कापड़ी ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक रिपोर्टर को इसीलिए जॉब छोड़नी पड़ी थी क्योंकि मोदी-विरोधी स्टोरीज करने के लिए उसपर दबाव बनाए जा रहे थे। रिपोर्टर को कापड़ी की मोदी-विरोधी एडिटोरियल पॉलिसी से आपत्ति थी।
4 साल में 100 ग्रामीणों को नौकरी का झांसा देकर टीएमसी पार्षद का भाई 1 करोड़ रुपए हथिया चुका था। टीएमसी पार्षद अतनु गिरी ने किया भाई के संपर्क में नहीं होने का दावा।
बबीता कई मौकों पर केन्द्र और हरियाणा की भाजपा सरकार के फैसलों का समर्थन कर चुकी हैं। अनुच्छेद 370 पर सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए बबीता ने ट्वीट किया था-लठ गाड़ दिया, धुम्मा ठा दिया।
गंगाराम अस्पताल के पेडिएट्रिक्ट कार्डिएक सर्जरी के चेयरमैन डॉ. राजा जोशी की अगुवाई में इलाज शुरू हुआ। जब जाँच हुई तो पता चला 2 साल की स्टैश का तो दिल का आधा हिस्सा ही जन्म से गायब है। जिस कारण वह बार-बार नीली पड़ती थी और उसको पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन न मिलने पर उसकी साँस भी फूलने लगती थी।
शोभा डे ने अपने लेख में कहा था कि बुरहान वानी को भले ही 'अल्ट्रा-पेट्रियट' आतंकी कहें या गद्दार, कश्मीर के लोगों का वो हीरो था, उसमें 'करिज़्मा' था। हिंदुस्तान के नेताओं को घेरते हुए उन्होंने लिखा था कि वे अपने घरों में आराम से बैठकर 'शांतिप्रिय' कश्मीरियों के बारे में खोखले भाषण देते हैं।
फैसल का यह ट्वीट कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की सराहना मिलने के बाद सामने आया है। चिदंबरम ने अनुच्छेद 370 पर सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए फैसल के उस बयान का हवाला दिया था जिसमें उन्होंने इसे कश्मीरियों के साथ "सबसे बड़ा विश्वासघात" बताया था।
12 अगस्त 1919 को अहमदाबाद में जन्मे साराभाई की उपलब्धियों को इस मौके पर हर कोई याद कर रहा है। इंटरनेट सर्च ईंजन गूगल ने डूडल के जरिए उन्हें याद किया है। लेकिन जयराम रमेश को इस मौके पर भी नेहरू ही याद आए।
फोगाट परिवार के मुताबिक, बबीता ने हरियाणा पुलिस के इंस्पेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया है। ऐसी अटकलें हैं कि बबीता को दादरी जिले के बड़हरा या दादरी विधानसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है।
दिग्विजय सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय मीडिया का हवाला देते हुए कहा कि सरकार देखे कि कश्मीर में क्या हो रहा है। कश्मीर हमारे हाथ से निकल जाएगा। जबकि प्रशासन अंतर्राष्ट्रीय मीडिया की ख़बरों को मनगढंत बताकर पहले ही ख़ारिज कर चुका है।
रामपुर से सपा सासंद आजम खान हाल ही में भू-माफिया घोषित किए गए थे। वह जौहर विश्वविद्यालय के चांसलर हैं और कई लोगों की जमीन हड़पने के आरोपी भी हैं। उनके ऊपर 'आलिया मदरसा' से किताबें चुरानें और रामपुर में क्लब से शेर की मूर्तियाँ चुराने का भी आरोप है।
17 जुलाई को संभल में पुलिस की गाड़ी पर हमला कर बदमाशों ने अपने सभी साथियों को छुड़ा लिया था। इसके बाद से ही पुलिस को शकील की तलाश थी। उसका साथी कमल 20 जुलाई को मार गिराया गया था, जबकि धर्मपाल फरार है।
महबूबा के साथ विवाद के दौरान उमर उन पर चिल्ला पड़े। उन्होंने महबूबा के पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद पर भाजपा के साथ 2015 में गठबंधन करने का आरोप मढ़ा। महबूबा ने भी उमर को याद दिलाया कि किस तरह से उनके पिता फारूक अब्दुल्ला ने भाजपा का साथ दिया था।
अलीराजपुर के पुलिस सुपरिटेंडेंट विपुल श्रीवास्तव के हवाले से बताया है कि नानपुर पुलिस स्टेशन प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, विभागीय जाँच के आदेश भी दे दिए गए हैं।
इस बयान को लेकर सोशल मीडिया में लोगों ने चिदंबरम को आड़े हाथों लिया है। यूजर्स ने कहा है कि पार्टी के गर्त में पहुॅंचने के बाद भी कॉन्ग्रेसी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। कुछ लोगों ने कॉन्ग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति पर सवाल उठाए हैं, तो कुछ ने चिदंबरम से पूछा है कि यदि जम्मू-कश्मीर हिन्दू बहुल राज्य होता तो क्या नेहरू आर्टिकल 370 की सौगात देते?
प्रशासन के मुताबिक आवश्यक वस्तुओं का राज्य में पर्याप्त स्टॉक है। 65 दिनों का गेहूॅं, 55 दिनों का चावल, 17 दिनों का मटन, एक महीने का चिकन, 35 दिनों का मिट्टी का तेल, एक महीने का गैस सिलेंडर और 28 दिनों के पेट्रोल का राज्य में स्टॉक है।
कनौजिया द्वारा विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के सेनाध्यक्ष जनरल रावत की तुलना एक ऐसे व्यक्ति से की गई, जिसने भारतीय जनता का नरसंहार किया था। जनरल डायर का गुनाह इतना बड़ा था कि उन्हें अपनी ही सरकार द्वारा शुरू की गई जाँच का सामना करना पड़ा था।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि रात में कुछ बदमाशों ने घर में घुसकर धारदार हथियार से गला रेत कर राकेश सिंह की हत्या कर दी।
जौहर यूनिवर्सिटी पर छापा ऐसे वक्त पड़ा है, जब पहले से ही आज़म ख़ान जमीन कब्जाने के कई मामले में घिरे हुए हैं। उन पर जमीन हड़पने को लेकर कुल 27 मुकदमे दर्ज हैं। रामपुर में लग्जरी रिसॉर्ट के लिए जमीन कब्जाने को लेकर नोटिस जारी किया गया है।
मैग्सेसे विजेता संदीप पांडेय जिस रिहाई मंच के बैनर तले अनुच्छेद 370 को लेकर विरोध प्रदर्शन करने वाले थे, वह संगठन आतंकवाद आरोपितों की पैरवी करता रहा है। इस संगठन ने मोदी के भाषण में बाधा पहुँचाने वाले लोगों का सम्मानित भी किया था।
राहुल ने बरसों पहले कहा था, "कॉन्ग्रेस एक परिवार है जिसमें तेजी से बदलाव की जरूरत है। सोच-समझकर, प्यार से और सबकी सुनकर बदलाव करना है।" इसलिए राहुल का उत्तराधिकारी चुनने के लिए कॉन्ग्रेसियों ने तेजी से बदलाव करते हुए उनकी मॉं को चुन लिया है।
जवाहरलाल नेहरू शेख अब्दुल्ला के साथ मिल कर जम्मू कश्मीर को सेकुलरिज्म का एक नया मॉडल बनाना चाहते थे और इसके लिए अब्दुल्ला को अम्बेडकर को मनाने को कहा। लेकिन अम्बेडकर ने अब्दुल्ला को जो जवाब दिया, उसे आपको जानना ज़रूरी है।
"यह परिक्रमा राहुल गाँधी से शुरू होकर सोनिया गाँधी तक और सोनिया गाँधी से शुरू होकर राहुल गाँधी पर जाकर खत्म होती है। ये दर्शाता है कि कॉन्ग्रेस के लिए राहुल गाँधी एक बड़ी भूल हैं।"
डॉक्टरों द्वारा की गई शुरुआती जाँच व पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद यह तथ्य सामने आया कि गायों के चारे में जहर मिला कर उन्हें खिला दिया गया। इस कारण से मृत गायों के फेंफड़ों और दिल में ख़ून के थक्के पाए गए।
कश्मीर का हवाला देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को अपराधी बताया। इसी पर पलटवार करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान जवाहरलाल नेहरू के पैर...
"भारत सरकार जम्मू कश्मीर की भौगोलिक परिस्थितियों को जबरदस्ती बदलना चाहती है। क्या दुनिया सिर्फ़ देखती रहेगी और समर्थन करती रहेगी, जैसा कि म्यूनिख में हिटलर के काल में हुआ था?"
“हाल ही में कुछ मुस्लिम रेस्तरां भी जोड़े गए हैं, लेकिन हमारे यहाँ ऑर्डर डिलीवरी करने वाले कुछ लड़के हिन्दू भी हैं, इन्होंने बीफ फूड की डिलीवरी करने से इनकार कर दिया। कुछ दिनों में हमें पोर्क की भी डिलीवरी देनी पड़ेगी, लेकिन हम इसकी डिलीवरी नहीं करेंगे।”
शैखू आलम साबरिया चिश्चितिया मदरसा के मौलाना इस्तिफाक कादरी ने कहा कि राखी भेजने का तरीका केवल एक दिखावा है। इसके पीछे सिर्फ़ राजनीति है। मुस्लिम महिलाओं की और भी समस्याएँ हैं सरकार को उन पर भी ध्यान देना चाहिए।
अनुराग उन 49 सेलिब्रिटीज में भी शामिल थे जिन्होंने हाल में मोदी को दलितों और अल्पसंख्यकों पर बढ़े कथित जुल्म, हेट क्राइम, मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर पत्र लिखा था। इस पत्र में 'जय श्री राम' उन्माद का नारा बताया गया था।
प्रदर्शनकारियों का कहना है ये धर्मस्थल क़रीब 500 साल पुराना है, जिसे धर्म गुरूओं ने बनाया था। क़रीब 12 बीघे ज़मीन के एक छोटे से हिस्से पर यह छोटा सा धर्मस्थल बना हुआ है। डीडीए ने इसे अपने अधीन कर लिया था और इसके बाद...
नामग्याल ने कहा था कि लद्दाख के लोगों ने शुरू से ही सरकार को बता दिया था कि उन्हें कश्मीर के अलावा किसी भी और तरीके से देश में रहना मंज़ूर है- भले ही वह केंद्र-शासित प्रदेश (UT) के रूप में हो।
गुस्साए लोगों का कहना था कि दिल्ली सरकार विकास कार्यों में कोताही बरत रही है। जनता के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने पहुँच कर किसी तरह सत्येंद्र जैन को वहाँ से सुरक्षित निकाला।
सुपरस्टार रजनीकांत ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा कि इन दोनों में अर्जुन कौन है और कृष्ण कौन, इसका जवाब यही दोनों नेता दे सकते हैं। इस दौरान अमित शाह भी मंच पर मौजूद थे। उन्होंने आर्टिकल 370 पर संसद में शाह के संबोधन को भी विलक्षण बताया।
बीजेपी संसद ने एक पत्रावली दिखाई, जिसमें भगवान राम के वंश के सभी पूर्वजों का नाम क्रम से लिखा हुआ है। इसी पत्रावली में 209वें वंशज के रूप में सवाई जयसिंह और 307वें वंशज के रूप में दीया के पिता महाराजा भवानी सिंह का नाम लिखा हुआ है।
रवीश कुमार ने पुलवामा हमले के बाद एक इंटरव्यू में कहा था कि भारतीय मीडिया बेरोजगारी जैसे मसलों की बजाए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को तूल दे रही है ताकि सत्ताधारी दल को चुनावी फायदा हो सके। पाकिस्तानी मीडिया ने इस बयान का हवाला देकर भारत पर युद्धोन्माद पैदा करने का आरोप लगाया।
पहले वर्ग के अनुसार यह वह भूमि है जहाँ मानव समाज की स्थापना हिंदू ऋषि कश्यप ने की। दूसरे वर्ग के अनुसार इस स्थान का नाम कैशमीर उचित है, क्योंकि यह 1947 के बाद से पाकिस्तान को विश्व भर से और भारत के वर्ग विशेष को पाकिस्तान से कैश उपलब्ध कराता रहा है।
कॉन्ग्रेस के भीतर कुछ लोगों का मानना है कि पार्टी अध्यक्ष के रूप में अगर कोई ग़ैर-गाँधी पद पर आसीन होगा तो पार्टी टूट जाएगी। बता दें कि पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया, सचिन पायलट और मिलिंद देवड़ा जैसे नाम भी इस दौड़ में शामिल थे।
फरहीन भाजपा की अल्पसंख्यक मोर्चा की महानगर मंत्री हैं। बकौल फरहीन, हमलावरों ने जान से मारने की धमकी देते हुए मुसलमानों को भाजपा का सदस्य नहीं बनाने की चेतावनी भी दी।
"संघर्ष विराम का ऐलान करने की वजह से कश्मीर का एक-तिहाई हिस्सा पाक के कब्जे में रह गया। भला एक देश में कैसे दो निशान, दो विधान और दो प्रधान अस्तित्व में हो सकते हैं? यह केवल देश के साथ अन्याय नहीं बल्कि अपराध भी है।”
कश्मीर के आईजी एसपी पाणि ने भी पुलिस फायरिंग की ख़बरों को पूरी तरह ख़ारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, "कुछ इंटरनेशनल मीडिया रिपोर्ट्स में पुलिस फायरिंग का दावा किया गया है, जो पूरी तरह गलत है। ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। पिछले एक हफ्ते से घाटी में शांति है।"
गिरफ्तार किया गया मौलाना खैम रिज्वी तहरीक-लब्बैक नाम के संगठन से जुड़ा है। किले की देखरेख करने वाली अर्ध सरकारी संगठन वर्ल्ड सिटी ऑफ लाहौर अथॉरिटी ने बकरीद के बाद प्रतिमा ठीक कराने की बात कही है।
पीड़ित के अनुसार, "15-वर्षीय आरोपित लड़का मुझे एक कमरे में ले गया। वहाँ पहले मेरे साथ मारपीट की, और बाद में बलात्कार किया।" इस घटना की FIR तब कराई गई जब दिल्ली के रहने वाले छठी कक्षा के पीड़ित छात्र ने अपने माँ-बाप को इस बारे में बताया।
पुलिस को चकमा दे स्वामी राज्यसभा में पहुँच चुके थे। सभापति बीडी जत्ती पिछले सत्र में मृत हुए सदस्यों की सूची पढ़ रहे थे। उनके खत्म करने से पहले ही स्वामी ने टोका, "सर, इस सूची में एक और नाम है। इन सत्रों के बीच लोकतंत्र भी मर गया है। इसलिए उसका नाम भी आपको शामिल करना चाहिए।"
आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निष्प्रभावी किए जाने के बाद से पाकिस्तान को कुछ सूझ ही नहीं रहा है। वह ऐसे फैसले ले रहा है, जो आत्मघाती साबित हो रहे हैं। सिर्फ सामरिक ही नहीं, आर्थिक मोर्चे पर लिए फैसले भी पाकिस्तान को नुकसान पहुँचा रहे हैं।
डोवाल का बकरीद के ठीक पहले लगभग 98% मुस्लिम जनसंख्या वाले अनंतनाग जाना न केवल सीमा-पार से हिंसा भड़काने वालों बल्कि स्थानीय जिहादियों और कट्टरपंथियों के लिए भी स्पष्ट संदेश है कि सरकार संवेदनशील इलाकों को सीधे 'हैंडल' कर रही है।
कुजूर का राज्यसभा सांसद के रूप में कार्यकाल इस साल जून में समाप्त हुआ था। पार्टी को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है, “मैं तुरंत प्रभाव से पार्टी की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे रहा हूंँ। यह पूरी तरह मेरा निजी फ़ैसला है।”
अलगाववादी संगठन ने भारत के संविधान के प्रति आस्था जताई। संगठन के नेताओं ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुलाकात की। NLFT-SD के सभी उग्रवादियों ने मुख्यधारा में लौटने की बात कहते हुए हथियार छोड़ने का संकल्प लिया।
बबीता फोगाट ने कहा, “हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है जिसमें हमारी बहन-बेटियों के बारे में गलत बोला गया हो मेरी मीडिया से प्रार्थना है कि उनके बयान को गलत तरीके से जनता के सामने पेश ना करें।”
देश की सबसे पुरानी पार्टी में अध्यक्ष पद पर इतनी माथापच्ची तब हो रही है जब राहुल गॉंधी ने लोकसभा चुनाव के नतीजों के तत्काल बाद इस्तीफे की पेशकश कर दी थी। मान-मनौव्वल से भी वे नहीं माने और तीन जुलाई को अपना इस्तीफा सार्वजनिक कर दिया। इसके बाद वयोवृद्ध मोतीलाल वोरा को अंतरिम अध्यक्ष बनाने की खबर आई जिसे वोरा ने खुद नकार दिया।