बुंदेलखंड में जिस जमीन को कभी खेती के लिए अनुपयोगी माना जाता था, अब उसी जमीन पर 4995 मेगावाट बिजली बनाने की क्षमता के 8 बड़े सोलर पार्क विकसित किए जा रहे हैं।
NCERT ने सिलेबस बदल दिए, लेकिन दो महीना बीत जाने के बाद भी किताब उपलब्ध नहीं कराए। अब गर्मी की एक महीने की छुट्टी है। इसको लेकर टीचर-स्टूडेंट-पेरेंट्स सभी परेशान हैं।
देशभर में बकरीद मनाई जा रही है। इस मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बंगाल-यूपी जैसे राज्यों में सड़कों पर नमाज पढ़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
बंगाल में TMC सरकार में पिछले 15 सालों तक घुसपैठ के मुद्दे को नकारा लेकिन शुभेंदु सरकार की सख्त कार्रवाई से जो घुसपैठियों की तस्वीरें सामने आईं, उसने सवाल खड़े कर दिए।
TTI से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय चर्च लगातार अपना पैर भारत में पसार रहे हैं। उनका नेटवर्क, फंडिंग और स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ बना कर धर्मांतरण किया जा रहा है और चर्च बनाए जा रहे हैं।
कुणाल कामरा के शो में जब पत्रकारिता की 'सस्ती आलिया भट्ट' मनीषा पांडे पहुँची तो बेकाबू हो गई। अपने शो के पाकिस्तानी दर्शक होने का ऐसे बखान किया जैसे ये कोई 'तमगा' हो।
शुभेंदु सरकार ने चुनाव बाद हिंसा को लेकर कई टीएमसी नेताओं को गिरफ्तार किया है। कोई बनियान शॉर्ट्स में दिखा तो कोई लुंगी पहने। कोई घर में छिपा था तो कोई जंगल में मिला।
शिवराज चौहान ने अपनी पुस्तक ‘अपनापन: नरेंद्र मोदी के साथ मेरे अनुभव’ में लिखा कि कैसे गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए पीएम नरेंद्र मोदी से मिले महिला सशक्तिकरण के विजन को मध्य प्रदेश में उतारा था।
'एक्स' पोस्ट में कक्षा 12वीं के छात्र वेदांत ने दावा किया कि उनकी फिजिक्स विषय की आंसर शीट असल में उनकी नहीं है। उनके इस दावे पर कई यूजर्स ने सवाल खड़े किए।
तमिलनाडु में कोयंबटूर के सुलूर क्षेत्र में 10 साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न और हत्या के मामले की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच पुलिस अफसरों का हँसते-मुस्कुराते वीडियो वायरल हो रहा है।
US विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच बैठक के बाद साझा बयान जारी किया गया। इसमें जयशंकर ने भारत फर्स्ट को आगे रखने की बात कही।
दिल्ली जिमखाना क्लब की लीज खत्म कर दी गई है और इसे 5 जून तक खाली कराने का आदेश सरकार ने दे दिया है। पीएम आवास से सटे इस जगह का रक्षा क्षेत्र के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
जिस परिसर को मुस्लिम पक्ष द्वारा मस्जिद, मजार या पारंपरिक कब्रिस्तान बताया जा रहा है, वह वास्तव में 11वीं शताब्दी के महान चक्रवर्ती राजपासी शासक राजा कंस का ऐतिहासिक अजेय किला है।