इन पोस्टर पर साफ तौर से ‘Support Sharjeel Imam’ लिखा हुआ देखा जा सकता है। शरजील इमाम शाहीन बाग में हो रहे विरोध प्रदर्शन का मास्टरमाइंड है और उसने अलीगढ़ में एक सभा के दौरान भारत को तोड़ने वाला देशद्रोही बयान दिया था।
वयोवृद्ध मार्क्सवादी नेता रमेश प्रजापति सीएए से नाराज़ थे। जब उन्होंने खुद को आग लगाई तब उनके पास CAA और NRC (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) को लेकर कुछ कागजात थे। उनके परिवार ने इस मामले में पुलिस से जाँच की माँग की है।
"ये विरोध CAA का विरोध नहीं है, ये नरेन्द्र मोदी जी का विरोध है। हमने बार-बार बताया कि नागरिकता संशोधन विधेयक किसी की नागरिकता नहीं छिनता। इस देश का हर मुस्लिम नागरिक इज्जत के साथ इस देश में रहता है और रहेगा।"
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से दाखिल अपनी याचिका में यह भी कहा गया कि धार्मिक प्रथा को चुनौती देने वाली जनहित याचिका उस व्यक्ति द्वारा दायर नहीं की जा सकती, जो उस धार्मिक संप्रदाय का हिस्सा नहीं है।
"यह मामला अपहरण का नहीं बल्कि प्रेम प्रसंग का है। लड़की के दूसरे समुदाय के होने के कारण दबाव में पुलिस हमारे पूरे परिवार और रिश्तेदारों को परेशान कर रही है।" - गिरफ्तार हुए प्रेमी गौरव की माँ ज्योति देवी
चारों विद्रोही गुटों का नेतृत्व राजन दईमारी, गोविंदा बसुमतारी, धीरेन बोडो और बी सओरिगरा करते रहे हैं। इनके अलावा एक अन्य बोडो संगठन एबीएसयू के अध्यक्ष प्रमोद बोडो और बोडोलैंड टेरीटोरियल कॉउन्सिल के अध्यक्ष हाग्रामा मोहिलारी ने भी इस करार पर साइन किया।
जो गोरखनाथ मंदिर को लेकर झूठ फैलाती है। जो आज़म ख़ान के महिलाविरोधी बयान का बचाव करती है। जो 'जय श्री राम' से नफरत करती है और 'ला इलाहा' का महिमामंडन करती है। जो हलाला का विरोध करने वालों से लड़ाई करती है। वो 'द वायर' की आरफा खानम शेरवानी है।
....चोट लगने की वजह दो छात्रों की नाक से ख़ून निकल रहा था और उन्हें प्राथमिक इलाज दिया गया। इंग्लिश के एक अध्यापक गणेश सरदार ने आरोप लगाया कि भीड़ उन्हें ढूँढ रही थी, उन्हें टॉयलेट के अंदर छिपा दिया गया था। अगर ज़िला प्रशासन समय पर आकर कार्रवाई न करता तो स्थिति और बिगड़ सकती थी।
"जिस वक्त पानी आता है उस वक्त आप अपनी मोटर चलाएँगे, तो आपको पानी साफ मिलेगा। लेकिन जिस वक्त पानी नहीं आता है, उस वक्त आप मोटर चलाएँगे, तो वो आस-पास की गंदगी को खींचेगा और वो गंदगी पानी के साथ बाहर आएगी।"
“पश्चिम बंगाल सरकार हमेशा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रुख का समर्थन करती है, न कि भारतीय प्रधानमंत्री का। यह ताजा उदाहरण है। हम KMC मेयर के इस्तीफे और एक निष्पक्ष एजेंसी द्वारा जाँच की माँग करते हैं। साथ ही मुख्यमंत्री को भी इस मुद्दे पर बयान देना चाहिए।”
यूरोपीय संघ की संसद में CAA के खिलाफ प्रस्ताव लाने के पीछे यूके के सांसद शफ्फाक मोहम्मद का दिमाग है, जो कि मूल रूप से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) का रहने वाला है। POK में मीरपुर का निवासी शफ्फाक मोहम्मद 2019 से यूरोपियन पार्लियामेंट का सदस्य है।
पीएफआई ने दंगों से पहले 27 बैंक अक़ॉउंट ख़ोले थे। 9 बैंक अकॉउंट रेहाब फाउंडेशन के नाम पर खोले गए थे, जिसका संबंध भी पीएफआई से है। जबकि 37 अन्य अकॉउंट भी इसी संगठन ने 17 अलग-अलग लोगों के नाम और संगठनों के नाम पर खोले थे।
जोया अख्तर के प्रोडक्शन हाउस टाइगर बेबी फिल्म के इंस्टाग्राम पर आयशा का एक पोस्टर अपलोड किया गया। इसमें उसे टायगरेस आयशा रेना (शेरनी आयशा रेना) बताया गया। इस पोस्टर के कैप्शन में आयशा को निर्भीक, दृढ़ निश्चयी, अजेय बताया गया।
कुछ दिन पहले ही ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हुई पत्थरबाजी की निंदा पूरे विश्व में हुई थी। इससे पहले सितंबर 2019 में भी सिंध में ही एक और हिंदू मंदिर में कट्टरपंथियों ने तोड़फोड़ की थी।
"केवल पुरुष ही इस चर्च में प्रवेश कर सकते हैं, महिलाओं को इस चर्च में प्रवेश की अनुमति नहीं है। हम इस निर्णय का सम्मान करते हैं। इसके पीछे आंशिक रूप से इमारतों की रक्षा करना है, साथ ही इस स्थान को पवित्र बनाए रखने के लिए ऐसा किया जाता है।"
"जिस समय मेरी बेटी को किडनैप किया गया, उस वक्त उसकी शादी की रस्में निभाई जा रहीं थी। लेकिन, तभी शाहरूख गुल अपने कुछ साथियों और पुलिसवालों के साथ आया और मेरी बिटिया को उठा कर ले गया.."
"लव जिहाद सच्चाई है, इसे नजरअंदाज करना 'मूक मंजूरी देने के समान' है। केरल की राज्य सरकार लव जिहाद के मामलों की अनदेखी कर रही है। लव जिहाद में लड़कियों को फँसाकर उन्हें युद्धग्रस्त देशों में भेजा जा रहा है, जहाँ उनका 'सेक्स स्लेव' की तरह इस्तेमाल किया जाता है।"
"शरजील के ख़िलाफ़ असम और उत्तर प्रदेश की पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की है, वो निंदाजनक है। शरजील सिर्फ़ नागरिकता संशोधन कानून का मौख़िक आलोचक है और AMU में जो उसने असम के बारे में बयान दिया, उसे संघ के लोग और भाजपा प्रवक्ता गलत तरह से पेश कर रहे हैं।"
"हम अपनी विचारधारा से समझौता नहीं कर रहे बल्कि अपने तरीके और स्ट्रेटेजी बदल रहे हैं। सभी जाति, धर्म के लोग साथ आएँ। घर पर खूब मजहबी नारे पढ़कर आइए, उनसे आपको ताकत मिलती है। लेकिन सिर्फ मुस्लिम बनकर विरोध मत कीजिए, आप लड़ाई हार जाएँगे।"
प्लस पोलियो की टीम को स्थानीय लोगों द्वारा NPR और NRC का डाटा तैयार करने वाली टीम समझकर पहले उनके साथ मारपीट की गई और फिर स्टाफ की एक महिला के साथ अभद्रता भी की गई। यही नहीं, इसके बाद दोनों कर्मचारियों को करीब एक घंटे तक घर में बंधक बनाकर रखा गया।
छात्रों ने यह नारेबाजी तब शुरू की जब कुलपति ने अपने भाषण के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में गत 15 दिसंबर को CAA के खिलाफ प्रदर्शन के मामले में जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में AMU के छात्रों के उग्र प्रदर्शन को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
शरजील इमाम दिवंगत जदयू नेता अकबर इमाम का बेटा है। हालाँकि, अभी उसका पूरा परिवार पटना रह रहा है। शारजील इमाम आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साईंस में ग्रेजुएट है। उसके पिता अकबर इमाम जेडीयू की ओर से विधानसभा चुनाव में उतरे थे, लेकिन उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।
पुलिस ने गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रत्येक थाने के आगे भारत माता की पूजा करने की भाजपा की योजना में गतिरोध उत्पन्न किया। भाजपा का कहना है कि उन्होंने तय किया था कि 26 जनवरी के दिन वो पार्टी की ओर से शहर के सभी पुलिस थानों के आगे भारत माता की प्रतिमा रखकर पूजा-अर्चना करेंगे। इस संबंध में सभी थानों को चिट्ठी भेजकर...
तब भी ऐसा ही मजहबी उन्माद था। इसी तरह के नारे और ऐसी ही साजिशें थी। उस समय इसकी आग में कश्मीर के हिंदू जले थे। आज नहीं चेते तो अगला नंबर आपका हो सकता है।
यह देखना हास्यास्पद है कि जब इस CAA-NRC विरोध प्रदर्शन को शुरू करने वाला शाहीन बाग ही शरजील इमाम से पीछा छुड़ाना चाह रहा है, तब यहाँ जेएनयू में अपनी पहचान तलाश रहा BAPSA शरजील के मुस्लिम होने और सताए जाने की बात करते हुए इसमें ब्राह्मणवाद निकाल लाया है।
मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू ने बयान जारी कर बताया कि क्राइम ब्रांच ईटानगर ने शरजील के ख़िलाफ़ मामल दर्ज किया है। खांडू ने कहा कि इस तरह के भड़काऊ बयान देकर भारत की क्षेत्रीय अखंडता और सम्प्रभुता को खंडित करने का कोई भी प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
"हिन्दू माता-पिता बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं क्योंकि मुस्लिम अपने बच्चों को जिहादी बना रहे हैं। दंगाई मुस्लिम भीड़ ने 'पाकिस्तान ज़िंदाबाद' का नारा लगाते हुए न सिर्फ़ ईंट-पत्थर फेंके बल्कि गोली चलाई और पेट्रोल बम भी दागे। मुस्लिम महिलाएँ मिर्ची पाउडर फेंक रही थीं।"
सवाल मुस्लिमों की अल्पसंख्यक बने रहने में रूचि को लेकर है। किसी देश में अल्पसंख्यक होना, उस देश की कृपा और मेहरबानी पर आश्रित होने जैसा भाव देता है। बावजूद इसके भारत में अल्पसंख्यक होना एक अवसर माना जाता रहा है। तो क्या अवसरवादिता के लिए...
इस वीडियो में आफरीन फातिमा देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था सुप्रीम कोर्ट और सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए देखी जा रही है। वीडियो में आफरीन फातिमा सुप्रीम कोर्ट द्वारा राम मंदिर और अफजल गुरु की फाँसी के फैसलों पर संदेह जताते हुए...
'केशवानंद भारती बनाम केरल सरकार' वाले ऐतिहासिक केस ने संविधान की मर्यादा को पुनर्स्थापित किया। इसे भारतीय न्यायपालिका का सबसे 'लैंडमार्क फ़ैसला' कहा जाता है। एक ऐसा निर्णय, जिसने लोकतंत्र की मर्यादा और संविधान की अक्षुण्णता को बरक़रार रखा।
कॉन्ग्रेसी नेताओं के बीच मारपीट की यह दुखद घटना इंदौर में कॉन्ग्रेस कार्यालय में हुई। दरअसल, गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान ध्वजारोहण का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। तभी दो नेताओं के बीच झंडा फहराने को लेकर विवाद हो गया और वो एक-दूसरे से उलझ पड़े।
वे जितने ज्यादा जोर से 'इंकलाब ज़िंदाबाद' बोलेंगे, वामपंथी मीडिया उतना ही ज्यादा द्रवित होगा। कोई रवीश कुमार टीवी स्टूडियो में बैठ कर कहेगा- "क्या तिरंगा हाथ में लेकर राष्ट्रगान गाने वाले और संविधान का पाठ करने वाले देश के टुकड़े-टुकड़े गैंग के सदस्य हो सकते हैं? नहीं न।"
शरजील इमाम वामपंथियों के प्रोपेगंडा पोर्टल 'द वायर' में कॉलम भी लिखता है। प्रोपेगंडा पोर्टल न्यूजलॉन्ड्री के शरजील उस्मानी ने इमाम का समर्थन किया है। जेएनयू छात्र संघ की काउंसलर आफरीन फातिमा ने भी इमाम का समर्थन करते हुए लिखा कि सरकार उससे डर गई है।
"मैं तो इस तस्वीर में उमर अब्दुल्ला को पहचान ही नहीं पा रही हूँ। मुझे काफ़ी दुख महसूस हो रहा है। मैं उदास हूँ। ये काफ़ी दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे लोकतांत्रिक राष्ट्र में ऐसा हो रहा है। ये सब आख़िर कब थमेगा?"
पार्थसारथी ने ही पी चिदंबरम के बेटे कार्ति को भी गिरफ़्तार किया था। आईपीएस ऑफिसर धीरेन्द्र शुक्ला को भी प्रेसिडेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। उन्होंने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह ने जुड़े मामले में भी जाँच की थी।
ये धमाके तब हुए हैं, जब शाहीन बाग़ विरोध-प्रदर्शन के मुख्य साज़िशकर्ता शरजील इमाम ने असम को शेष भारत से काट कर अलग करने की धमकी दी थी। भारत के 'टुकड़े-टुकड़े' करने की बात करते हुए शरजील ने कहा था कि 'चिकेन्स नेक' वाले क्षेत्र को ब्लॉक कर के पूरे उत्तर-पूर्व को शेष भारत से अलग-थलग कर देने का लक्ष्य होना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रामलीला मैदान में हुई रैली और 40 लाख लोगों की कॉलनियों को पक्का किए जाने के कारण भाजपा को फायदा हुआ है। अमित शाह छोटी-छोटी सभाएँ कर रहे हैं। सीएए के ख़िलाफ़ हुई हिंसा में विरोधी पार्टियों के नेताओं का हाथ होने की बात से भी फ़र्क़ पड़ा है।
वो कुल मिला कर 220 किलोमीटर पैदल ही चले। वहाँ निराश होकर उन्होंने अलकनंदा नदी में कूद कर प्राण त्याग करने का निश्चय लिया, लेकिन अचानक से महेश्वर बाबाजी वहाँ आए और उन्हें अपने साथ ले गए।
संविधान का मसौदा तैयार करने में अहम किरदार निभाने वाली उन महिलाओं ने क्या सपना देखा था और शाहीन बाग की औरतें कैसी मिसाल पेश कर रही हैं। यह जानने के लिए 26 जनवरी से बेहतर दिन नहीं हो सकता।
हिरासत में लिए गए लोगों से उनका डाक्यूमेंट्स दिखाने को कहा गया था, लेकिन उनके पास भारतीय नागरिकता साबित करने वाले कोई दस्तावेज नहीं थे। पुलिस को शक है कि उनमें से कुछ आपराधिक गतिविधियों में भी संलग्न हैं।
19 जनवरी 1990 की भयावह घटनाएँ बस शुरुआत थी। अंतिम प्रहार 26 जनवरी को होना था, जो उस साल जुमे के दिन थी। 10 लाख लोग जुटते। आजादी के नारे लगते। गोलियॉं चलती। तिरंगा जलता और इस्लामिक झंडा लहराता। लेकिन...
उद्योगपति आनंद महिंद्रा और बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू सहित 16 को पद्म भूषण सम्मान के लिए चुना गया है। पद्म श्री पुरस्कारों में कई आम लोगों के नाम भी शामिल हैं।
शरजील इमाम ने अलीगढ़ में समुदाय विशेष से कहा कि वे रेलवे, सड़कों को अवरुद्ध करके असम को भारत से काट दें। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया में आया यूज़र्स ने बताया कि AAP नेता अमानतुल्लाह खान पहले दिन से ही शरजील के साथ दिखाई दे रहा था।
हसन फास्ट ट्रैक कोर्ट में अपनी जमानत कराने के लिए पहुॅंचे। कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत को भी खारिज करते हुए जेल भेजने के आदेश दिए। कोर्ट के आदेश के बाद पहुॅंचे पुलिस के आला अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में लिया और मुजफ्फरनगर की जेल भेज दिया।
वो संविधान से इस हद तक घृणा करता है कि उसे 'भारत' नाम से भी नफरत है। जेएनयू के ऐसे पूर्व छात्र के बारे में जानिए, जो कहता है कि उसका बस चले तो हैदराबाद को भी लाहौर में ले जाकर रख दे। उसकी साज़िश है कि पूरे अखंड भारत में 'खलीफा राज' स्थापित हो जाए।
जनता की भागीदारी के कारण ‘स्वच्छ भारत अभियान’ ने बहुत ही कम समय में प्रभावशाली सफलता हासिल की है। यही भावना अन्य क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों में भी दिखाई देती है। चाहे रसोई गैस की सब्सिडी को छोड़ना हो, या फिर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना।
"राज्य विधानसभा ने सीएए के खिलाफ संकल्प प्रस्ताव आज पारित किया। हम केंद्र सरकार से आग्रह करते हैं कि वह इस कानून को निरस्त करे, क्योंकि यह धार्मिक आधार पर लोगों से भेदभाव करता है जो हमारे संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन है।"
"ग़ैर-मुस्लिम मुस्लिमों की शर्तों पर प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े हों और नारा-ए-तक़बीर लगाएँ। अगर ग़ैर-मुस्लिम ऐसा नहीं करते हैं तो इसका अर्थ है कि वो मुस्लिमों के हमदर्द नहीं हैं, उनका इस्तेमाल कर रहे हैं।"
एक नन ने बिशप फ्रैंको मुलक्कल पर रेप का आरोप लगाया था। सिस्टर लूसी ने उसका समर्थन किया था। बीते साल इसके कारण उन्हें FCC ने निष्कासित कर दिया था। हालॉंकि वायनाड की अदालत ने इस पर रोक लगा दी थी।