गेल के साथ और उनके खिलाफ खेल चुके कई क्रिकेटर भी जब रिटायरमेंट की बधाईयाँ पोस्ट करने लगे तो ICC को आगे आकर स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी। गेल को बधाई देने वालों में इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन और भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा शामिल हैं।
कारगिल युद्ध के बाद जब 2001 में तत्कालीन डिप्टी पीएम लाल कृष्ण अडवाणी की अध्यक्षता में गठित ग्रुप ऑफ़ मिनिस्टर्स (GOM) ने समीक्षा की तो पाया कि तीनों सेनाओं के बीच समन्वय की कमी रही है। तब इस बात पर ग़ौर किया गया कि...
सांसद जामियांग स्वतंत्रता दिवस मनाते नजर आ रहे हैं। इस विडियो को सोशल मीडिया पर लोग हाथोंहाथ ले रहे हैं। भाजपा सांसद जामियांग इस विडियो में लद्दाख की जनता के साथ झूमते हुए नज़र आ रहे हैं। जनता खड़ी होकर...
चीन चाहता है कि इस अनौपचारिक चर्चा में पाकिस्तान के विदेश मंत्री एसएम कुरैशी द्वारा यूएनएसी अध्यक्ष जोआना रोनकेका को लिखे पत्र (भारत द्वारा जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले) के बारे में सभी सदस्यों की राय ली जाए।
समय का पहिया घूमा और गुजरात को नरेन्द्र मोदी के रूप में नया मुख्यमंत्री मिला। मोदी ने देश की कमान सम्भालने तक गुजरात की बागडोर थामे रखी। मोहसिन बताती हैं कि एक बार राखी बाँधते समय उन्होंने दुआ करते हुए कहा कि मोदी देश के प्रधानमंत्री बनें। इसके बाद नरेन्द्र मोदी मुस्कुराने लगे थे।
"बच्चे के जन्म से पहले उसकी जरूरत के बारे में जरूर सोचें। शिक्षित वर्ग ऐसा ही करता है। स्वयं की प्रेरणा से अगर आप परिवार सीमित रखते हैं तो ना सिर्फ आपका बल्कि देश का भी भला होता है और यह भी एक तरह की देशभक्ति है।"
फेसबुक के साथ ही यह वीडियो ट्विटर पर भी शेयर किया जा रहा है। ट्विटर पर दावा किया जा रहा है कि आर्टिकल-370 पर बात करने वाली यह महिला जम्मू और कश्मीर के अंतिम डोगरा शासक, महाराजा हरि सिंह की पोती है।
15 अगस्त 1947 को लंदन के इंडिया हाउस में लाल कुमार नृपेंद्र नाथ शाहदेव ने तिरंगा फहराया था। शाहदेव भारतीय स्काउटिंग टीम के कप्तान थे। इंडिया हाउस में यूनियन जैक की जगह भारतीय तिरंगा फहराया गया था, और इसकी अध्यक्षता अनुग्रह नारायण सिंह ने की थी।
रिपब्लिक ऑफ़ कांगो मध्य अफ्रीकी देश है जिसे 15 अगस्त 1960 को आज़ादी मिली थी। अफ्रीका के इस देश को फ्रांस की दासता से आज़ादी मिली थी। 1880 से फ्रांस का क़ब्ज़ा कांगो पर था, इसे फ्रेंच कॉन्गो के तौर पर जाना जाता था।
"इस्लाम में कई ऐसे नबी आए हैं, जिनके नाम नहीं पता और हनुमान उनमें से एक हो सकते हैं। जैसे सुलेमान, रहमान और रेहान मुस्लिम नाम हैं, उसी तरह हनुमान भी मुस्लिम नाम है क्योंकि यह इन नामों से मिलता-जुलता है।"
रिटायर्ड सेनाधिकारी ने कहा कि देश में जब तक सेना है, वो अपना पेट काटकर दे देगी लेकिन कश्मीर को भूखा नहीं रहने देगी। वहाँ कोई बीमारी से नहीं मर सकता, सेना मदद करती है। हम वहाँ कर्फ्यू के लिए भी हैं और अपने लोगों के लिए भी हैं।
"विदेशी यात्रियों में एक विरोधाभास था क्योंकि कुछ ने कहा कि वो बाबर था जिसने मंदिर को ध्वस्त कर दिया जबकि कुछ का कहना है कि इसे औरंगजेब के कार्यकाल के दौरान नष्ट किया गया। लेकिन उनके बीच अयोध्या में भगवान राम के जन्मस्थान होने को लेकर कोई मतभेद नहीं था।"
"हम बहुत डरे हुए हैं, यदि हमारे सामने कोई दिक्कत आती है तो क्या आप हमारे साथ खड़ी होंगी? उधर से फोन पर उन्होंने यह कहा लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मैं उनके साथ नहीं खड़ी हो सकी। भले ही शारीरिक रूप से नहीं लेकिन मानसिक रूप से हम उनके साथ हैं।"
"जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में जो पुरानी व्यवस्था थी उसने वंशवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। महिलाओं, बच्चों व दलितों के साथ भेदभाव हो रहा था। अनुच्छेद 370 पर हमारे निर्णय का विरोध करने वालों से मेरा सवाल यह है कि अगर ये इतना ही महत्वपूर्ण था तो इसे स्थायी क्यों नहीं बनाया गया?"
"बंगालियों या तमिल लोगों की तरह हम अपनी भाषा से प्रेम नहीं करते। हमें महानगरों में, मॉल्स में, कॉरपोरेट दफ्तरों में, मैथिली बोलने में शर्म आती है। यह हीन भावना हम मैथिली बोलने वालों ने खुद ही विकसित की है।"
महबूबा मुफ़्ती ने कहा था कि अगर अनुच्छेद 370 से छेड़छाड़ की गई तो J&K में कोई तिरंगे को कंधा देने वाला भी नहीं बचेगा। पिछले 3 साल में 700 आतंकियों को कन्धों की ज़रूरत पड़ चुकी है, वो भी चार-चार। समय बदल गया है। ब्लैकमेलिंग का ज़माना गया।
सेना के सूत्रों के हवाले से ANI ने दावा यह भी किया है कि घुसपैठ में पाकिस्तानी सेना ने भी अपनी सैन्य चौकियों से भारी कवर फायरिंग देते हुए सहयोग किया था।
हर परंपरा में उच्च स्थान बाँधने वाले को दिया जाता है कि उसका दिया गया सूत्र (धागा) बँधवाने वाले की रक्षा करेगा क्योंकि इसमें उसने अपनी अराधना, आत्मीयता, स्नेह आदि की शक्ति संचित कर दी है। फिर यहाँ स्त्री हीन कैसे है ये समझ से परे है।
"मुझे डर है कि नाज़ी आर्यन श्रेष्ठतावाद जैसी हिन्दू श्रेष्ठतावाद की विचारधारा कश्मीर में ही नहीं रुक जाएगी; इसके चलते पूरे हिंदुस्तान में मुस्लिमों का दमन होगा, और अंत में पाकिस्तान निशाने पर होगा।"
मीडिया के इस ख़ास वर्ग का दर्द यह है कि इतना बड़ा ऐतिहासिक फैसला बिना किसी हिंसा और संघर्ष के इतने शानदार होम वर्क के साथ आखिर कैसे सम्भव हो गया? बुद्धिपीड़ितों को तो अभी भी यह उम्मीद है कि काश कहीं तो कुछ खूनखराबा हो, ताकि सरकार के निर्णय पर प्रश्नचिन्ह लगाया जा सके।
पहलू खान की हत्या की वारदात में 9 आरोपित पकड़े गए, जिनमें से 2 नाबालिग हैं। इनमें से बुधवार को कोर्ट ने 6 आरोपितों पर फैसला सुनाया है। विपिन यादव, रविन्द्र कुमार, कालूराम, दयानंद, योगेश कुमार उर्फ धोलिया और भीम राठी को लेकर यह फैसला सुनाया गया है। जबकि, नाबालिग आरोपितों पर सुनवाई जुवेनाइल अदालत में की जा रही है।
सत्य पाल मलिक ने आरोप लगाया कि अपने साथ प्रतिनिधिमंडल लाकर राहुल गाँधी मामले का राजनीतिकरण कर रहे हैं। यही नहीं, उन्होंने इससे घाटी में उपद्रव फैलने और आम लोगों के लिए दिक्कतें खड़ी होने की आशंका भी जताई।
जब सरकार जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य बनाने की कोशिश कर रही है, तो यह 'एक्टिविस्ट' घाटी की एक नकारात्मक छवि बनाने में लगे हुए हैं। इसीलिए प्रेस क्लब ने उन्हें उन रिपोर्टों की रिलीज़ के लिए ज़मीन देने से मना कर दिया, जिनकी पुष्टि नहीं की जा सकती।
इस दौरान मंदिर के पुजारियों ने करवान इलाके के नदीम को सम्मानित भी किया, क्योंकि हैदराबाद के वो पहले शख्स थे जिन्होंने तेलंगाना के रंग रेड्डी गाँव में मोइनबाद मंडल के पास एक छोटी बच्ची का बलात्कार होने से बचाया था। पुजारियों ने उन्हें इस दौरान आशीर्वाद के साथ 'जटायु सेना' का पहला सदस्य होने का सम्मान दिया।
"अब समय आ गया है कि मलेशियाई लोग अपने सहिष्णु और सामंजस्यपूर्ण देश में धार्मिक और नस्लीय भावनाओं का उपयोग करने वाली ज़ाकिर नाईक की रणनीति को उजागर करके राष्ट्र की शांति और स्थिरता को एकजुट और सुरक्षित करें।"
इसमें यह तो बताया गया है कि सेना और पुलिस वाले कश्मीरियों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गुलेल से पत्थर, काँच की गोलियाँ और मिर्ची पाउडर इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन यह नहीं बताया जाता है कि भीड़ कोई शांतिपूर्ण गाँधी बाबा के चेलों की नहीं बल्कि हिंसक, पत्थरबाज जिहादियों की थी....
प्रियंका गाँधी कॉन्ग्रेस के शीर्ष परिवार से आती हैं, उनकी जगह अगर कोई भाजपा वार्ड सदस्य के साले के फूफे की बहन का भतीजा होता तो न्यूयॉर्क टाइम्स और वाशिंगटन पोस्ट में भी इस पर एकाध लेख लिखा जा चुका होता कि कैसे भारत की 'राइट विंग हिंदुत्व पार्टी' ने मीडिया की स्वतंत्रता पर ग्रहण लगा दिया है और देश में पत्रकारों को खतरा है।
The Kashmir Files की शूटिंग कश्मीर में ही होगी। यह प्रधानमंत्री की उस अपील के मुताबिक होगा, जिसमें उन्होंने मनोरंजन उद्योग से कश्मीर में शूटिंग को बढ़ावा देने की गुज़ारिश की थी।
"ये सरकार नगा अलगाववादियों से बात कर रही है, जिन्होंने सरेंडर नहीं किया है। जब एक बड़े नगा नेता का निधन हुआ, तो तिरंगे के साथ वहाँ उनका अपना झंडा था, सरकार के लोग वहाँ गए, क्या तब उन्हें 2 झंडे याद नहीं आई?"
मायावती ने पूरी बसपा की ओर से आखिर में प्रदेश की भाजपा सरकार से गुहार लगाई है कि वो इस मामले के संबंध में सपा और कॉन्ग्रेस नेताओं के ख़िलाफ़ सख्त कदम उठाएँ और आदिवासियों को उनकी जमीनें वापस दिलवाएँ।
एक ट्विटर यूजर में पाकिस्तान में महँगे होते टमाटरों पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि पाकिस्तान में लड़की को प्रोपोज करने के लिए अँगूठी नहीं बल्कि टमाटर का इस्तेमाल किया जाता है। एक ने लिखा कि आपने तो ब्लड बैंक को छोड़ हर बैंक से लोन ले रखा है।
यासीन मलिक को एनआईए ने टेरर फंडिंग से जुड़े मामले में गिरफ़्तार किया था। यासीन और मशाल की शादी इस्लामाबाद में ही हुई थी। इस समारोह में पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर के कथित प्रधानमंत्री सहित पाकिस्तान व कश्मीर के कई नेता व अलगाववादी शामिल हुए थे।
अक्सर विवादित बयानों के कारण सुर्ख़ियों में रहने वाले अय्यर ने हाल ही में आंध्र प्रदेश के विभाजन को कॉन्ग्रेस की रणनीतिक भूल करार दिया था। वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता जयपाल रेड्डी का राजनीतिक करियर ख़त्म होने के लिए भी इसी निर्णय को दोषी ठहराया था।
इमाम मुहम्मद तौहीदी ने कहा है, "पाकिस्तान और कश्मीर दोनों भारत के हैं। हिन्दुओं के धर्म बदलकर मुस्लिम बनने से इस सच को झुठलाया नहीं जा सकता कि वह पूरा इलाका हिन्दू भूमि है।" साथ ही बलूचिस्तान की आजादी का भी समर्थन किया है।
ओवैसी ने रजनीकांत के उस बयान पर भी तंज कसा जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर पर क्रन्तिकारी निर्णय लेने के लिए मोदी-शाह की तुलना कृष्ण और अर्जुन की जोड़ी से की थी। ओवैसी ने पूछा कि अगर मोदी-शाह को कृष्ण-अर्जुन कहा जा रहा है तो पांडव और कौरव कौन हैं?
डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने बताया है कि अब सड़क पर ऐसे किसी धार्मिक आयोजन की अनुमति नहीं होगी, जिससे लोगों को असुविधा हो। कई जगह पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने व्यापक स्तर पर इस पहल का स्वागत किया है।
एक ट्विटर यूजर ने लिखा है कि शेहला जैसे लोगों को सुरक्षा कवर देना जनता के टैक्स का ग़लत इस्तेमाल है। एक अन्य यूजर ने लिखा कि अब जब जम्मू-कश्मीर पुलिस केंद्र सरकार के अधीन होगी, क्या शेहला रशीद अपनी सुरक्षा वापस कर देगी?
विपक्ष की उलूल-जुलूल बयानबाजी से पाकिस्तान और अलगाववादियों को भी शह मिल रही है। इसके कारण सोशल मीडिया में यूजर्स जमकर विपक्ष पर निशाना साध रहे हैं और कह रहे हैं कि देश के विपक्षी नेताओं ने अपने रुख से पाकिस्तान को भी हैरान कर दिया है।
शाह फैसल पहले भी धमकी देते रहे हैं। वे ख़ुद को अलगाववादी घोषित कर चुके हैं। एक बयान में उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों को भड़काने की कोशिश करते हुए कहा कि वे तब तक ईद नहीं मनाएँगे जब तक बेइज्जती का बदला नहीं ले लेते।
पाकिस्तान की तरफ से जारी गीदड़ भभकियों के बीच 8 अगस्त को मीका ने कराची में परफॉर्म किया था। कराची में जिस व्यक्ति के यहाँ मीका ने परफॉर्म किया, वह पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का कजन भाई है।
वैष्णव मान्यताओं में इस कहानी की प्रतीकों के रूप में मान्यता भी है। ऐसा माना जाता है कि हाथी यहाँ जीव का स्वरूप है, मगरमच्छ उसके पाप और माया हैं, जिस नदी के कीचड़ जैसे स्थान में हाथी मगरमच्छ के जबड़े में फँसा है, वो कीचड़ संसार है।
तृणमूल सुप्रीमो और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाया था कि वह दुर्गा पूजा समितियों जैसे स्थानीय संगठनों को भाजपा के लिए काम करने पर मजबूर करना चाहती है, इसीलिए उन्हें दबाने की कोशिश हो रही है।
मंगलवार को पाकिस्तान के मंत्री फवाद हुसैन ने ट्वीट करते हुए लिखा था- "मैं भारतीय सेना में मौजूद पंजाबियों से अपील करता हूँ कि वे कश्मीर में हो रहे जुल्म का हिस्सा ना बनें और कश्मीर में ड्यूटी से इनकार कर दें।"
जाँच एजेंसी ने बर्दवान धमाके को भारत में JMB की बड़ी साज़िश का हिस्सा बताया था। उसके मुताबिक भारत में लोगों को उग्रवाद की ओर मोड़ने, उनकी JMB में भर्ती और उन्हें ट्रेनिंग और हथियार मुहैया कराने के मकसद से हो रहे इस ऑपरेशन का अंतिम ध्येय भारत और बांग्लादेश में आतंक फ़ैलाने और इन देशों की लोकतान्त्रिक ढंग से चुनी गई सरकारों के खिलाफ जंग छेड़ना था।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रहमान मलिक के प्रोपेगंडा गुब्बारे में पिन चुभोते हुए खुलासा किया कि जो वीडियो वह बाँट रहे हैं, वह एक बम धमाके का पुराना वीडियो है। यह पाकिस्तान और उसकी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI की साइबर युद्धनीति का हिस्सा है, जिससे हिंदुस्तान में, और खासकर सुरक्षा बलों में, तनाव भड़का कर शांति भंग किया जा सके।