पार्टी द्वारा जारी की गई प्रेस रिलीज के अनुसार, दलसागर खेल मैदान में आयोजित मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली में तैयारियों की घोर कमी रही, साथ ही समन्वय का भी अभाव रहा।
पूछताछ के दौरान सबसे मुख्य प्रश्न यह था कि आवास पर मिली नकदी को जब्त क्यों नहीं किया गया और घटना के तुरंत बाद पहुँचे पुलिसकर्मियों के फोन से वीडियो क्यों डिलीट किया गया।
कूवर में सिर्फ गुरुद्वारा ही नहीं बल्कि एक मंदिर पर भी ऐसा ही हमला शनिवार को ही किया गया। मंदिर से जुड़े लोगों ने बताया है कि यह हमले पूर्व नियोजित हो सकते हैं।
भाजपा नेता ने बताया कि कैसे मुर्शिदाबाद हिंसा में पीड़ितों को निशाना बनाकर उनकी जमापूँजी खाक की गई थी, उन्होंने वो जले हुए नोट भी दिखाए और जानकारी दी कि दो परिवारों को उन्हें सहायता दे दी है।
मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद जब शांति बैठकें होनी शुरू हुईं तो उसमें दूर-दूर से टीएमसी के नेता आए, मगर बहरामपुर सीट से सांसद होने के बावजूद युसूफ इन बैठकों से गायब दिखे।
मृत शरीर के भी कुछ अधिकार होते हैं, सम्मानजनक अंतिम संस्कार के। दुर्भाग्य से, भारत देश में ये आतंकियों को तो सहज उपलब्ध है लेकिन बेचारे हिन्दुओं को नहीं।
मुर्शिदाबाद हिंसा में हिंदुओं के घरों के बाहर काली स्याही से निशान बनाए गए थे। मुस्लिम भीड़ जब हिंसा करने पहुँची तो काली स्याही वाले घरों पर ही धावा बोला, आग लगाई और बम फेंका
नाइयों ने श्राद्ध के काम के लिए सामान ना होने का बहाना बनाया तो वहीं पुरोहितों ने मामला पुलिस के पास होने के चलते आने से मना किया। चंदन दास के परिजनों ने कहा कि असल वह डर है।
अमेरिका में पंजाब का 5 लाख का ईनामी मोस्ट वांटेड की लिस्ट में शामिल हैप्पी पासिया उर्फ हरप्रीत सिंह को हिरासत में लिया गया है। भारत उसके प्रत्यर्पण की माँग अमेरिका से कर सकता है।
हिन्दू पीड़िता ने बताया है कि कमाल अशरफ उस पर एक और मुस्लिम इब्राहिम अहमद के साथ संबंध बनाने के लिए दबाव डाल रहा था। ऐसा ना करने पर उसके गुप्तांगों को चोट पहुँचाई गई।