कॉन्ग्रेस नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को लिखे पत्र में कहा गया कि रमज़ान के दौरान मुसलमान दिनभर रोजा रखते हैं, ऐसे में उन्हें इफ्तार के लिए घर जाने की सुविधा मिलनी चाहिए।
पुलिस ने गुलाम के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं, जिनमें जर्मनी, ब्रिटेन और चेकोस्लोवाकिया जैसे देशों में बने हथियार शामिल हैं। आरोपित देश भर में हथियारों की तस्करी करता था।
परिवहन मंत्री मीरी रेगव ने देशभर में बस, ट्रेन और लाइट रेल सेवाओं को अस्थायी रूप से रोकने का आदेश दिया, ताकि सभी सार्वजनिक वाहनों की सुरक्षा जाँच हो सके।
छोटी उम्र की लड़कियों को लालच देकर फँसाना हमेशा से ऐसे गिरोहों के लिए आसान रहा है। कारण कई होते हैं। छोटे उम्र में लड़कियाँ नहीं समझ पातीं कि ऐसी स्थिति में फँसने पर उन्हें डील कैसे करना है।
केंद्र सरकार की तरफ से इस मामले में मौजूद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट के रुख का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि कोई भी हाई कोर्ट या उसके जज कभी भी लोकपाल कानून, 2013 के दायरे में नहीं आ सकते।
प्रयागराज के साइबर थाने में सब इंस्पेक्टर पूजा रायकवार ने एक इंस्टाग्राम अकाउंट के खिलाफ FIR कराई है। इस अकॉउंट पर महिलाओं के नहाने की वीडियो डाली जा रही थी।
जैद नाम के यूजर ने उन्हें लिखा- इम्तियाज भाई धोबी का गधा न घर का होता है न घाट का। एक कट्टर मुस्लिम ने कॉमेंट करते हुए कहा- कुफ्रिया कयादत से मुसलमान उम्मीद लगाए बैठे हैं, मुसलमान दीन भुलाए बैठे हैं।
इससे पहले भाजपा ने बायडेन प्रशासन के दौरान कहा था कि अमेरिकी विदेश विभाग और डीप स्टेट प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ एजेंडा चलाने में जुटे हैं और उनकी छवि धूमिल करना चाहते हैं।
आरोपित लुकमान ने बताया कि एक और लड़के कलीम ने हिन्दू बच्ची का नम्बर लिया था। वहीं सोहेल मंसूरी ने बताया कि उसने सितम्बर से हिन्दू बच्ची से बात करता था और उन्हें कैफे लेकर जाता था।
बांग्लादेश में इस्लामी कट्टरपंथ का सबसे बड़ा शिकार अल्पसंख्यक हिन्दू और बाकी समुदाय हैं। अगस्त, 2024 के बाद से बांग्लादेश में 1200 से अधिक घटनाएँ अल्पसंख्यकों पर हमले की सामने आ चुकी हैं।
एक पीड़ित ने बताया कि एक वर्ष के भीतर उसका 500 से अधिक बार यौन शोषण एजाज अहमद ने किया। एजाज अहमद ने मामला दर्ज होने के बाद भी पीड़ितों के परिवार को धमकाया।
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि अब रणवीर इलाहाबादिया के अश्लील कमेन्ट के मामले में कोई नई FIR दर्ज नहीं की जाएगी और साथ ही उन्हें गिरफ्तारी से राहत मिलेगी।
जुलूस में युवाओं ने हाथियों पर चढ़कर आतंकवादी कमांडरों याह्या सिनवार, इस्माइल हानिया और हसन नसरल्लाह के पोस्टर लहराए। इन तीनों को ही इजरायल ढेर कर चुका है।
बांग्लादेश में जुलाई-अगस्त के दौरान हुई हिंसा को रोकने का काम करने वाले 1059 पुलिसकर्मी भी अब यूनुस सरकार के निशाने पर हैं। 41 को गिरफ्तार किया भी जा चुका है।
CJI संजीव खन्ना ने कह़ा है कि इस मामले में वही याचिकाएँ अब स्वीकार की जाएँगी जो इस मुकदमे के कोई नए पहलू से जुड़ी हों। इसके अलावा दायर हो चुकी याचिकाओं में से जिन पर कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है, उनको भी कोर्ट ने रद्द कर दिया।
पुलिस ने इस घटना के बाद मुकदमा दर्ज किया है। इसमें 8 लोगों को नामजद जबकि 50 लोगों को अज्ञात में आरोपित बनाया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 9 उपद्रवियों को गिरफ्तार भी किया है।