दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने भाजपा नेता अपूर्वा सिंह को धमकी देने के मामले में दो लोगों को गिरफ़्तार किया है। मोहम्मद आसिम पहले से ही पुलिस के शिकंजे में है।
शनिवार को नेपाल की राजधानी काठमांडू में बड़ी संख्या में लोग नक्शे के खिलाफ जगह-जगह सड़कों पर उतर आए और सुबह से ही सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन करने लगे।
दिल्ली में मृत्यु दर पूरे भारत के मृत्यु दर का 10 गुना है। जिसको देखते हुए प्रोफेसर शामिका रवि ने आगाह किया है कि दिल्ली में लगातार मृत्यु दर अभी भी बढ़ता जा रहा है।
उत्तर पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में CAA के विरोध में हुए हिंदू विरोधी दंगों के दौरान एक व्हाट्सएप ग्रुप की भूमिका सामने आई है। मामले में चार्जशीट दायर किया गया है।
इस क़ानून के तहत, जो धार्मिक स्थल आज़ादी के समय जिस संप्रदाय का था वो आज और भविष्य में, भी उसी का रहेगा। जैसे किसी भी मस्जिद को मंदिर में नहीं बदला जा सकता है।
जौनपुर के भदेठी गॉंव में मुस्लिमों ने दलित बस्ती पर हमला कर उनके घरों को फूॅंक दिया था। पीड़ित पूजा ने उस रात का खौफनाक ब्यौरा सामने रखा है। साथ ही सरकारी मदद पर संतोष जताया है।
पूर्व पुलिस महानिदेशक ने कहा कि घाटी में हिंदू अल्पसंख्यक हैं और आतंकियों के निशाने पर रहता है। इसीलिए आतंकी हमलों से बचाव के लिए उन्हें भी ट्रेनिंग दी जानी चाहिए।
योगेंद्र यादव ने कुछ ख़ास लोगों के सैम्पल साइज को 138 करोड़ की जनता पर लागू कर दिया और उलटे-सीधे गुणा-भाग कर के कोरोना संक्रमितों की संख्या 15 करोड़ बताई।
रवीश आज भी नेहरू-इंदिरा के अहंकार के उस दौर से आतंकित हैं, जब मनचाहे तरीकों से सत्ता, समाज और संस्थाओं को अपने नियंत्रण में रखा करती थी। लप्रेकी रवीश इस नींद से जागना नहीं चाहते क्योंकि उन्हें 'दंगा साहित्य' पसंद है।
एर्टुग्रुल को इतिहासकारों ने ‘गाजी’ कहकर संबोधित किया है। इस्लाम में ‘गाजी’ की उपाधि मूर्तिपूजकों, गैर-मुस्लिमों, अल्लाह को न मानाने वाले अथवा काफिरों की हत्या करने वाले को दी जाती है।
फरार चल रहे तबलीगी जमात के मुखिया मौलाना साद को दिल्ली के एक मस्जिद में देखे जाने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि उसने 20 लोगों के साथ नमाज पढ़ी थी।
एक तरफ एक मजहब है, जो कि अपने मूल रूप में प्रसारवादी, राजनैतिक और ऐतिहासिक तौर पर हिंसक और लूट-पाट से ले कर आतंक का शासन स्थापित करने पर तुला हुआ है, और दूसरी तरफ उसी की प्रसारवादी नीतियों को झेल कर हर बार खड़ा होने वाला धर्म! दोनों एक हैं ही नहीं, आप क्यों मिलाना चाह रहे हो?
राहुल गॉंधी ने जो 2013 में किया उसे प्रियंका गॉंधी 2020 में अजय सिंह लल्लू के नाम पर दोहराने की कोशिश में हैं। दिलचस्प यह है कि इस कोशिश में चायवाले का मजाक उड़ाने वाली कॉन्ग्रेस नमक बेचने की दुहाई दे रही है।
दिवंगत अजय पंडिता की बेटी नियंता ने कहा है कि कॉन्ग्रेस को भारत के बेटे की हत्या पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। उनके पिता की हत्या पर राजनीति करने की जरूरत नहीं है। उनका परिवार किसी से कुछ नहीं माँग रहा। उन्हें बस इंसाफ चाहिए।
रायबरेली से कॉन्ग्रेस विधायक अदिति सिंह ने पार्टी के सभी Whatsapp ग्रुपों को छोड़ दिया है। पिछले दिनों उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से पार्टी का नाम हटाया था।