्री भी रह चुकी हैं।
नागरिकता संशोधन बिल में प्रावधान है कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए हिन्दू, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध एवं पारसी समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना है।
अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर... एक ही झूठ बार-बार। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर J&K हाई कोर्ट के जजों ने जॉंच कर खोल दी पोल। अब सिद्धार्थ वरदराजन को बताना चाहिए जेलों में बंद करीब 150 नाबालिग कहाँ गए? या फिर पाकिस्तान से हुई किस 'डील' के तहत यह झूठ फैलाया गया।
श्रीनगर-बारामूला रोड पर स्थित ये गुरुद्वारा पाकिस्तान से आए परिवारों की सेवा के लिए जाना जाता है। यहाँ लंगर के अलावा सामाजिक सेवा कार्य होते हैं। बाढ़ पीड़ितों और भूकंप पीड़ितों को शरण देना इसमें शामिल है।
ट्विटर पर NDTV 'तांत्रिक' लिखकर इसे बेचता है ताकि कोई पढ़े तो लगे कि अपराधी हिन्दू होगा। ऐसा NDTV ने पहली बार नहीं किया है ऐसे हरकतें लगातार करता रहा है। अपने दर्शकों को झूठे और ट्विस्टेड सूचनाओं से बरगला कर एक मजहब को बचाने और हिन्दुओं और इसके प्रतीकों को बदनाम कर, वामपंथी और देश विरोधी विचारधारा से पोषित ऐसे न्यूज़ चैनल जो समाज में केवल समुदाय चहेता बनने के लिए हिन्दुओं को हर संभव बदनाम करने का खेल खुलेआम खेलते रहे हैं।
लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन ने हार कबूल करते हुए इस्तीफा दे दिया है। चुनाव से पहले उनसे कॉन्ग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने भी मुलाकात की थी। साथ ही आतंकी संगठन जेकेएलएफ ने लेबर पार्टी को चुनाव में समर्थन का ऐलान किया था।
"गाँधी खानदान के सदस्य ने कहा है कि महिलाओं का बलात्कार होना चाहिए। देश में हर कोई बलात्कारी नहीं है। जो बलात्कारी है उसे कानून सजा देता है। हर महिला को कलंकित नहीं किया जा सकता है, इस पर एक्शन लेना चाहिए।"
नागरिकता (संशोधन) विधेयक को राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही यह कानून बन गया है। इससे पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक शरणार्थियों को नागरिकता मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
प्रीति रेड्डी की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई थी। फिर लाश को जला दिया गया। इस मामले में मोहम्मद पाशा, नवीन, चिंताकुंता केशावुलु और शिवा को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
यकीनन, अफगानिस्तान में तालिबान का प्रभाव पूरी तरह खत्म अब भी नहीं हो पाया है। लेकिन उसके जख्मों पर जोहरा का संगीत मरहम जैसा ही है। दुआ करिए बदलाव की बयार बनी इन बेटियों को फिर से कट्टरपंथियों की नजर न लगे।
यूॅं तो नॉर्थ ब्लॉक ने कई गृह मंत्री देखे हैं। पटेल से लेकर शाह तक। पर ज्यादातर के नाम भी याद नहीं आते। कड़े फैसलों की वजह से पटेल याद किए जाते हैं। शाह भी उसी राह पर हैं। लेकिन, कुछ ऐसे भी हुए हैं जो आतंकी हमले के वक्त भी हर घंटे सूट बदल रहे थे।
15 साल की बच्ची हाफिजगंज के ग्राम कमुआ में हाईस्कूल की छात्रा है। जब वह स्कूल जा रही थी तो गाँव के तीन युवकों की नजर उस पर पड़ी... दो को ग्रामीणों ने दबोचा, एक फरार। दो समुदायों से मामला जुड़ा होने के कारण गॉंव में पसरा तनाव।
"देश का इकलौता प्रतीक चिह्न अशोक स्तम्भ ही नहीं है। मंत्रालय की नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इस विषय को सम्बोधित करते हुए कहा, "यह प्रतीक हमारा राष्ट्रीय फूल है और फर्जी पासपोर्ट को पहचानने के लिए सिक्यॉरिटी फीचर मजबूत करने का एक कदम है।"
महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री शरद पवार ने हमलों के तुरंत बाद दूरदर्शन स्टूडियो में जाकर बोला था और घोषणा की थी कि कुल 13 धमाके हुए हैं। उन्होंने न जाने कहाँ से एक अतिरिक्त विस्फोट की ‘खोज’ कर ली थी। पवार ने कहा था कि मस्जिद बंदर में 13वाँ विस्फोट हुआ था।
रायपुर में दो बहनों की हत्या करने के मामले में एक नाबालिग सहित तीन आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपित शोएब अहमद अंसारी (25) उर्फ सैफ, गुलाम मुस्तफा (18) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ जारी है।
इस मामले में 13 दिसंबर को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में गवाही होनी है। लेकिन, उससे पहले ही आरोपितों ने पीड़िता के घर के बाहर धमकी भरा पोस्टर लगाकर पूरे परिवार को दहशत में डाल दिया। इसके अलावा, आरोपित पक्ष पीड़िता को कई बार जान से मारने की धमकी दे चुका है।
लोकसभा के बाद बुधवार (11 दिसंबर) को राज्यसभा में लंबी बहस के बाद नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 पास हो गया है। इस विधेयक की वोटिंग में कुछ 230 वोट पड़े। जिसमें विधेयक के पक्ष में 125 और विरोध में 105 वोट पड़े थे।
पूरे वाकये के बाद जब अधिकारी दारुल दारुल उलूम के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी से बात करने पहुँचे। तो नोमानी ने पूरे प्रदर्शन पर नाखुशी जताई और कहा कि दारुल उलूम और देवबंद के किसी भी मदरसे से इस प्रदर्शन का कोई संबंध नहीं है।
राम जन्मभूमि मंदिर में विघ्न डालने के आज आखिरी दरवाजे भी सुप्रीम कोर्ट ने बंद कर दिए हैं। जमीयत उलेमा ए हिन्द, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के इशारे पर याचिका डालने वालों, इरफ़ान हबीब-प्रशांत भूषण के लिबरल गिरोह समेत 18 याचिकाएँ सुप्रीम कोर्ट की नई संविधान पीठ ने ख़ारिज कर दी हैं।
आफाक़ ख़ान के ख़िलाफ़ IPC की धारा-342 (ग़लत तरीके से कारावास), 376 (बलात्कार), 500 (मानहानि की सज़ा) और 508 (जो किसी व्यक्ति को ऐसा कार्य करने के लिए कहता है जिसके लिए वो व्यक्ति क़ानूनी रूप से बाध्य नहीं है) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उनके अंदर भारत का नागरिक बनने की सम्भावना दिखने की ख़ुशी भी थी लेकिन एक दर्द के साथ। दर्द उन परिजनों के लिए, जो पाकिस्तान में छूट गए। जो भारत में हैं, वो चाहते हैं कि पाकिस्तान के उनके परिजन अपने पुरखों की गलती सुधारते हुए यहाँ आ जाएँ क्योंकि वे सभी हिंदू भी यहीं के हैं।
निकाह के बाद से ही निकाई अब्बा उर्फ अनवर खान ने गंदी निगाह रखनी शुरू कर दी थी। जब भी ससुराल के लोग घर पर मौजूद नहीं होते थे, तो वह उसके पास पहुँच जाता था और उसके सामने अश्लील हरकतें करता था। जब पति ने तीन तलाक दे दिया तो उसने कहा, "तुम्हारे शौहर ने तुम्हें तलाक दे दिया है, अब हलाला करने के लिए तुम्हें मेरे साथ संबंध बनाने होंगे।"
"2008 में आर्थिक संकट के दौरान भारतीय बैंकों ने लचीलापन दिखाया था। तब मैं वित्त मंत्री था, सार्वजनिक क्षेत्र के एक भी बैंक ने धन के लिए मुझसे सम्पर्क नहीं किया था। लेकिन अब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को बड़े पैमाने पर पूंजी की ज़रूरत है और अगर उन्हें यह मुहैया कराई जा रही है तो इसमें कुछ भी ग़लत नहीं है।"
महाराष्ट्र में पूर्व सरकार इस राजमार्ग का नाम अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखना चाहती थी। लेकिन, शिवसेना की इच्छा पहले भी इसे बाल ठाकरे के नाम पर करने का था। और, एकनाथ शिंदे ने तब भी कहा था कि...
मृतक रामप्रवेश सिंह वही अधिवक्ता थे, जिन्होंने 19 साल की ऋचा भारती के उस मामले की पैरवी की थी, जिसमें कोर्ट द्वारा उन्हें (ऋचा भारती) सोशल मीडिया पर साम्प्रदायिक पोस्ट की सज़ा के रूप में क़ुरान बाँटने का आदेश दिया गया था। इस मामले में ऋचा भारती को ज़मानत दिलाने के बाद वो चर्चा में आ गए थे।
“मैं दुबई में 6 हज़ार दिरम पर नौकरी करता हूँ, तुम्हारी क्वॉलिफ़िकेशन के लिहाज़ से 10 हज़ार दिरम यानी भारतीय करंसी के अनुसार क़रीब दो लाख रुपया महीना मिल जाएगा। यहाँ आ जाओ।” - पाकिस्तानी नदीम इक़बाल ने ऐसे अपने जाल में फँसाया था मेरठ की हिंदू लड़की को।
तत्कालीन अस्त्र नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के अंडर सेक्रेटरी एंड्रिया थॉम्पसन ने अगस्त में पाकिस्तान के एयर चीफ मार्शल मुजाहिद अनवर ख़ान को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में F-16 फाइटर जेट्स के इस्तेमाल पर उन्हें फ़टकार लगाई गई थी।
6 दिसंबर की देर रात इबरार रंजना को एक झोपड़ी में ले गया और उस पर शादी का दबाव बनाने लगा। जब लड़की ने इससे इंकार किया तो उसने उसे पटका, उसका मुँह दबाया और चाकू से गले को लगभग अलग कर दिया।
IPS अब्दुर रहमान पर पुलिस भर्ती के दौरान फर्जीवाड़े का आरोप है। महाराष्ट्र सरकार ने जाँच के आदेश दिए थे। 2007 की पुलिस भर्ती परीक्षा में मराठी में लिखना अनिवार्य था, लेकिन अब्दुर रहमान ने 'विशेष समुदाय' के लोगों को उर्दू में लिखने की अनुमति दी थी। साथ ही महिला अभ्यार्थियों का कोटा होने के बावजूद भी उनकी भर्ती नहीं की थी।
पाकिस्तान से हर साल 5000 हिन्दू अपना घर-बार छोड़ कर भारत भाग आते हैं। वहाँ के 95% मंदिरों पर कब्ज़ा कर उनमें दुकानें चलाई जा रहीं। बांग्लादेश में 3000 से ज़्यादा हिन्दुओं का घर जला दिया गया। 1 करोड़ 40 लाख हिन्दू वहाँ हमेशा कट्टरपंथियों के निशाने पर। अफगानिस्तान में...
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार देश के संविधान पर भरोसा रखती है और मैं भरोसा दिलाता हूँ कि यह देश कभी मुस्लिम मुक्त नहीं होगा। वे कहते हैं कि इस बिल से मुस्लिमों का अधिकार छिन जाएगा, मगर मैं सबको भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि इस बिल से किसी का भी अधिकार नहीं छिनेगा।
"इंसान को आस्था की ज़रूरत ही नहीं है। इंसान की आस्था की 'इंसान' है, इंसान की जाति 'इंसान' है... पहली बार आस्था को नागरिक होने के पैमाने के तौर पर माना जाएगा।"
यह बिल किसी तरह से मुस्लिम भाइयों को नुकसान नहीं करता है। इससे किसी की नागरिकता खतरे में नहीं पड़ने वाली है। यह शरणार्थियों को नागरिकता देगी, मगर भारत के मुस्लिमों को इससे डरने की जरूरत नहीं है। इनकी नागरिकता को कोई असर नहीं पड़ने वाला है।
विधेयक के मुट्ठी-भर विरोधी इकट्ठे होकर जताने की कोशिश कर रहे हैं कि वे समूचे कैम्पस के प्रतिनिधि हैं। इस षड्यंत्र में उनके साथ कुछ वामपंथी समाचापत्र भी हैं।
"लोग हिंदू-मुस्लिम कर रहे हैं? मुस्लिमों को बताइए यहाँ पर क्या दिक्कत है? उनको क्या परेशानी है? हमारे वहाँ पर हिंदू तकलीफ में हैं। उन पर अत्याचार होते हैं। तभी हम यहाँ आते हैं, कौन चाहता है अपना घर छोड़ना... कॉन्ग्रेस ने ही तो धर्म के नाम पर देश को बाँटा था। कॉन्ग्रेस सरकार में यह मुमकिन नहीं हो पाता।"