यकीनन, अफगानिस्तान में तालिबान का प्रभाव पूरी तरह खत्म अब भी नहीं हो पाया है। लेकिन उसके जख्मों पर जोहरा का संगीत मरहम जैसा ही है। दुआ करिए बदलाव की बयार बनी इन बेटियों को फिर से कट्टरपंथियों की नजर न लगे।
यूॅं तो नॉर्थ ब्लॉक ने कई गृह मंत्री देखे हैं। पटेल से लेकर शाह तक। पर ज्यादातर के नाम भी याद नहीं आते। कड़े फैसलों की वजह से पटेल याद किए जाते हैं। शाह भी उसी राह पर हैं। लेकिन, कुछ ऐसे भी हुए हैं जो आतंकी हमले के वक्त भी हर घंटे सूट बदल रहे थे।
15 साल की बच्ची हाफिजगंज के ग्राम कमुआ में हाईस्कूल की छात्रा है। जब वह स्कूल जा रही थी तो गाँव के तीन युवकों की नजर उस पर पड़ी... दो को ग्रामीणों ने दबोचा, एक फरार। दो समुदायों से मामला जुड़ा होने के कारण गॉंव में पसरा तनाव।
"देश का इकलौता प्रतीक चिह्न अशोक स्तम्भ ही नहीं है। मंत्रालय की नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इस विषय को सम्बोधित करते हुए कहा, "यह प्रतीक हमारा राष्ट्रीय फूल है और फर्जी पासपोर्ट को पहचानने के लिए सिक्यॉरिटी फीचर मजबूत करने का एक कदम है।"
महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री शरद पवार ने हमलों के तुरंत बाद दूरदर्शन स्टूडियो में जाकर बोला था और घोषणा की थी कि कुल 13 धमाके हुए हैं। उन्होंने न जाने कहाँ से एक अतिरिक्त विस्फोट की ‘खोज’ कर ली थी। पवार ने कहा था कि मस्जिद बंदर में 13वाँ विस्फोट हुआ था।
रायपुर में दो बहनों की हत्या करने के मामले में एक नाबालिग सहित तीन आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपित शोएब अहमद अंसारी (25) उर्फ सैफ, गुलाम मुस्तफा (18) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ जारी है।
इस मामले में 13 दिसंबर को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में गवाही होनी है। लेकिन, उससे पहले ही आरोपितों ने पीड़िता के घर के बाहर धमकी भरा पोस्टर लगाकर पूरे परिवार को दहशत में डाल दिया। इसके अलावा, आरोपित पक्ष पीड़िता को कई बार जान से मारने की धमकी दे चुका है।
लोकसभा के बाद बुधवार (11 दिसंबर) को राज्यसभा में लंबी बहस के बाद नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 पास हो गया है। इस विधेयक की वोटिंग में कुछ 230 वोट पड़े। जिसमें विधेयक के पक्ष में 125 और विरोध में 105 वोट पड़े थे।
पूरे वाकये के बाद जब अधिकारी दारुल दारुल उलूम के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी से बात करने पहुँचे। तो नोमानी ने पूरे प्रदर्शन पर नाखुशी जताई और कहा कि दारुल उलूम और देवबंद के किसी भी मदरसे से इस प्रदर्शन का कोई संबंध नहीं है।
राम जन्मभूमि मंदिर में विघ्न डालने के आज आखिरी दरवाजे भी सुप्रीम कोर्ट ने बंद कर दिए हैं। जमीयत उलेमा ए हिन्द, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के इशारे पर याचिका डालने वालों, इरफ़ान हबीब-प्रशांत भूषण के लिबरल गिरोह समेत 18 याचिकाएँ सुप्रीम कोर्ट की नई संविधान पीठ ने ख़ारिज कर दी हैं।
आफाक़ ख़ान के ख़िलाफ़ IPC की धारा-342 (ग़लत तरीके से कारावास), 376 (बलात्कार), 500 (मानहानि की सज़ा) और 508 (जो किसी व्यक्ति को ऐसा कार्य करने के लिए कहता है जिसके लिए वो व्यक्ति क़ानूनी रूप से बाध्य नहीं है) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उनके अंदर भारत का नागरिक बनने की सम्भावना दिखने की ख़ुशी भी थी लेकिन एक दर्द के साथ। दर्द उन परिजनों के लिए, जो पाकिस्तान में छूट गए। जो भारत में हैं, वो चाहते हैं कि पाकिस्तान के उनके परिजन अपने पुरखों की गलती सुधारते हुए यहाँ आ जाएँ क्योंकि वे सभी हिंदू भी यहीं के हैं।
निकाह के बाद से ही निकाई अब्बा उर्फ अनवर खान ने गंदी निगाह रखनी शुरू कर दी थी। जब भी ससुराल के लोग घर पर मौजूद नहीं होते थे, तो वह उसके पास पहुँच जाता था और उसके सामने अश्लील हरकतें करता था। जब पति ने तीन तलाक दे दिया तो उसने कहा, "तुम्हारे शौहर ने तुम्हें तलाक दे दिया है, अब हलाला करने के लिए तुम्हें मेरे साथ संबंध बनाने होंगे।"
"2008 में आर्थिक संकट के दौरान भारतीय बैंकों ने लचीलापन दिखाया था। तब मैं वित्त मंत्री था, सार्वजनिक क्षेत्र के एक भी बैंक ने धन के लिए मुझसे सम्पर्क नहीं किया था। लेकिन अब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को बड़े पैमाने पर पूंजी की ज़रूरत है और अगर उन्हें यह मुहैया कराई जा रही है तो इसमें कुछ भी ग़लत नहीं है।"
महाराष्ट्र में पूर्व सरकार इस राजमार्ग का नाम अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखना चाहती थी। लेकिन, शिवसेना की इच्छा पहले भी इसे बाल ठाकरे के नाम पर करने का था। और, एकनाथ शिंदे ने तब भी कहा था कि...
मृतक रामप्रवेश सिंह वही अधिवक्ता थे, जिन्होंने 19 साल की ऋचा भारती के उस मामले की पैरवी की थी, जिसमें कोर्ट द्वारा उन्हें (ऋचा भारती) सोशल मीडिया पर साम्प्रदायिक पोस्ट की सज़ा के रूप में क़ुरान बाँटने का आदेश दिया गया था। इस मामले में ऋचा भारती को ज़मानत दिलाने के बाद वो चर्चा में आ गए थे।
“मैं दुबई में 6 हज़ार दिरम पर नौकरी करता हूँ, तुम्हारी क्वॉलिफ़िकेशन के लिहाज़ से 10 हज़ार दिरम यानी भारतीय करंसी के अनुसार क़रीब दो लाख रुपया महीना मिल जाएगा। यहाँ आ जाओ।” - पाकिस्तानी नदीम इक़बाल ने ऐसे अपने जाल में फँसाया था मेरठ की हिंदू लड़की को।
तत्कालीन अस्त्र नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के अंडर सेक्रेटरी एंड्रिया थॉम्पसन ने अगस्त में पाकिस्तान के एयर चीफ मार्शल मुजाहिद अनवर ख़ान को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में F-16 फाइटर जेट्स के इस्तेमाल पर उन्हें फ़टकार लगाई गई थी।
6 दिसंबर की देर रात इबरार रंजना को एक झोपड़ी में ले गया और उस पर शादी का दबाव बनाने लगा। जब लड़की ने इससे इंकार किया तो उसने उसे पटका, उसका मुँह दबाया और चाकू से गले को लगभग अलग कर दिया।
IPS अब्दुर रहमान पर पुलिस भर्ती के दौरान फर्जीवाड़े का आरोप है। महाराष्ट्र सरकार ने जाँच के आदेश दिए थे। 2007 की पुलिस भर्ती परीक्षा में मराठी में लिखना अनिवार्य था, लेकिन अब्दुर रहमान ने 'विशेष समुदाय' के लोगों को उर्दू में लिखने की अनुमति दी थी। साथ ही महिला अभ्यार्थियों का कोटा होने के बावजूद भी उनकी भर्ती नहीं की थी।
पाकिस्तान से हर साल 5000 हिन्दू अपना घर-बार छोड़ कर भारत भाग आते हैं। वहाँ के 95% मंदिरों पर कब्ज़ा कर उनमें दुकानें चलाई जा रहीं। बांग्लादेश में 3000 से ज़्यादा हिन्दुओं का घर जला दिया गया। 1 करोड़ 40 लाख हिन्दू वहाँ हमेशा कट्टरपंथियों के निशाने पर। अफगानिस्तान में...
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार देश के संविधान पर भरोसा रखती है और मैं भरोसा दिलाता हूँ कि यह देश कभी मुस्लिम मुक्त नहीं होगा। वे कहते हैं कि इस बिल से मुस्लिमों का अधिकार छिन जाएगा, मगर मैं सबको भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि इस बिल से किसी का भी अधिकार नहीं छिनेगा।
"इंसान को आस्था की ज़रूरत ही नहीं है। इंसान की आस्था की 'इंसान' है, इंसान की जाति 'इंसान' है... पहली बार आस्था को नागरिक होने के पैमाने के तौर पर माना जाएगा।"
यह बिल किसी तरह से मुस्लिम भाइयों को नुकसान नहीं करता है। इससे किसी की नागरिकता खतरे में नहीं पड़ने वाली है। यह शरणार्थियों को नागरिकता देगी, मगर भारत के मुस्लिमों को इससे डरने की जरूरत नहीं है। इनकी नागरिकता को कोई असर नहीं पड़ने वाला है।
विधेयक के मुट्ठी-भर विरोधी इकट्ठे होकर जताने की कोशिश कर रहे हैं कि वे समूचे कैम्पस के प्रतिनिधि हैं। इस षड्यंत्र में उनके साथ कुछ वामपंथी समाचापत्र भी हैं।
"लोग हिंदू-मुस्लिम कर रहे हैं? मुस्लिमों को बताइए यहाँ पर क्या दिक्कत है? उनको क्या परेशानी है? हमारे वहाँ पर हिंदू तकलीफ में हैं। उन पर अत्याचार होते हैं। तभी हम यहाँ आते हैं, कौन चाहता है अपना घर छोड़ना... कॉन्ग्रेस ने ही तो धर्म के नाम पर देश को बाँटा था। कॉन्ग्रेस सरकार में यह मुमकिन नहीं हो पाता।"
एक चतुर लेकिन बौखल वकील बुढ़ापे में यह भूल गया कि किस तरफ़ से बहस करने की फीस मिली है, और जाकर अपने ही मुवक्किल को कातिल साबित करने वाली दलीलें दे आया। तृणमूल के सांसद और हम सबके बचपन के 'बॉर्नवीटा क्विज़ मास्टर' डेरेक ओ'ब्रायन यही मूर्खता आज राज्य सभा में कर आए हैं।
इंदौर में जब मीडिया ने सिंधिया से बिल पर राय पूछी तो एक ही बात को बार-बार घुमाकर बोल रहे थे, जिसका कोई मतलब नहीं निकल रहा था। वीडियो में वो थोड़े से बदहवास से भी नज़र आ रहे थे। नागरिकता संशोधन विधेयक को बार-बार ‘अध्यादेश’ बोल रहे थे।
RISAT2-BR1 के पहले तक भारत को बादल घिर आने की स्थिति में ज़मीनी तस्वीरों के लिए कनाडाई उपग्रहों से मिली तस्वीरों पर निर्भर रहना पड़ता था। यह समस्या भारत की इस साल फरवरी में हुई बालाकोट एयर स्ट्राइक के दौरान भी खड़ी हुई थी।
कपिल सिब्बल ने कहा कि सबसे पहले टू नेशन थ्योरी वीर सावरकर ने दी थी। इसके बाद सिब्बल ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए (प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के लिए असंसदीय शब्दों का प्रयोग भी) कहा कि...
इसके साथ ही नागरिकता की दादी ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे का नाम ‘भारत’ रखा था, तभी से उनके मन में था कि एक दिन वो भारत जरूर जाएँगी। उन्होंने अपनी बेटी का नाम ‘भारती’ रखा और अब अपनी पोती का नाम ‘नागरिकता’ रखा है।
नानावती-मेहता आयोग की फाइनल रिपोर्ट में 59 कारसेवकों को जलाए जाने के बाद राज्य में भड़की हिंसा को सुनियोजित हिंसा नहीं माना गया। आयोग ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली तत्कालीन गुजरात सरकार को अपनी रिपोर्ट में क्लीन चिट दी है।
पटना हाईकोर्ट ने यह फैसला सीआरपीएफ के एक पूर्व असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर की अपील पर सुनाया। जिन्होंने कुछ समय पहले पहली पत्नी के साथ गुजर-बसर करने के दौरान ही सीआरपीएफ की एक महिला कॉन्स्टेबल सुनीता उपाध्याय से शादी कर ली थी।
"मैं मजदूर हूँ। 5 महीने पहले पति मर गए। बेटे काम की तलाश में दरभंगा और नेपाल चले गए। एक महीने पहले जब मेरी बेटी खेत में धान काट रही थी, तभी अरमान अंसारी ने उसके साथ बलात्कार किया। उसे गर्भ भी ठहर गया। मैं चाहती थी कि वो मेरी बेटी से शादी कर ले, लेकिन उसने इनकार कर दिया और फिर जला कर मार भी डाला।"
मुसलमानों के साथ कौन सा अन्याय हुआ है? कहाँ के मुसलमान को वो नहीं मिल रहा जो हिन्दुओं को मिल रहा है? क्या कोई ऐसी योजना है, छात्रवृत्ति है, कोई कार्ड है, सिलिंडर है, बिजली है, बैंक अकाउंट है, बल्ब है, बीमा है, हॉस्पिटल है, स्कूल है, कॉलेज है, यूनिवर्सिटी है, जहाँ सरकार ने कहा हो कि इसमें भारतीय मुसलमानों को नहीं रखा गया है?
शेखर गुप्ता ने दावा किया कि नागरिकता संशोधन विधेयक वह नहीं है, जिसके लिए भाजपा को वोट दिया गया था। जबकि थोड़ा सा गूगल कर लेते तो उनके जैसे 'वरिष्ठ' पत्रकार को लोकसभा चुनाव 2019 में BJP का घोषणापत्र मिल जाता, जिसमें साफ-साफ लिखा है कि...
यह पहला झूठ नहीं था, जिसे हरिशंकर ने अपने बेटे को बचाने के लिए बोला। इससे पहले वो बताया था कि उसका बेटा घटना वाले दिन लखनऊ में परीक्षा देने गया था। लेकिन एडमिट कार्ड या कोई दूसरा सबूत पेश नहीं कर पाया। फिर उसने हाईकोर्ट में अस्पताल की पर्ची जमा करवा दी। लेकिन अब यह भी फर्जी!
"8 दिसम्बर की रात मेरी बेटी शौच के लिए गई थी। वहीं से जाहिद, नसीर और ताहिर ने हथियार के बल पर उसका अपहरण कर लिया। फिर पास के जंगल में ले जाकर अपने साथियों अमर, बन्नू और बालू के साथ मिलकर उसका सामूहिक बलात्कार किया। फिर उन्होंने..."
राज्यसभा में अगर नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB, कैब) पास हो जाता है, तो बांग्लादेश से आए 5 लाख से ज्यादा बंगाली हिंदू, जिन्हें एनआरसी की अंतिम सूची में जगह नहीं मिल पाई थी, उन्हें नागरिकता मिल जाएगी।
नागरिकता संशोधन विधेयक का अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में विरोध शुरू। खुद को 'छात्र' कहने वाले उन्मादियों के समूह ने कैंपस में सभा की, जिसमें CAB को मुस्लिम विरोधी करार दिया गया। इसके बाद छात्रों ने नागरिकता संशोधन विधेयक की प्रतियाँ जलाईं और ‘हिंदुत्व मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए।
हुमा 8वीं कक्षा में पढ़ती है। पहले हुमा को किडनैप किया गया फिर जबरन धर्म परिवर्तन कराने के बाद अपहरण करने वाले अब्दुल जब्बार से उसका निकाह करा दिया गया। इसके बाद बड़े 'शान' से और 'हिम्मत' के साथ निकाह के कागज हुमा के माता-पिता के पास भेज दिया गया - यह इसलिए क्योंकि समझ जाओ कि बेटी अब दूसरे की हो गई, लापता-मिसिंग-कोर्ट-कचहरी जाने का कोई फायदा नहीं!
याचिका में महात्मा गॉंधी का भी हवाला दिया गया है। कहा गया है, "गॉंधी जी कहते थे कि कोई भी फैसला लेने से पहले गरीब के बारे में सोंचे। सोंचे कि आपका फैसला कैसे उस व्यक्ति की मदद करेगा। आप ऐसा करेंगे तो आपके भ्रम दूर हो जाएँगे।"
नागरिकता संशोधन विधेयक पर कॉन्ग्रेस के दबाव और कर्नाटक विधानसभा उपचुनाव के नतीजों से दुविधा में शिवसेना। उप मुख्यमंत्री और महकमों को लेकर जारी खींचतान से पिंड छुड़ाने के लिए क्या फिर भाजपा के पास लौटेंगे उद्धव ठाकरे?