पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (PTA) ने बताया कि जब शिया मुस्लिम मुहर्रम की अपनी सबसे महत्वपूर्ण रस्म निभाएँगे, उस दौरान मोबाइल फोन सेवाएँ और इंटरनेट बंद रहेंगे.......
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) सुनील अरोड़ा सहित चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में तीनों दलों के प्रतिनिधियों ने इस साल झारखंड, महाराष्ट्र और हरियाणा में और जनवरी 2020 में दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनावों में प्रदर्शन को सुधारने का मौका माँगा।
"आप दूसरों को उपदेश देते फिरते हो लेकिन अपने ही देश का मज़ाक बना रखा है। चंद्रयान-2 भारत का ऐतिहासिक मिशन है। यह एक बड़ी उपलब्धि है। तुम सब चाहते हो कि यह असफल हो। तुम सब बस कश्मीर और चंद्रयान-2 को लेकर ही चिंतित हो।"
"तबरेज अंसारी की मौत घटनास्थल पर नहीं हुई थी, और ग्रामीणों का भी अंसारी को मारने का कोई इरादा नहीं था। मेडिकल रिपोर्ट में भी हत्या के आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई।" - आईपीसी की धारा 304 के तहत दाखिल चार्जशीट पर सरायकेला-खरसावां के एसपी कार्तिक का बयान।
"उम्भा का विवादित जमीन कॉन्ग्रेसी नेता के नाम पर था। जमींदारी खत्म होने के बाद इन्होंने कई सोसायटी बनाई और बड़े पैमाने पर जमीनों के ट्रांसफर किए। कॉन्ग्रेस नेताओं द्वारा अवैध तरीके से जब्त की गई जमीन को खाली करवाकर उन आदिवासियों, वन विभाग और ग्राम सभा को दे दी जाए, जिनकी ये जमीनें हैं।"
रात 9: 15 बजे जब ये जुलूस गुजर रहा था तब रवि की गाड़ी इनके जुलूस के बीच में आ गई और जुलूस में शामिल लोगों ने गुस्से में रवि की कार पर हमला कर दिया। लोहे की रॉड और डंडे की मदद से रवि की कार के शीशे तोड़े गए।
वामपंथी विचारधारा (हम जो कह दें, वही सत्य है) वाले अविनाश दास ने एक फर्जी नोटिस को ट्विटर पर टाँग तो दिया लेकिन फैक्ट चेक के जमाने में बेचारे खुद टँग गए। 2-4 की-वर्ड अगर गूगल कर लेते तो शायद छीछालेदर से बच जाते। लेकिन ऐसा करते तो फिर वामपंथी कैसे कहलाते!
कमलनाथ से जुड़ा ये केस FIR संख्या 601/84 पर आधारित है। यह उन 7 मामलों में से एक है, जिन्हें फिर से खोला जाएगा। ये मामला उन बयानों और संजय सूरी (क्राइम पत्रकार) जैसे गवाहों पर आधारित हैं जो दावा करते हैं कि कमलनाथ उन सिख विरोधी भीड़ में शामिल थे और...
इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के पूर्व विधायक बलदेव कुमार ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों से त्रस्त होकर भारत में शरण माँगी है। वह इस वक्त अपने परिवार के साथ पंजाब में हैं और आगे भी वो भारत में ही रहना चाहते हैं।
हड़प्पा वैदिक नहीं था, जबकि वैदिक जो थे वो हड़प्पन ही थे। क्योंकि हड़प्पा सभ्यता पुरानी और वेद बाद में आया। हड़प्पा में दफनाने को प्राथमिकता दी जाती थी जबकि वेद में दाह संस्कार। हड़प्पा सिंधु-सरस्वती के किनारे समृद्ध हुई है जबकि वेद गंगा-यमुना के किनारे। दोनों का हिदू धर्म में योगदान हैं। स्पष्ट!"
"केजरीवाल सरकार डेंगू के मच्छरों को मारना चाहती है, लेकिन बीजेपी वाले खुद डेंगू बनकर इस अभियान को मारना चाहते हैं। इसी नीयत से एमसीडी ने एक डाटा जारी कर बताया है कि डेंगू के लार्वा दिल्ली सरकार के स्कूलों और दफ्तरों में मिले हैं।"
बिरेन सिंह ने कहा "यह केंद्र सरकार के माध्यम से किया जाएगा। असम यह उच्चतम न्यायालय की निगरानी में कर रहा है। इसलिए हम केंद्र सरकार से इसे करने के लिए अनुरोध कर रहे हैं।"
पाक अधिकृत कश्मीर में लोगों ने पाकिस्तान की सेना व पुलिस के द्वारा किए जा रहे अत्याचारों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में कई लोग शामिल हुए और उन्होंने 'पाकिस्तान से आज़ादी' की माँग की।
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने पाकिस्तान में क्रिकेट मैच खेलने के लिए हामी भर ली है, लेकिन 11 खिलाड़ियों ने पाकिस्तान जाने से साफ इनकार कर दिया है। लगभग एक दर्जन खिलाड़ियों ने पाकिस्तान में क्रिकेट खेलने से इसलिए इनकार किया है।
एक पीड़ित के अनुसार, आरोपितों ने उससे संपर्क कर के 2 लाख भारतीय मुद्रा के बदले 1 लाख सऊदी करेंसी देने का वादा किया। इसकी क़ीमत लगभग 19 लाख रुपए हो जाती है और इसीलिए ऐसा ऑफर ठुकराना मुश्किल होता है।
ये घटना कुपवाड़ा के केरन सेक्टर की है, जहाँ एलओसी के पास पाकिस्तान की इस हरकत को नाकाम किया गया। भारतीय सेना द्वारा जारी की गई वीडियो में 5 बैट आतंकियों की लाशें और उनके हथियार दिख रहे हैं।
ये मंदिर 51 शक्तिपीठों की प्रतिकृतियाँ होंगी। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया है कि इसके साथ ही रॉक-कट मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध देवतामुरा और उन्नावकोटी पहाड़ियों के लिए एक हेलीकाप्टर सेवा भी शुरू की गई है।
87 वर्षीय कल्याण सिंह ने राम मंदिर को लेकर सभी राजनीतिक दलों से स्थिति स्पष्ट करने को कहा। सिंह ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को बताना चाहिए कि वे राम मंदिर के पक्ष में हैं या नहीं?
जब राजदीप कहते हैं कि 19 लाख लोगों को लिस्ट से.... उसी समय सौरभ द्विवेदी ऊँगली उठाकर बेहद दार्शनिक मुद्रा में और पूरे आत्मविश्वास के साथ राजदीप सरदेसाई को 'सही' करते हुए कहते हैं 'इकतालीस लाख..' इतना सुनते ही राजदीप एक कदम और आगे जाते हुए कहते हैं- "हाँ....हाँ वही इकतालीस लाख, उन्नीस लाख को मिलाकर।
पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नीतीश कुमार पिछले 15 वर्षों से गठबंधन का चेहरा बने हुए हैं, इसीलिए यह मौक़ा किसी भाजपा नेता को मिलना चाहिए।
नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (NRC) पर कई लोगों ने कई तरह के सवाल उठाए हैं, इसलिए वह स्पष्ट रूप से कह देना चाहते हैं कि एक भी अवैध अप्रवासी को भारत सरकार देश में नहीं रहने देगी। ये उनका वादा है।
थरूर पिछले कुछ दिनों से लगातार कॉन्ग्रेस पार्टी को सलाह पर सलाह दे रहे हैं। उन्होंने अपनी पार्टी को नसीहत दी कि भाजपा की सफलता से डरने की बजाय पार्टी अपने मूल विचारों पर ध्यान दे।
“हमें जानकारी मिली है कि भारत के दक्षिणी हिस्से में आतंकी हमला हो सकता है। सर क्रीक से कुछ लावारिस बोट बरामद की गई हैं। हम आतंकी और विरोधी तत्वों की हर नापाक कोशिशों को नाकाम करने के लिए सावधानी बरत रहे हैं।”
भाजपा अध्यक्ष की मानें तो सिद्धारमैया ने ऐसा इसलिए किया है, क्योंकि कॉन्ग्रेस में डीके शिवकुमार का कद तेजी से बढ़ रहा था। उनके मुताबिक यही कारण है कि डीके शिवकुमार की गिरफ्तारी के पीछे सिद्धारमैया हो सकते हैं।
युवा कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव ने सब- इंस्पेक्टर उज्मा खान को अपनी पहुँच और रसूख बताने की कोशिश की। मगर उज्मा खान ने भी बता दिया कि वह कॉन्ग्रेस के मंत्री आरिफ अकील की भतीजी हैं।
इस बात पर राहुल गाँधी ने कहा कि वो ट्रैफिक वालों से विक्रम की सेटिंग करवा देंगे, उनके पास ATM वाला 2000 का नोट है। अमित शाह ने कहा कि किसी भी सूरत में कॉन्ग्रेस को सिवाय देश की बर्बादी के, दूसरी किसी भी बात का क्रेडिट लेने नहीं देंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि विक्रम मिस्ड कॉल देगा और भाजपा कार्यकर्ता बनेगा।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमिटी के अध्यक्ष व विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने कॉन्ग्रेस से कमलनाथ को सीएम पद से हटाने की मॉंग की है ताकि सिखों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। उन्होंने दोनों गवाहों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर की है।
बेहद शर्म की बात है कि महत्वपूर्ण पद पर होते हुए भी कवासी लखमा शिक्षक दिवस के अवसर पर बच्चों के बीच बकायदा मजे लेकर ये बता रहे हैं कि किस तरह से गुंडागर्दी करके बड़ा नेता बना जा सकता है। जबकि वे बच्चों को भविष्य के लिए अच्छी सीख दे सकते थे।
इससे पहले शर्मिष्ठा दिल्ली प्रदेश कॉन्ग्रेस में प्रवक्ता बनाई गई थीं। इसी तरह अंशुल मीरा कुमार का भी प्रमोशन हुआ है। वह मीरा कुमार के बेटे हैं। मीरा कुमार पूर्व उप-प्रधानमंत्री जगजीवन राम की बेटी हैं।
"प्रिय NDTV, ये शीर्षक गुमराह करने वाला है और तस्वीर से मेल नहीं खाता। हमें मुस्लिमों से प्यार है लेकिन जो नीचे तस्वीर में पगड़ी पहनकर आदमी खड़ा है वो मैं हूँ और मैं एक सिख हैं। तुमने बहुत बड़े स्तर पर सिखों और उनकी पगड़ी की जहालत की हैं। कृपा करके अब इस तस्वीर को हटाएँ और इस खबर का भी शीर्षक ठीक करें।"
रामपुर से सपा सांसद 'भू-माफिया' आजम खान के खिलाफ सरकारी और किसानों की जमीन पर कब्जा करने के साथ ही बिजली चोरी, अतिक्रमण, भैंस चोरी तथा अभ्रद्र भाषा का इस्तेमाल करने के लगभग 80 मामले दर्ज हैं।
तेहरान ने इस्लामाबाद को स्पष्ट शब्दों में कहा है कि किसी तीसरे देश के खिलाफ इस तरह के पोस्टर लगाना राजनयिक मानदंडों के खिलाफ है। पाकिस्तान ने एक मौखिक नोट के जरिए जब इस मुद्दे को उठाया तो तेहरान ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।
ऐसा नहीं फ़िरोज़ गाँधी कॉन्ग्रेसी नहीं थे या राजनीति में उनकी हिस्सेदारी नहीं थी। गाँधी परिवार की परंपरागत सीट रायबरेली के पहले सांसद वही थे। फिर, बात-बात में नेहरू, इंदिरा और राजीव का नाम लेने वाले कॉन्ग्रेसी और उनका अगुआ शीर्ष परिवार फिरोज का नाम लेने से क्यों डरता है?
फ़िरोज़ गाँधी भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ अभियान चलाने वाले अग्रणी नेताओं में से एक थे। नेहरू युग में एलआईसी कम्पनी में हुए घोटाले के ख़िलाफ़ फ़िरोज़ द्वारा आवाज़ उठाए जाने के कारण तत्कालीन वित्त मंत्री टीटी कृष्णमाचारी को इस्तीफा देना पड़ गया था।
आरोपित ओबेद अफरीदी फोटोग्राफर है और गुनबीन को अच्छी तरह से जानता है। इसी का फायदा उठाकर वो खुद को गुनबीन बताकर अलग-अलग वीआईपी नंबरों से मॉडल्स व लड़कियों को फोन कर उनसे इंडस्ट्री में सेटल करवाने के नाम पर अश्लील और न्यूड फोटो माँगता था।
सोमवार की सुबह करीब साढ़े 4 बजे शंकर को एहसास हुआ कि रघुवीर अभी भी अपने फोन पर पबजी खेल रहा है। वे उसके कमरे में गए और फोन छीन लिया। इसके बाद रघुवीर अपने पिता पर झपटा और हसियां से हमला कर उनके टुकड़े कर दिए।
रामपुर के डीएम ने बताया कि अखिलेश यादव की तरफ से धरने की अनुमति नहीं माँगी गई थी। फिलहाल यहाँ पर धारा 144 लागू है। 50 से अधिक लोग गाँधी समाधि के पास इकट्ठा नहीं हो सकते हैं। यह नियम सभी पर लागू होता है, अखिलेश यादव पर भी।
चोटी पर तिरंगा लहराने के बाद विक्रम बत्रा ने कहा था, “यह दिल माँगे मोर” और उसी वक़्त से यह हिंदुस्तानी फ़ौज का मंत्र बन गया। बत्रा के जज़्बे को देखते हुए यूनिट ने उनको नया नाम दिया ‘शेरशाह’ यानी ‘शेरशाह ऑफ़ कारगिल’।
गुलशन की मौत के बाद नईम अपने परिवार और अन्य लोगों के साथ अस्पताल पहुँचा और हंगामा शुरू कर दिया। कुछ देर बाद भीड़ डॉक्टर को खींचकर सड़क पर ले आई और बुरी तरह पीटने लगी। भीड़ ने डॉक्टर को पुलिस की जीप से भी खींच लिया।
अदालत ने कहा कि वैशाली पर अत्याचार किए जा रहे थे, जिसके कारण उसने जीने की उम्मीद खो दी थी। उसकी सास उससे दुर्व्यवहार करती थी और उसका पति चुप्पी साधे रखता था, जो वैशाली के लिए शारीरिक और मानसिक यातना देना जैसा था।
घटना शनिवार रात की है। एसएसपी ने बताया कि कुछ लोगों ने एक खास क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी थी। इस पर उस इलाके के लोगों ने आपत्ति जताई। इसके बाद हुई झड़प में करीब 10 लोग घायल हो गए।
केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करते हुए राज्य का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया था। साथ ही जम्मू-कश्मीर को विभाजित कर दो केंद्र शासित प्रदेश के गठन का ऐलान किया था।
आईबी ने राजस्थान के पास सीमा पर अतिरिक्त पाकिस्तानी सैनिकों की तैनाती के बारे में सचेत किया है। बताया जा रहा है कि आर्टिकल 370 हटाए जाने की भनक नहीं लगने से आईएसआई पर बहुत ज्यादा दबाव है। यह एजेंसी के इतिहास की सबसे बड़ी विफलता मानी जा रही है।
वेस्ट दिल्ली के डीसीपी दीपक पुरोहित ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मोहम्मद रजी, कासिम अंसारी, बालकिशन, मैमून अहमद, तसलीम और फरदीन सिद्दिकी उर्फ शम्मी के रूप में हुई है। मुख्य आरोपित मोहम्मद रजी, एक ऑनलाइन फूड डिलिवरी ऐप बेस्ड कंपनी में काम करता है।
बिजन असम के दरांग जिले के मंगलदाई थाना क्षेत्र के निवासी थे और 6 सितंबर को वह इलाहाबाद आए थे। सुसाइड नोट में उन्होंने पीएम मोदी से अपने गायक बेटे की मदद की गुहार लगाई है। जिला प्रशासन से गुजारिश की कि उनका शव परिवार को न सौंपकर प्रयागराज में ही दफना दिया जाए।
परमाणु बम की तकनीक 'नकलचोरी' करने वाले कादिर खान को सर पर बिठाने वाले पाकिस्तान में असली वैज्ञानिकों की नाकद्री का अब्दुस सलाम से बड़ा उदाहरण नहीं हो सकता। लेकिन उन्हें कभी भाव नहीं दिया गया, क्योंकि वे अहमदी थे, जिन्हें कट्टरपंथी 'सच्चा' नहीं मानते।