गृह मंत्रालय ने इन सबका पर्यटक वीजा भी रद्द कर दिया है जिससे कि ये अब कभी भी भारत नहीं आ सकेंगे। देश में अब तक सामने आए कोरोना के मामलों में से लगभग 20% तबलीगी जमात से जुड़े बताए जा रहे हैं।
जमात के इज्तिमा में शामिल लोगों की देशभर में तलाश की जा रही है। झारखंड में इनमें से एक नाम मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के बेटे तनवीर का भी है। लेकिन, हैरानी की बात यह है कि मंत्री पर इस बात को छिपाने के आरोप लग रहे हैं। हालॉंकि उनका पूरा परिवार होम क्वारंटाइन में चला गया है।
इंदौर प्रशासन ने वहाँ अर्धसैनिक बल की तैनाती करने का निर्णय लिया है। पथराव और हमला करने वालों के वीडियो वहाँ मौजूद स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए थे। चश्मदीदों से भी वीडियो में नज़र आने वालों की शिनाख्त करवाई जा रही है।
लॉकडाउन के बीच ये छात्र विश्वविद्यालय परिसर से बाहर जाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन जब उसे सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोका गया, तो वह वहीं बैठ गया और सुरक्षाकर्मियों से जिरह करने लगा।
आशा वर्कर के अनुसार मस्जिद से घोषणा के बाद तकरीबन 100 लोगों ने उन्हें घेर लिया। कोरोना की आशंका वाले लोगों से संबंधित जानकारी जुटाने से उन्हें रोका। पीड़ित महिला ने भीड़ को भड़काने के लिए मस्जिद प्रबंधन के खिलाफ तुरंत एक्शन लेने की माँग की है।
"अल्लाह हमारी दुआ कबूल करे। अल्लाह हमारे भारत में एक ऐसा भयानक वायरस दे कि दस-बीस या पचास करोड़ लोग मर जाएँ। क्या कुछ गलत बोल रहा मैं? बिलकुल आनंद आ गया इस बात में।"
ईरान कोरोना वायरस संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित मुल्कों में है। ईरान में कोरोना से मरने वालों की संख्या बुधवार को 3036 हो चुकी थी। संक्रमित लोगों की संख्या 47,593 थी। इराक में कोरोना की वजह से कई प्रांतों में कर्फ्यू लगाना पड़ा है।
"मरकज के जमातियों का टेस्ट हुआ, उसमें किसी को भी कोरोना वायरस नहीं पाया गया और मीडिया कह रही है कि कोरोना वायरस तबलीगी जमातियों ने फैलाया है। कैसे? समझ रहे हो आप?"
दिल्ली का एलएनजेपी अस्पताल हो या हैदराबाद का गॉंधी हॉस्पिटल। समुदाय विशेष के मरीज अब भी मनमानियों से बाज नहीं आ रहे। गॉंधी हॉस्पिटल में जिनलोगों को क्वारंटाइन किया गया है उनकी सामूहिक रूप से नमाज अदा करती तस्वीरें सामने आई है।
PM मोदी ने लोगों से 21 दिन तक घरों में रहने की अपील बेहद सामान्य शब्दों में और विनम्रतापूर्वक की थी। फिर भी एक विशेष वर्ग, जिसने सत्ता-विरोधियों के एक ही इशारे में नागरिकता कानून को समझ लिया था और शाहीनबाग़ खड़ा कर दिया, के लिए यह अपील समझनी मुश्किल नजर आ रही है।
"तबलीगी जमात के ज्यादातर सदस्य जाँच में सहयोग नहीं कर रहे। इसके कारण हमारे स्टाफ की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। जिन तीन ब्लॉक में इन्हें रखा गया है वहॉं पुलिस की तैनाती करनी पड़ी है।"
इस बीच दिल्ली की तबलीगी जमात में शरीक हुए यूपी के 569 लोगों को अब तक विभिन्न जिलों में क्वारंटाइन किया गया है। वहीं प्रदेश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 2, जबकि इससे संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 117 से अधिक हो गई है।
कोरोना के कहर से अब तक बचा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में भी अब कोरोना के मामले लगातार सुनने को मिल रहे हैं। अब वहाँ कोरोना संक्रमण के पॉजिटिव केसों की पुष्टि हो रही है। मणिपुर में कोरोना वायरस के दूसरे मामले की पुष्टि हुई है।
राष्ट्रपति के इस ऐलान के बाद कुछ एक्टिविस्ट उनकी आलोचना कर रहे हैं। उनके बयान को हिंसक बता रहे हैं और कह रहे हैं कि यही सब ड्रग्स के खिलाफ शुरू हुई जंग के दौरान उन्होंने किया था, वे वैसा ही दोबारा कर रहे हैं। उस समय भी पुलिसवालों ने हजारों लोगों को मार दिया था और अब भी यही आदेश दे रहे हैं।
क्राइम ब्रांच एएसपी ने बताया आरोपित इरशाद नाम के युवक ने व्हाट्सएप पर 'मस्ती की पाठशाला' नाम से ग्रुप बना रखा था। इस ग्रुप में जुड़े कई युवक लगातार संदेश लोगों को संदेश भेजकर यह भ्रम फैला रहे थे कि कोरोना के इलाज की आड़ में जो डॉक्टर उनके मोहल्लों में आ रहे हैं, वे जहरीला इंजेक्शन दे रहे हैं। इसलिए उनका बहिष्कार करें।
नए ऑडियो में (जिसे आज ही अपलोड किया गया है, जबकि मौलाना पुलिस-प्रशासन से भागता फिर रहा है) मौलाना साद न केवल डॉ की हिदायत पर अमल करने के लिए कहता है, बल्कि उसे शरीयत के अनुकूल भी बताता है।
ईरान में लगातार बढ़ते कोरोना के मरीजों की संख्या के बीच कुछ मौलवी पैगंबर के इत्र और फूलों के तेल से इस्लामी चिकित्सा को बढ़ावा दे रहे हैं। ईरान के मौलवियों की मूर्खता से वहाँ लगातार कोरोना के मरीजों की संख्या और मौतों का आँकड़ा भी बढ़ता चला जा रहा है।
प्रोपेगेंडा वेबसाईट TheWire एक फर्जी खबर चलाता है - योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ। सरकार के द्वारा FIR दर्ज की जाती है। इससे स्वघोषित फैक्ट-चेकर प्रतीक सिन्हा बौखला जाता है। इसे लेकर वह न सिर्फ ANI पर सवाल उठाता है बल्कि प्रेस स्वतंत्रता से भी जोड़ देता है।
हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने बताया कि सभी की मेडिकल जाँच की जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी 503 लोगों के बारे में पूरी जानकारी मिल चुकी है, लेकिन उनकी जानकारी को पुख्ता करने के लिए गृह विभाग अपने ढंग से काम करने में जुटा हुआ है।
मरकज बंद करने के फ़ौरन बाद सोशल मीडिया पर एक खबर यह कहकर फैलाई गई कि आंध्रप्रदेश में स्थित तिरुमाला के भगवान वेंकेटेश्वर मंदिर को तबलीगी जमात मामला के जलसे के सामने आने के बाद बंद किया गया है।
मध्य प्रदेश का इंदौर शहर सबसे अधिक कोरोना महामारी की चपेट में है, जहाँ मंगलवार को एक ही दिन में 20 नए मामले सामने आए, जिनमें 11 महिलाएँ और शेष बच्चे शामिल थे। साथ ही मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 6 हो गई है।
"हमारी चेतावनी के बावजूद इन्होंने अपने झूठ को ना डिलीट किया ना माफ़ी माँगी। कार्रवाई की बात कही थी, FIR दर्ज हो चुकी है आगे की कार्यवाही की जा रही है। अगर आप भी योगी सरकार के बारे में झूठ फैलाने के की सोच रहे है तो कृपया ऐसे ख़्याल दिमाग़ से निकाल दें।"
औरतें और बच्चें भी भीड़ में शामिल दिख रहे हैं। विडियो में काफी शोरगुल के बीच मैथिली में गोली चलाए जाने और पुलिसकर्मियों के गाड़ी छोड़ कर भागने की बात कहते लोगों को आप सुन सकते हैं। एक शख्स पीएम मोदी का भी नाम ले रहा है।
ये लोग सुबह से किसी की नहीं सुन रहे थे और खाने की चीजों की अनुचित माँग कर रहे थे। उन्होंने क्वारंटाइन सेंटर में कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। यही नहीं, उन्होंने वहाँ पर मौजूद डॉक्टरों समेत अन्य काम करने वाले सभी लोगों पर थूकने लगे।
देश में घोषित किए गए लॉकडाउन के बीच 28 मार्च से उत्तरी दिल्ली के मजनू-का-टीला गुरुद्वारा में फँसे सिखों को दिल्ली सरकार ने नेहरू विहार के एक स्कूल में शिफ्ट करने का फैसला किया है। साथ ही सरकार ने फैसला लिया है कि सभी लोगों को क्वारंटाईन करके जाँच के लिए उनके सैंपल लिए जाएँगे।
कॉन्ग्रेस ने वीपी सिंह के खिलाफ अरुण गोविल से चुनाव प्रचार करवाकर इलाहाबाद के मतदाता की भावना भड़काने की कोशिश की थी। इलाहाबाद उपचुनाव उस समय हॉट टॉपिक था और राजीव गाँधी अपनी छवि को हिंदुओं के बीच बेहतर जताने का भी प्रयास कर रहे थे।
"मैसेज के माध्यम से खाना पकाने की गैस का ऑर्डर स्वीकार नहीं हो रहा है। क्या सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित हुई है या एजेंसियाँ ठीक से काम नहीं कर रहीं।"
इससे पहले एक मामला दिलशाद गार्डन स्थित दिल्ली स्टेट कैंसर हॉस्पिटल से भी सामने आया था, जहाँ से एक कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर को कोराना पॉजिटिव पाया गया था। हालाँकि, संक्रमित डॉक्टर की कोई ट्रैवल हिस्ट्री भी नहीं मिली थी।
अहमदाबाद में पुलिस को तब निशाना बनाया गया जब वह निजामुद्दीन के मरकज से निकले लोगों की तलाश कर रही थी। इससे पहले मधुबनी, भिलाई, सोलापुर, बोंगाईगॉंव जैसे कई जगहों पर पुलिस के काम में बाधा डालने की कोशिश समुदाय विशेष की तरफ से हो चुकी है।
अब सवाल खड़ा होता है कि दिल्ली मजहबी सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद ये जो जमाती पूरे देश में फैले इन्होंने जागरूकता के नाते पहले अपनी जाँच क्यों नहीं कराई और जब ये लोग दूर क्षेत्रों की मस्जिदों में पहुँचे या वहाँ रुके भी तो इस दौरान वहाँ के स्थानीय लोगों ने इसके संबंध में पुलिस प्रशासन को क्यों अवगत नहीं कराया।
"चाहे वह सफाई कर्मचारी हो, डॉक्टर हो या फिर नर्स, कोरोना के खिलाफ जंग में अगर उनकी जान चली जाती है तो उनका सम्मान करते हुए उनके परिवार को 1 करोड़ रुपए दिए जाएँगे। चाहे वे प्राइवेट हॉस्पिटल के हों या सरकारी इससे फर्क नहीं पड़ेगा।"
दिल्ली पुलिस के बार-बार कहने पर भी मौलाना साद इमारत खाली करवाने को तैयार नहीं था। बाद में उसने केवल 167 लोगों को ही क्वारंटाइन किए जाने की अनुमति दी। लेकिन, जब डोभाल ने मोर्चा सॅंभाला तो वह पूरी इमारत खाली करवाने को तैयार हो गया।
इन तीन महीनों में अगर वो EMI या क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान नहीं करते हैं, तो उन्हें इस अवधि का ब्याज देना होगा। हालाँकि, इस वजह से उनके लोन चुकाने की अवधि तीन महीने के लिए बढ़ जाएगी। सबसे जरुरी बात यह है कि EMI पर ग्राहकों को सिर्फ तीन माह की मोहलत मिली है, ना की लोन चुकाने से माफी!
पूरी दुनिया कोरोना वायरस के संक्रमण से त्राहि-त्राहि कर रही है। लेकिन, चीन संक्रमण पर काबू पाने का जश्न मना रहा है। उसने वेट मार्केट फिर से खोल दिया है। खुलेआम कुत्ते, बिल्ली, बतख, खरगोश का माँस बिक रहा है। चमगादड़, केकड़े और छिपकलियाँ भी बेची जा रही हैं।
पुलिस से वहाँ उपस्थित लोग झड़प करने लगे। इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज कर के लोगों को वहाँ से भगाना पड़ा। जमालुद्दीन अंसारी, हुसैन ख़ान, सैयद नवाब कुरैशी, मोहम्मद मिराज शेख और अजहरुद्दीन शेख समेत अन्य लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है। इन सब पर राजस्थान एपिडेमिक डिजीजेज एक्ट लगाया गया है।
रामायण और महाभारत की नायिकाओं देवी सीता और देवी द्रौपदी के बीच सबसे बड़ी समानता ये है कि दोनों ही अयोनिजा हैं। यानी दोनों ने ही माँ के गर्भ से जन्म नहीं लिया है। देवी सीता भूमि से प्रकट हुई हैं जिनको भूसुता भी कहते हैं, तो द्रौपदी अग्नि से उत्पन्न हुई हैं और इनको अग्निसुता कहा जाता है।
पुलिस ने मौलाना साद, डॉ जीशान, मुफ्ती शहजाद, मोहम्मद सैफी युनूस और मो सलमान के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने बताया कि संख्या ज्यादा होने के कारण जगह को खाली कराने में 5 दिन लगे। वहीं ये भी मालूम हुआ कि 28 मार्च को पुलिस द्वारा नोटिस मिलने के बाद से इस कार्यक्रम को आयोजित करने वालों में से एक मोहम्मद साद फरार है। पुलिस इनकी तलाश में जुटी है।
वुहान वायरस का संक्रमण रोकने के लिए जरूरी है कि केंद्र सरकार के सभी प्रयास सफल रहें। इसके लिए राज्य सरकारों को बिना किसी छल-कपट के एकजुट होकर काम करना होगा। तभी अपने लोगों के जीवन की रक्षा की जा सकती है।
सीएम योगी के मीडिया सलाहकार सिद्धार्थ वरदराजन को चेताया कि अगर उन्होंने अपनी इस फेक न्यूज़ को तुरंत डिलीट नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी और उन पर मानहानि का मुकदमा भी चलाया जाएगा। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए ये भी कहा कि कार्रवाई के बाद वेबसाइट के साथ-साथ केस लड़ने के लिए भी सिद्धार्थ वरदराजन को डोनेशन माँगना पड़ जाएगा।
”हम भी यहीं के बाशिंदे हैं। हम भी पाकिस्तानी हैं। तो हमारा भी ख्याल करना चाहिए। जैसे सब लोगों के साथ कॉपरेट करते हैं। हमारे साथ भी करना चाहिए। हमारे पास भी छोटे-छोटे बच्चे हैं। हम भी गरीब लोग हैं। यहाँ के रहने वाले। मगर फिर हमारे साथ कोई कॉपरेट क्यों नहीं करता। दूसरे लोगों को दिया जाता है। हमें नहीं दिया जाता। ये गलत है न!”
"दिल्ली व पंजाब के दोनों मुख्यमंत्रियों से हाथ जोड़ कर आग्रह है कि मजनू का टीला में फँसे लोगों को निकालें। इनमें से कई लोगों को सर्दी-बुखार भी है और कई खाँस भी रहे हैं। इन सबकी मेडिकल जाँच करानी ज़रूरी है।"
महाराष्ट्र के अहमदनगर में 34 ऐसे लोगों को चिह्नित किया गया है। इनमें से 29 विदेशी हैं। झारखंड और असम में भी अब संक्रमण के पहले मामले की पुष्टि हुई है। दोनों के तार निजामुद्दीन के मरकज से जुड़े हुए हैं।
4 महिलाएँ, 4 पुरुष। रहने वाले पश्चिम बंगाल के मिदनापुर के। निजामुद्दीन में जमात के कार्यक्रम में शिरकत की। मिले छत्तीसगढ़ की एक मस्जिद से। जब मौके पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुॅंची तो उनका विरोध किया। उन्हें गुमराह करने की कोशिश की।
रायविंड स्थित मरकज में ठहरे 35 लोगों की स्क्रीनिंग की गई थी, जिनमें से 27 कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। लाहौर स्गिटर रायविनफ़ में इस्लामी संगठन तबलीगी जमात ने एक मजहबी कार्यक्रम का आयोजन किया था, जिसमें कम से कम 1200 लोग शामिल हुए थे।
पुलिस को एक किमी तक समुदाय विशेष के लोगों ने खदेड़ा। उनकी जीप तालाब में पलट दी। छतों से पत्थर फेंके गए। फायरिंग की बात भी कही जा रही। सब कुछ ऐसे हुआ जैसे हमले की तैयारी पहले से ही हो। उपद्रव के बीच जमाती भाग निकले।
जनता कर्फ्यू और प्रधानमंत्री द्वारा लॉकडाउन की घोषणा से काफी पहले दिल्ली में किसी तरह की गैदरिंग पर रोक लगा दी गई थी। तब न ट्रेनों का परिचालन रुका था और न ही बसों। बावजूद इसके नियम-कायदों की धज्जियॉं उड़ाकर जमात के लोग कानून को ठेंगा दिखाते रहे।
दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल सरकार को एक चिट्ठी लिखी है। दिल्ली सरकार से 157 विदेशी नागरिकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मॉंग की है। ये विदेशी निजामुद्दीन के मरकज में हुए कार्यक्रम में मौजूद थे और फिलहाल दिल्ली की कई मस्जिदों और अन्य जगहों पर ठहरे हैं।
पैनडेमिक के पीछे कभी भी गरीब, पिछड़े और आम जीवन व्यतीत करने वालों का हाथ नहीं रहा। इसके पीछे प्राय: धनी, सुदृढ़, प्रवासी, धनाकांक्षी, गतिशील लोग होते थे और आज भी स्थिति वही है। फिर चाहे देश में पहला कोरोना केस बना वुहान से लौटा केरल का छात्र हो या लंदन से लौटी कनिका कपूर। सब एक समृद्ध समाज का हिस्सा हैं। जिनके लिए आज यहाँ कल वहाँ एक आम बात है।