नेतन्याहू ने अपने चुनावी प्रतिद्वंद्वियों को 'कमज़ोर लेफ्टिस्ट्स' बताया था। नेतन्याहू ने समर्थकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि भले ही ये दक्षिणपंथी सरकार है लेकिन वो सभी के प्रधानमंत्री होंगे। उन्होंने कहा कि वो राइट, लेफ्ट, Jews, Non-Jews- इन सभी के पीएम होंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर सेंसर बोर्ड फ़िल्म को पास कर देती है तो इसके रिलीज में कोई दिक्कत नहीं है लेकिन लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनज़र आयोग ने फ़िल्म की रिलीज रोक दी है। आयोग ने कहा कि जबतक आम चुनाव ख़त्म नहीं हो जाते, तबतक ये फ़िल्म रिलीज नहीं होगी।
आम चुनाव से सिर्फ 2 दिन पहले इस इलाके की वोटर लिस्ट जारी की गई है। ऐसे में इतने कम समय में गलती में सुधार हो पाना अब मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन नजर आ रहा है।
यूपी की 8 सीटों के लिए 16633 मतदान केंद्रों पर 96 उम्मीदवार एक-दूसरे को टक्कर देने के लिए खड़े हैं। यहाँ पर मुख्य मुकाबला भाजपा, कॉन्ग्रेस और बसपा-सपा तथा-रालोद के महागठबंधन के बीच होगा।
स्वराज्य की पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा की एक ग्राउंड रिपोर्ट में इस घटना से संबंधित एक और रोचक जानकारी सामने आई है क्योंकि लगभग 35 छात्र, जो कथित पीड़िता खानम के सहपाठी भी थे, ने स्पष्ट तथ्यों द्वारा इस घटना पर अपना पक्ष साझा किया।
ऑपइंडिया लेकर आया है विवेक अग्निहोत्री को भेजी गई लीगल नोटिस की एक्सक्लूसिव कॉपी। साथ ही पढ़ें 'द ताशकंद फाइल्स' के निर्देशक का एक्सक्लूसिव स्टेटमेंट। कॉन्ग्रेस क्यों रोकना चाहती है फ़िल्म की रिलीज? किसने 7 अप्रैल को फ़िल्म को सराहा और उसके बाद नोटिस भेज दिया?
लंबे समय से कॉन्ग्रेस से जुड़े रहने के बावजूद जयसूर्या खुद स्वीकारते हैं कि ग्रामीण इलाकों में लोग अब खुलेआम 'नो कॉन्ग्रेस' कहते हैं। कॉन्ग्रेस को लगता है कि उन्हें काम करने की क्या जरूरत है। लोग इंतजार करेंगे और 10 साल बाद खुद उनके पास वापस लौट आएँगे।
सुप्रीम कोर्ट ने लालू यादव की ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि तुम्हें ज़मानत पर रिहा करने में कोई ख़तरा नहीं है सिवाए इसके कि तुम दोषी करार दिए जा चुके हो।
एक तरफ जहाँ नसीरुद्दीन शाह सहित 600 कलाकरों ने लोकतंत्र कमज़ोर होने का बहाना बनाते हुए मोदी को वोट न देने की अपील की है, रजनीकांत ने कहा है कि उसे ही वोट दें जो जल संकट का समाधान कर सके। रजनीकांत ने भाजपा के 'River Interlinking' परियोजना की प्रशंसा की।
भारत में इंटरनेट का इस्तेमाल लगातार बढ़ता जा रहा है। औसतन बात करें तो जहाँ 2016 तक कुछ सौ एमबी डेटा की ही खपत प्रति मोबाइल होती थी, वहीं अब अनुमानित तौर पर एक मोबाइल यूज़र हर महीने 10 जीबी डेटा का इस्तेमाल करता है।
देश में गरीब हैं, गरीबी है। कैसे निपटा जाए इनसे… नेहरू ने कहा, लोड मत लो - 'गरीबी हटाओ' का नारा लगाओ और मस्त रहो। और आज जबकि 1969 में शुरू की गई इस योजना के 50 साल पूरे हो रहे हैं तब आपको मानना ही पड़ेगा कि नेहरू; राजकपूर से भी बड़े शो मैन और छलिया थे।
जब महबूबा ने हिन्दुस्तान के मिट जाने की धमकी दी तो गौतम गंभीर से रहा नहीं गया और उन्होंने किया कुछ ऐसा कि तिलमिलाई महबूबा मुफ़्ती ने उन्हें ट्विटर पर ब्लॉक कर दिया। जानिए दोनों में कैसे हुई ज़ोरदार बहस और गंभीर ने कैसे महबूबा के छुड़ाए छक्के।
“ये छापेमारी एजेंसी अपने इनपुट के आधार पर कर रही है। इसमें केंद्र सरकार का किसी तरह का हाथ नहीं है। सरकार को दोष देना गलत बात है। ऐसा कई वर्षों से हो रहा है, आज अचानक तो शुरू नहीं हुआ है। इसके पीछे की तरह की राजनीतिक शक्ति का इस्तेमाल नहीं किया गया है। देश में आचार संहिता लागू है। हम क्या करें?”
सोशल मीडिया पर कन्हैया कुमार के लिए कुछ तस्वीरें बड़े स्तर पर शेयर की जा रही हैं। इन तस्वीरों में ये सन्देश देते हुए शेयर किया जा रहा है कि कॉन्ग्रेस MLA अदिति सिंह बेगूसराय में लोगों से CPI नेता कन्हैया कुमार को वोट देने की अपील कर रही हैं।
नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी की चपेट में आने से भाजपा विधायक भीमा मंडावी की मौत हो गई। उनके साथ ही घटना में सुरक्षा में तैनात 5 जवान भी वीरगति को प्राप्त हो गए।
चैती छठ में खासा धूम-धाम देखने को नहीं मिलता है। जबकि कार्तिक छठ में ज्यादा चहल-पहल होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि कम ही व्रती चैती छठ करते हैं। गरमी के कारण कार्तिक छठ से ज्यादा मुश्किल होता है चैती छठ करना।
इस तरह के विवादित चित्र देखकर पता चलता है कि भीमराव अम्बेदकर को हम सबने कितने गलत तरीके से पढ़ा है। हमने उनके नाम पर समाज को सवर्ण और दलित के टकराव में झोंका है। हमने अम्बेदकर की गलत व्याख्या कर के पवित्र मानकों को अपमानित कर एक बड़े हिस्से को ठेस लगाकर हम बाबा साहब अम्बेदकर के दोषी बन चुके हैं।
"मैं अल्लाह से दुआ करती हूँ कि लक्ष्मी को भीख न माँगना पड़े, कोई दुर्गा गर्भ में न मरे, न पार्वती को दहेज देना पड़े, न सरस्वती को शिक्षा से वंचित किया जाए और न ही किसी काली को 'फेयर एंड लवली' की ज़रूरत पड़े। इंशाल्लाह!"
इनकम टैक्स के छापे में अब तक कहाँ से क्या मिला, देखिए पूरी सूची क्योंकि आपको ये कहीं और नहीं मिलेगा। इस पर कोई चर्चा नहीं कर रहा, कोई सवाल नहीं पूछ रहा, कोई प्राइम टाइम नहीं कर रहा। ये नेताओं, व्यापारियों, अधिकारियों, पत्रकारों का एक बहुत बड़ा नेक्सस है।
बढ़ते कम्पटीशन के दौर में सर्वाइवल और नाम का भार ढोते इन पोर्टलों के पास नग्नता और वैचारिक नकारात्मकता के अलावा फर्जीवाड़ा और सेक्स ही बचता है जिसे हर तरह की जनता पढ़ती है। लल्लनपॉट यूनिवर्सिटी से समाज शास्त्र में पीएचडी करने वाले ही ऐसा लिख सकते हैं।
यह हमला अस्पताल की ओपीडी में किया गया। जहाँ आरएसएस नेता/चिकित्सा सलाहकार चंद्रकांत अपने बॉडीगॉर्ड के साथ मौजूद थे। जैसे ही यह हमला हुआ अस्पताल के भीतर हुआ वहाँ अफरा-तफरी मच गई।
पंडोरी माता के मंदिर से कुछ दूरी पर ही चौकीदार का भी मंदिर है। यहाँ की मान्यता है कि जो भी भक्त पंडोरी माता के दर्शन के लिए आते हैं उन्हें देवदारवनिया चौकीदार के मंदिर भी जाना पड़ता है।
“यह नजरिए का मामला है। मैं नहीं जानता कि मंदिरों का प्रबंधन सरकारी अधिकारियों को क्यों करना चाहिए? तमिलनाडु में मूर्तियों की चोरियाँ हो रही हैं। धार्मिक भावनाओं के अलावा ये मूर्तियाँ अनमोल हैं।”
राहुल-प्रियंका की सहारनपुर रैली के दौरान सबकुछ ठीक-ठाक था लेकिन अचानक मौसम ने धोखा दे दिया और आसमान में काले बादल छा गए। पंडाल में कुर्सियाँ इधर-उधर उड़ने लगी। कॉन्ग्रेस ने रैली रद्द होने के पीछे योगी आदित्यनाथ को ज़िम्मेदार ठहराया है।
"रोहिंग्या को लावारिस मत समझना कि उन्हें बंगाल से निकाल दोगे। सुनो... ये असम नहीं, ये गुजरात नहीं, ये यूपी नहीं, ये मुजफ्फरनगर नहीं... ये बंगाल है, बंगाल। और बंगाल में अभी तक किसी माँ ने वो औलाद नहीं जना है जो मुसलमानों को निकाल कर दिखा दे।"
विश्वविद्यालयों की सूची में जेएनयू को NIRF की रैंकिंग के अनुसार देश का दूसरा सबसे बेहतरीन विश्वविद्यालय बताया गया है। इस कैटिगरी में पहले स्थान पर बंगलुरू स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस है। इसी कैटिगरी में जामिया मिलिया को 12वाँ और दिल्ली विश्वविद्यालय को 13वाँ स्थान मिला।
बिहार की राजनीति को समझने वाले लोग जानते हैं कि यहाँ लालू यादव जैसा वरिष्ठ और अनुभवी नेता भी संसदीय चुनाव हार सकता है, तो इन हवा-हवाई सेलेब्स की बात पर यहाँ की जनता शायद ही ध्यान दे। शबाना आज़मी और जावेद अख़्तर का न तो यहाँ जनाधार है और न ही उनका ऐसा कोई प्रभाव है कि उन्हें सुनने के लिए भीड़ जुटे।
दिल्ली में एक बड़े नेता के क़रीबी के यहाँ से 230 करोड़ रुपए के अवैध लेन-देन का पता चला है। टैक्स हेवेन कहे जाने वाले देशों में 80 कंपनियों की मौजूदगी के सुबूत भी मिले हैं। दिल्ली के पॉश इलाक़ों में कई बेनामी और अवैध संपत्ति का भी पता लगा है।
LET'S KILL THIS LOVE नाम का यह गाना 3.13 मिनट का है। इस गाने को बनाने के बाद जब इसको यूट्यूब पर 4 अप्रैल को अपलोड किया गया तो यह कुछ ही समय में यह वायरल हो गया। 24 घंटे में इसे 56.7 मिलियन (5 करोड़ 67 लाख) बार देखा गया।
फ़िल्मों में गुंडों को उड़-उड़ कर मारने वाले तेलुगू अभिनेता नंदमुरी बालाकृष्णा उस वक़्त रील और रियल लाइफ का फ़र्क़ भूल गए, जब उन्होंने अपनी ही पार्टी के एक कार्यकर्ता की जम कर पिटाई कर दी और उसके फोन को छीन कर फेंक दिया। हाल ही में उन्होंने एक पत्रकार को भी पीटा था।
सीबीआई ने सज्जन कुमार के राजनीतिक रसूख का जिक्र करते हुए अदालत से कहा कि वो बाहर निकलते ही गवाहों को आतंकित कर सकता है। 34 वर्ष बाद आए फैसले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने सज्जन कुमार को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई थी। वो 3 महीने से जेल में है।
जाँच का दायरा बढ़ाने का आदेश देने के बावजूद भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह साफ़ किया कि उसे वर्तमान प्रणाली में कोई खोट नहीं दिखता और यह एक से पाँच की बढ़ोतरी केवल चुनाव प्रणाली में भरोसा बढ़ाने के लिए हो रही है।
ये चौंकाने वाला है कि जिस उत्तर प्रदेश के लिए प्रियंका गाँधी को जोर-शोर से लॉन्च किया गया है, उसी यूपी में कॉन्ग्रेस गठबंधन को 80 में से महज 3 सीटें मिलेंगी। दिल्ली में AAP का खाता तक नहीं खुलेगा। पिछले आम चुनाव की तरह इस बार भी भाजपा सातों सीटों पर कब्ज़ा करेगी।
केरल के वाईपिन तट पर और भी लोगों की भीड़ इकट्ठा थी पर वे या तो पानी में कूदने की हिम्मत नहीं कर पा रहे थे या उनमें से कोई भी ऐसा करने में सक्षम नहीं था। लेफ्टिनेंट दलाल तुरंत पानी में कूद गए और डूबते इन्सान की ओर बढ़ने लगे। कुछ ही मिनटों में...
फायर करने के बाद 'धनुष' आर्टिलरी गन अपनी पोजिशन चेंज कर सकती है। इस गन का वजन 13 टन है। विशेष गोला-बारूद के साथ इसका रेंज 38 किलोमीटर हो जाता है। इसे चीन व पाकिस्तान से लगी सीमा पर तैनात किए जाने की उम्मीद है।
घाटी के सारे नेताओं के देशविरोधी बयान।महबूबा मुफ़्ती ने भी धारा 370 को लेकर कहा कि पूरा देश जल उठेगा। फ़ारूक़ के बेटे उमर ने जम्मू कश्मीर के लिए अलग पीएम-राष्ट्रपति की माँग की थी। ग़ुलाम नबी आज़ाद ने जम्मू कश्मीर पुलिस को दुश्मन बताया था।
अपने विरोधी सुरों में वो कभी बीजेपी को बैलेट पेपर पर जवाब देने की धमकी दे डालती हैं तो कभी न्यूज़ चैनल द्वारा उनकी धरने देने वाली कवरेज़ पर मीडिया संस्थान को (रिपब्लिक टीवी) नोटिस थमा देती हैं। बड़ी ही 'विलक्षण' और फ़र्ज़ी प्रतिभा की धनी हैं ममता दीदी!
भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के F-16 को मार गिराने का सबूत देते हुए रडार के जरिए मिली उस तस्वीर को भी जारी कर दिया, जिसमें F-16 फाइटर जेट को साफ तौर पर एयरबोर्न वॉर्निंग ऐंड कंट्रोल सिस्टम ने लिया था।
रॉबर्ट वाड्रा ने अपनी चुनाव प्रचार समिति तैयार कर ली है। इसके लिए कई कॉन्ग्रेस नेताओं ने आवेदन दिया था लेकिन उनमें से कुछ को ही चुना जा सका। वाड्रा अब अपनी इस चुनाव प्रचार समिति के साथ भारत भ्रमण पर निकलेंगे। जानिए कौन-कौन हैं उनकी टीम में?
ऐसे बहुत से विदेशी नागरिक हैं जो भारतीय परंपराओं को सर्वोपरि मानते हैं और उसे आत्मसात करने का पूरा प्रयास करते हैं। हमारे देश की सभ्यता का गुणगान जब दूसरे देश के लोग करते हैं तो शायद ही ऐसा कोई भारतीय होगा जिसका सिर गर्व से ऊँचा नहीं उठेगा।
माल्या ने खुद को बचाने के लिए कई बार ऋण की मूल राशि का 100 प्रतिशत लौटाने की पेशकश की है। पर याचिका खारिज किए जाने के बाद माना जा रहा है कि उनका प्रत्यर्पण जल्दी ही हो सकता है।
ममता बनर्जी ने एक रैली में प्रधानमंत्री मोदी को सत्ता और राजनीति से बाहर निकालने की बात कही। इतना ही नहीं, उन्होंने तो यहाँ तक कह दिया कि मोदी के मुँह को चिपकने वाले सर्जिकल टेप से चिपका देना चाहिए।
वैसे तो फ़िल्म 12 अप्रैल को रिलीज होने वाली है लेकिन ऑपइंडिया आपके लिए लेकर आया है 'द ताशकंद फाइल्स' का रिव्यु। एक्टिंग, निर्देशन और स्क्रिप्ट से लेकर फिल्म के थीम की गहन एवं विस्तृत समीक्षा। और हाँ, मिथुन चक्रवर्ती का वो डायलॉग...
संतान जब दो महीने से आईसीयू में हो, बोलना चाहे और आवाज न निकले, लगातार सर्जरी होती रहे, डॉक्टर आपको बताते रहे कि इसमें समय लगेगा, आप धैर्य दिखाते हैं, आप पत्नी का हाथ पकड़ते हैं, दूसरे बच्चों को गोद में सुलाते हैं, उसे सरल शब्दों में बताते हैं कि उसका भाई कल की अपेक्षा आज बेहतर है।