पहली बार नहीं है कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मची हो। इससे पहले भी साल 2004, 2010 और 2012 में अलग-अलग कारणों से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मची थी, जिसमें कई लोगों की जान गई थी।
राज्यों के मुख्यमंत्री या इसी तरह के आधिकारिक अकाउंट किसी निजी व्यक्ति के नहीं होते। अगर उस पद पर कोई नया व्यक्ति आता है तो इन्हें उसके नाम या फोटो के साथ अपडेट कर दिया जाता है।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और बिहार के पूर्णिया से सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ। एक को ऑपरेट कर रही थी 22 साल की रेशमा खान और दूसरे को ऑपरेट कर रहा था ऑफताब खान।
असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि
उनके पास एलिजाबेथ गोगोई के शादी के बाद भी पाकिस्तान जाने की जानकारी है। CM ने इस मामले में SIT जाँच की चर्चा कैबिनेट से करने को कहा है।
महाकुंभ को बदनाम करने के प्रयास में अलग-अलग जगह की वीडियोज-फोटोज को शेयर किया जा रहा है। ऐसे में पुलिस ने अपील की है कि लोग किसी भी सूचना के लिए आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
उमर खालिद को बेल न मिल पाने की वजह सुप्रीम कोर्ट नहीं बल्कि वो खुद और उनके वकील कपिल सिब्बल का रवैया है जो 'फोरम शॉपिंग' के लिए मामले को एडजर्न कराते रहे।
जब तहव्वुर राणा के खिलाफ पुख्ता सबूत मिल रहे थे कि उसने 26/11 हमले के साजिशकर्ता की मदद की, तब एनडीटीवी इस बात को दिखा रहा था कि राणा कैसे अल्लाह का बंदा है।
कॉन्ग्रेस ने अब गुजरात के कच्छ में स्थापित किए गए खावड़ा सोलर पार्क को लेकर हंगामा मचाया है। कॉन्ग्रेस ने यह हंगामा ब्रिटिश अखबार द गार्जियन की एक रिपोर्ट के आधार पर किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत AI को अपनाने, सार्वजनिक हित के लिए AI एप्लिकेशन बनाने, डेटा की प्राइवेसी को बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं। साथ ही भारत के पास AI तकनीक पर काम करने के लिए कुशल वर्क फोर्स भी मौजूद है।
ऑपइंडिया ने इस मामले में CO आँचल चौहान से भी बात की है। उन्होंने बताया कि हिन्दू और मुस्लिम पक्ष को बिठा कर बात की गई है। हिन्दू पक्ष ग्राम पंचायत की जमीन पर होलिका दहन के लिए राजी हो गया है।
स्थानीय कहते हैं कि राजीव लाल लोगों को घर और फ्लैट का लालच दे देकर परिवर्तित करवाता है। इसके बाद जो कोई उनसे जुड़ता है उन्हें भी टास्क मिलते हैं कि वो ईसाई धर्म में लोगों को लेकर आए।
2024 में संभावना इंस्टिट्यूट की एक वर्कशॉप हुई थी जिसे सपोर्ट कर रहा था वही इंटरन्यूज जिसे न सिर्फ जोर्ज सोरोस वाली ओपन सोसायटी फाउंडेशन से फंड मिलता है बल्कि यूएसएड भी इसे भारी मात्रा में फंडिंग देती है।
इमरान प्रतापगढ़ी द्वारा पोस्ट की गई विवादित कविता पर गुजरात पुलिस ने केस दर्ज किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कविता केस का आधार कैसे हो सकती है।