मंदिर में जब प्रतिमा को तोड़ा गया तब हालात देखकर ये अंदाजा लगाया गया था कि उपद्रवी मंदिर में छिपे खजाने की तलाश में आए थे और उन्होंने कम सुरक्षा व्यवस्था देखते हुए मूर्ति तोड़ डाली।
जिस विषय में संविधान निर्माताओं को 1949 से पता था, उस पर कानून बनाने में इतनी देर आखिर क्यों? नियम बनने शुरू भी हुए हैं तो क्या ये काफी हैं, या हमें बहुत देर से और बहुत थोड़ा देकर बहलाया जा रहा है?
26/11 हमलों की बरसी के मौके पर मेंगलुरु की दीवारों पर भयावह बातें लिखी (ग्राफिटी) हुई थीं। जिसमें चेतावनी दी गई थी कि ‘संघी और मनुवादियों’ को ख़त्म करने के लिए लश्कर-ए-तैय्यबा और तालिबान की मदद ली जा सकती है।
युवती के घर वालों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने फैज़ल, इरशाद, सोनू, हिना, लाइबा और मुश्ताक मलिक पर अपहरण के दौरान मदद करने के लिए मामला दर्ज कर लिया है।
"मेरे बहादुरों। हमारे राजा जब तक गढ़ न पहुँच जाए, तब तक एक भी शत्रु इस दर्रे से होकर नहीं गुजरना चाहिए। मराठी आन की लाज हमारे हाथों में है। हर हर महादेव!"
मीटिंग 3 दिसंबर को तय की गई है और हम तब तक यहीं पर रहने वाले हैं। अगर उस मीटिंग में कुछ हल नहीं निकला तो बैरिकेड तो क्या हम तो इनको (शासन प्रशासन) ऐसे ही मिटा देंगे।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि बीएमसी को कंगना रनौत के ऑफिस में की गई तोड़फोड़ के लिए हर्जाना देना होगा। हाईकोर्ट ने कंगना के ऑफिस के नुकसान का आकलन करने के आदेश भी दिए हैं।
सुवेंदु अधिकारी अपने गृह जिले पूर्वी मिदनापुर के अलावा पश्चिमी मिदनापुर, बांकुरा, पुरुलिया, झारग्राम और बीरभूम जिले के कुछ भागों में करीब 35 से 40 विधानसभा सीटों पर अपना प्रभाव रखते हैं।
साक्षत्कार में उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्हें विरोधियों के पीछे पड़ने को मजबूर ना किया जाए। इसके साथ ही ठाकरे ने कहा कि हिंदुत्व का मतलब मंदिर का घंटा बजाना नहीं है।
द वायर सरीखे एजेंडापरस्त मीडिया समूहों के लिए इस श्रेणी का गिरगिटनुमा विश्लेषण या दावा कोई नई बात नहीं है। प्रोपेगेंडा ही इनका एकमात्र उद्देश्य है भले उसके लिए स्क्रीन पर कुछ अनर्गल ही क्यों न परोसना पड़े।
बात यह है कि हर मामले में खास मजहब का लड़का ही क्यों होता है? ईसाई या सिक्ख लड़के आखिर किसी हिन्दू लड़की को अपना नाम हिन्दू वाला बता कर प्रेम करते क्यों नहीं पाए जाते?
साल 2008 में जब पाकिस्तान के आतंकी मुंबई के लोगों को सड़कों पर मार चुके थे उसके कुछ दिन बाद ही गाँधी परिवार के युवराज अपने दोस्त की संगीत रस्म को इंजॉय कर रहे थे।
साल 2007 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अजीज़ को उसके उर्दू भाषा अखबार रोजनामा राष्ट्रीय सहारा के लिए उत्कृष्ट अवार्ड दिया था। कॉन्ग्रेस में अजीज़ को सेकुलरिज्म का चमचमाता प्रतीक माना जाता था।
ऑपइंडिया के पास मौजूद SIT रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा है कि यह ग्रूमिंग जिहाद के कुछ बेहद चर्चित मामले थे, जिनमें हिन्दू युवतियों को धोखा देकर उनके धर्मांतरण का प्रयास या उनका उत्पीड़न किया गया।
साल 2006 में रामपाल के भक्तों और पुलिसकर्मियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी जिसमें 5 महिलाओं और 1 बच्चे की मृत्यु हुई थी और लगभग 200 लोग घायल हुए थे। इसके बाद नवंबर 2014 में उसे गिरफ्तार किया गया था।
"शिव शक्ति मंदिर में लगभग दर्जन भर देवी-देवताओं का सर कलम करने वाले विधर्मी दुष्ट का दूसरे दिन भी कोई अता-पता नहीं। हिंदुओं की सहिष्णुता की कृपया और परीक्षा ना लें।”
सुशील मोदी ने अपने ट्वीट में कहा था कि जब उन्होंने वापस उस नंबर को मिलाया तो लालू प्रसाद यादव ने सीधे फोन उठाया था। जिसके बाद उन्होंने जवाब दिया था कि यह गंदा खेल सफल नहीं होगा।
"हमारे निर्णय का आधार एक ही मानदंड होना चाहिए और वो है राष्ट्रहित। राष्ट्रहित ही हमारा तराजू होना चाहिए। हमें ये याद रखना है कि जब विचारों में देशहित और लोकहित की बजाय राजनीति हावी होती है तो उसका नुकसान देश को उठाना पड़ता है।"
इस डील में कुछ फायदा प्रताप सरनाईक को जाना तय हुआ था। इसके अलावा खास बात ये है कि टॉप्स ग्रुप और प्रताप सरनाईक के बीच इस डील को लेकर कोई लिखित कॉन्ट्रैक्ट नहीं हुआ था।
पुलिस ने गुलशेर, गुलनवाज़ और युसूफ का जुलूस निकाला, उठक बैठक लगवाई और पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान तीनों नारे भी लगा रहे थे, ‘अपराध करना पाप है पुलिस हमारी बाप है।’
26 नवंबर 1921 को कालीकट में पैदा हुए डॉ. वर्गीज कुरियन ने गुजरात के आनंद को कर्मभूमि बनाई। AMUL को दुनिया भर में एक ब्रांड… और भारत को डेयरी उत्पादन का नंबर #1 देश बनाया।
रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी पर मुंबई पुलिस का चेहरा 4 नवंबर को पूरे देश ने देखा। 20 सशस्त्र पुलिसकर्मी उनके घर में घुसे, घसीटकर उन्हें अलीबाग थाने ले गए।
“तमिलनाडु से लगभग 30,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है और पुडुचेरी से 7,000 लोगों को निकाला गया है। केंद्र, राज्य और स्थानीय सरकारें मिलकर काम कर रही हैं। क्षति को कम करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।”