पाकिस्तानी डॉक्टर अमेरिका में गिरफ्तार किया गया। क्योंकि वो ISIS में शामिल होकर 'लोन वूल्फ' अटैक करने वाला था। वह मारना और मरना चाहता था क्योंकि उसकी सोच थी कि रसूल अल्लाह भी...
ग्रामीणों को मिलने वाले दो इसी राशन को नक्सली दो हिस्सो में बाँट रहे हैं। एक हिस्सा अपने लिए और दूसरा ग्रामीणों काे दे रहे हैं। बात नहीं मानने पर ग्रामीणों से मारपीट की जा रही है।
गृह मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि फसलों की कटाई के लिए लॉकडाउन में छूट मिलेगी। कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसयटी और गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थानों को न्यूनतम स्टाफ के साथ काम करने की अनुमति दी गई है।
बिहार के औरंगाबाद में हेल्थ टीम पर बुधवार को ग्रामीणों ने अचानक हमला बोल दिया था। गोह थाना क्षेत्र के एकौनी गाँव की इस घटना में स्वास्थ्य परीक्षण करने पहुँची टीम के कई कर्मियों को चोटें भी आईं।
तबलीगी जमात के मजहबी कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर इनमें से कई रोहिंग्या अभी तक अपने कैंप में नहीं लौटे हैं। ये कैंप तेलांगना, पंजाब, दिल्ली और जम्मू में हैं। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को इनकी कांटेक्ट ट्रेसिंग का आदेश जारी किया है।
परेशान छात्रों ने ट्विटर पर घर वापसी के लिए #SendUsBackHome नाम से एक ट्रेंड चलाया, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने संज्ञान लेते हुए सुरक्षा ऐजेंसियों से बात की, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। वहीं अब बताया जा रहा है कि अब केंद्रीय एजेंसियों के कहने पर ही कोटा से बच्चों को निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई है।
आसमान की ओर तर्जनी का यह इशारा चरमपंथी आतंकवादी 'तौहीद' के साथ वर्णित अल्लाह के उस संदेश को ही जताने के लिए करते हैं, जिसमें किसी भी अन्य सत्ता की कल्पना को भी कुफ़्र बताया गया है।
ये गुस्सा, ये नाराजगी जो हमें अर्नब के शो में उनके चेहरे पर पिछले कुछ दिनों में दिखाई पड़ी। उसका कारण उनकी कोई निजी दुश्मनी नहीं है। बल्कि इसकी वजह उन जमातियों का जाहिलपना है जिसके कारण आज देश भर में कोरोना बुरी तरह फैला।
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि बैंकों को अपने फंड का 50% TLTRO-2 के तहत छोटे और मझोले साइज NBFC में निवेश करना होगा। जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बसंत के भाई ने एक वीडियो के जरिए इस घटना के बारे में बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि 4-5 मजहबी धर्म प्रचारकों ने उन्हें धमकी दी और इस्लाम धर्म कबूल करने के लिए उन पर हमला किया।
"साड़ी चैलेंज जैसे हालिया ट्रेंड, जिनमें महिलाएँ अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अपनी तस्वीरें अपलोड करती हैं और अपने दोस्तों को टैग करती हैं, एक चेन बनाती हैं। वे आपराधिक तत्वों को डीप न्यूड जैसी वेबसाइटों का इस्तेमाल करने का मौका देती हैं।"
"कान खोलकर एक बात सुन लो और दिमाग में बिठा लेना कि मैं कोई जायरा वसीम नहीं हूं कि तुम्हारी धमकियों से डरकर घर पर बैठ जाऊँगी। मैं तुम्हारी धमकियों से नहीं डरने वाली। मैं असली बबीता फोगाट हूँ।"
“दोषियों द्वारा की गई राजकीय संपत्ति के नुकसान की भरपाई उनसे सख्ती से की जाएगी। जिला पुलिस प्रशासन ऐसे उपद्रवी तत्वों को तत्काल चिन्हित करें और प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के साथ ही उपद्रवी तत्वों पर पूरी सख्ती भी करें।”
शिवसेना नेता अक्षय विजय पनवेलकर ने पत्र में दावा किया कि दोनों राजनीतिक समीक्षक ‘दूसरे समुदायों के खिलाफ घृणा संदेश’ फैला रही थी। उन्होंने इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 153A, 295 और 295A के तहत कार्रवाई करने की गुजारिश की।
एजाज खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें गालीबाज एजाज खान ने अर्नब गोस्वामी, रजत शर्मा और सुधीर चौधरी को कोरोना वायरस होने की दुआ माँगी है।
जोमी चर्च से जुड़े 50 परिवारों के लगभग 250 सदस्य राशन और खाद्य सामग्री से परेशान थे। इस चर्च में ज्यादातर लोग नार्थ-ईस्ट के लोग, खासकर मिजोरम के निवासी हैं और कई वर्षों से दिल्ली में रह रहे हैं।
राहुल गाँधी के समर्थकों द्वारा किए गए ट्वीट्स के भरमार को देखकर यकीन होता है कि राहुल गाँधी के फॉलोवर उन्हीं की तरह हैं। जो बिना तथ्यों की जाँच परख किए समाज में झूठ फैलाने में लग जाते हैं।
इस वीडियो में सबा नकवी ने तमाम मुस्लिम समुदाय के लोगों के कुकृत्यों को छुपाने के लिए कुछ 'अच्छे मुस्लिमों' का जिक्र करते हुए सभी हिन्दुओं को असहिष्णु बताया है।
तबलिगी जमात और दुनिया भर में आतंकवादी कारणों के लिए एक प्रमुख भर्ती एजेंसी है। अधिकांश युवा चरमपंथियों के लिए, तबलीगी जमात में शामिल होना उग्रवाद की राह पर पहला कदम है
प्रधानमन्त्री मोदी जी ने अपने संबोधन में कहा था- ‘वयं राष्ट्रे जागृयाम’ अर्थात् इस राष्ट्र यानी देश के हित में हम सब आलस्य और प्रमाद को छोड़कर सजग बनें।
राज्य अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, वक्फ और हज विभाग ने कहा है कि नमाज अदा करने के लिए मस्जिदों के कर्मचारियों द्वारा किसी भी सार्वजनिक स्थान का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
क्या BBC इतना मासूम है कि वह कोरोना के संक्रमण के इस बड़े माध्यम (तबलीगी जमात) से अभी तक अनजान है? कि इस मरकज से निकले हुए लोग आखिर किन-किन जगहों पर नहीं गए होंगे?
इंडियन एक्प्रेस की रिपोर्ट में साफ लिखा है कि बच्चों को कोरोना उनके उन परिजनों के कारण हुआ, जो जमाती थे। मगर संस्थान ने इस खबर में एक ऐसी इमेज का इस्तेमाल किया, जिसमें एक हिंदू कपल की स्क्रीनिंग होते दिखाई गई।
बिरियानी में बोटियाँ तलाशते टुकड़ाखोर किसी "फोबिया" शब्द को बिलकुल वैसे ही पत्थरों की तरह चलाते हैं, जैसे अभी-अभी यूपी के किसी जिले में स्वास्थ्यकर्मियों पर चलाए गए। गोएबल्स की ये औलादें गाँधीवादी नहीं हैं। आपको ये भी पता है कि नाज़ियों से किसी गाँधीवादी तरीके से निपटा नहीं गया था।
पिज्जा डिलीवरी ब्वॉय को कोरोना की पुष्टि के बाद उसके 17 साथी भी क्वारंटाइन में भेजे गए हैं। हालॉंकि अब तक इनमें से किसी का टेस्ट नहीं किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा है कि अगर किसी में लक्षण डेवलप होते हैं तो उसका टेस्ट कराया जाएगा।
रेड जोन में अब डोर टू डोर सर्वे किया जाएगा। इन जिलों में जो भी लोग किसी भी फ्लू या खाँसी-सर्दी से पीड़ित मिलेंगे, उनका कोरोना टेस्ट किया जाएगा। हॉटस्पॉट एरिया में लोगों की पहचान के लिए हर हफ्ते अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान हर सोमवार को चलेगा।
आरोग्य सेतु ऐप को डाउनलोड करने की सलाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने संबोधन में दी थी। यह ऐप न केवल आपको कोरोना के बारे में सभी जानकारी उपलब्ध कराता है, बल्कि कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे और जोखिम का आकलन करने में भी मदद करता है।
"सरकार हमें काम करने की अनुमति नहीं दे रही है। क्या अब हम भूख से मरने वाले हैं? हम जानते हैं कि हमने आंदोलन के लिए इतने सारे लोगों को इकट्ठा करके अपने जीवन को जोखिम में डाला, लेकिन कोई विकल्प नहीं था।"
जिस डॉक्टर के हवाले से इंडियन एक्सप्रेस ने यह दावा किया उसने भी उसकी रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। वैसे यह पहला मौका नहीं है जब इस मीडिया संस्थान ने किसी खबर को बेवजह मजहबी रंग देने का प्रयास किया हो।
वे क्रांतिकारियों के बम विशेषज्ञ थे। उनके ही बनाए बम का इस्तेमाल खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी ने किया था मुजफ्फरपुर में मजिस्ट्रेट किंग्सफोर्ड के काफिले पर हमले में किया था। जयंती पर बम क्रांति के जनक उल्लासकार दत्ता को नमन।
डॉक्टर का कहना है कि उन पर हमले की तैयारियाँ पहले से ही कि गई थी। जब उनका दल वहाँ पहुँचा तो उन पर हर तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो गई। महिलाएँ भी अपनी छतों से ईंट और पत्थर बरसा रहीं थीं।
नन्द कुमार बघेल को 'राष्ट्रीय मतदाता जाग्रति मंच एवं कल्याण समिति' का अध्यक्ष बताया गया है। इसमें दावा किया गया है कि 'मोदी कोरोना' से निपटने के लिए बुद्ध और गाँधी के रास्ते पर चलते हुए छत्तीसगढ़ के 13 स्थानों पर लॉकडाउन का उल्लंघन किया जाएगा।