सीएम योगी ने बताया कि महाकुंभ के दौरान होटल उद्योग में ₹40 हजार करोड़, खाने-पीने और FMCG में ₹33 हजार करोड़, परिवहन क्षेत्र में ₹1.5 लाख करोड़ का फायदा हुआ है।
जेलेंस्की के रुख में यह बड़ा बदलाव अमेरिका के सैन्य मदद रोकने के फैसले के बाद आया है। अमेरिका ने यूक्रेन को भेजे जाने वाले मिसाइल, ड्रोन, टैंक समेत बाकी हथियारों की डिलीवरी रोक दी थी।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि मिशनरियाँ हवाला के जरिए मोटी रकम भेज रही हैं। चर्चों और बड़े स्कूलों से भी पैसा आ रहा है, जिससे ये गैंग ग्रामीण इलाकों में जाल बिछा रहे हैं।
जस्टिस सूर्यकांत ने चेतावनी देते हुए कहा, "ये लोग नहीं जानते कि सुप्रीम कोर्ट का क्षेत्राधिकार कहाँ तक है... सुधर जाओ वरना हम जानते हैं कि आपसे कैसे निपटना है।"
उर्दू ट्रांसलेटर के तौर पर काम करने वाले एक सरकारी कर्मचारी ने 2020 में एक हिन्दू व्यक्ति हरी नंदन सिंह के विरुद्ध मजहबी भावनाएँ आहत करने के मामले में FIR दर्ज करवाई थी।
महिला ने आरोप लगाया कि हिंदुओं को मूर्ति विसर्जन के लिए नहीं जाने देते। पूजा-पाठ में भी मुस्लिम विघ्न डालते हैं। महिला ने आरोप लगाया कि मुस्लिमों का कहना है कि हिंदू लोग 'जय श्री राम' का नारा लगाते हैं, इसलिए उन्हें नहीं दिया जाएगा।
1 मार्च दोपहर तीन बजे छात्रों के दो गुटों में झगड़ा हुआ। इस बीच गोली की आवाज सुनाई दी। मौके पर जाकर देखा गया तो कैफ घायल था। मेडिकल कॉलेज ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।
हमास को दुनिया आतंकवादी संगठन मानती है और बीबीसी पर सवाल उठ रहे हैं कि उसने हमास से जुड़े शख्स के बेटे को क्यों चुना? क्या ये आतंकवादियों को बढ़ावा देने की कोशिश थी?
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट्स में केजरीवाल सरकार की करतूतें उजाकर हो रही हैं। इन रिपोर्ट्स को अरविंद केजरीवाल या आतिशी के मुख्यमंत्री रहते विधानसभा में पेश ही नहीं किया गया।
ASI ने कोर्ट को दी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि ढाँचे में कोई ऐसी संरचनात्मक समस्या नहीं है इसलिए इसकी मरम्मत या फिर रंगाई करना जरूरी नहीं है। अब मामले में अगली सुनवाई 5 मार्च को होगी।
आध्यात्मिक क्षेत्र में रिसर्च करने वाले लोग करोड़ों भारतवासियों के इस उत्साह पर अध्ययन करेंगे तो पाएँगे कि अपनी विरासत पर गौरव करने वाला भारत अब एक नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है।
पहली बार नहीं है जब हिंदू संत या धार्मिक संगठन किसी तरह के परोपकारी कार्य कर रहे हो, सालों से ऐसा हुआ, लेकिन वामपंथियों ने कभी उसका प्रचार नहीं होने दिया।
मस्जिद कमेटी का कहना है कि रमजान 1 मार्च से शुरू हो रहा है, इसलिए मस्जिद को तैयार करना जरूरी है। वे हर साल सफेदी, सफाई, मरम्मत और लाइटिंग का काम करते हैं।