अभिनेता शिवाजी और TV9 के तत्कालीन सीईओ रवि प्रकाश धोखाधड़ी के इस मामले में मुख्य साज़िशकर्ता हैं और उन पर आरोप है कि दोनों ने फ़र्ज़ी काग़ज़ातों के आधार पर TV9 के 40,000 शेयर्स पर कब्ज़ा कर लिया।
इतनी बड़ी संख्या में अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बावजूद अभी 100 से भी अधिक ऐसे अधिकारी हैं, जिन पर सरकार की नज़र है। इन सुस्त अधिकारियों को सरकार ने अभी अपने रडार पर रखा है और इन पर कार्रवाई की गाज कभी भी गिर सकती है।
पश्चिम बंगाल में साल 2011 में जब तृणमूल सत्ता में आई उसके बाद 'कट मनी' का प्रचलन आम हो गया। यह इस तरीके से माँगा जाना शुरू हुआ कि ग्रामीणों को पता ही नहीं चला कि यह घूस है बल्कि इसे वे हाल के दिनों तक 'सरकारी दर' ही समझते रहे। उन्हें अपने ठगे जाने की बात तब समझ आई जब...
गिरफ़्तार आरोपितों में से मोहम्मद ज़ुबैर और मोहम्मद अनस में से एक ऐसा है, जो पहले भी चोरी-चकारी के आरोप में गिरफ़्तार हो चुका है। मंदिर में अब पहले की भाँति पूजा-अर्चना शुरू हो चुकी है और स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
पिछले 8 वर्षों में इस योजना पर 700 करोड़ रुपए से भी अधिक राशि ख़र्च की गई थी। 2018 में भाजपा सरकार ने इस योजना के लिए 200 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया था। जबकि 2019 के बजट में इस योजना के बजट को 30 गुना कम कर दिया गया। सिर्फ़ 6 करोड़ रुपए ही आवंटित किए गए हैं।
ये घटना उत्तरी कश्मीर के हंदवारा स्थित वागत गाँव की है। शिक्षक ने बच्चे की इतनी पिटाई की कि वह ज़मीन पर लेट गया। इसके बाद उसने कुल्हाड़ी हाथ में लेकर उसे मारने की धमकी दी और डराया भी। अभी तक इसके पीछे के कारणों का पता नहीं चला है।
यह चुप्पी केवल आज की नहीं है, केवल मंगरू के मामले में नहीं है। यह हर उस मामले में ओढ़ा गया सन्नाटा है, जब 'डरा हुआ शांतिप्रिय' कोई अपराध करता है, और भुक्तभोगी कोई हिन्दू होता है।
TV9 भारतवर्ष द्वारा 'कॉन्ग्रेस-वादी' पत्रकार सुप्रिया भरद्वाज की एक ऐसी रिपोर्ट शेयर की गई जिसमें दावा किया गया था कि पीएम मोदी भूतपूर्व पीएम मनमोहन सिंह से मिलने उनके निवास पर गए थे। इस रिपोर्ट में इस मीटिंग की 'एक्सक्लूसिव' रिपोर्टिंग का भी दावा किया गया था।
अब ये कातिलों से लेकर गबन के आरोपियों का बचाव केवल इस आधार पर करना चाहते हैं कि फलाना मोदी के खिलाफ बोला था, ‘एंटी-RSS’ था, तो अगर इसे जेल भेजा गया तो सरकार के खिलाफ बोलने वालों में ‘डर का माहौल’ बन जाएगा।
केंद्र सरकार ने इसी साल मई में 'जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश', 'जमात-उल-मुजाहिदीन भारत' और 'जमात-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' तथा इसके सभी स्वरूपों को आतंकवादी संगठन की लिस्ट में शामिल किया है। ये मदरसों के माध्यम से दहशतगर्दी फैलाने का काम करते हैं।
मुहम्मद फुरकान नाम के इस युवक की कब्र खोद ली गई थी और जब उसे दफनाया जाने वाला था, तभी परिवार के कुछ सदस्यों ने उसके शरीर में हरकत देखी। इसके बाद रोना-धोना बंद हो गया और हैरान परिजन मुहम्मद फुरकान को अस्पताल ले गए जहाँ उसे वेंटीलेटर पर रखा गया है।
"कपिल सिब्बल ने हमें आश्वासन दिया था कि चैनल दो साल के लिए चलेगा, तो हम यहाँ आ गए। लेकिन अब करोड़ों कमाने के बावजूद चैलन हमें नियमानुसार तीन महीने की सैलरी देने से मना कर रहा है।"
इमाम का कहना है कि इस छोटे से वाकये पर सियासत नहीं करनी चाहिए। इमाम ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि कुछ लोग मंदिर के नाम पर अफवाह फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। इस छोटे से वाकये पर सियासत नहीं करनी चाहिए।
पीड़िता ने जब इस्लाम कबूलने की बात नहीं मानी तो गुलशन शेख ने उस पर मुज्जफर लतीफ पटेल से शादी करने का दबाव डाला। उसकी तथा उसके पिता की हत्या करने की धमकी दी। आरोपितों के चंगुल से पीड़िता किसी तरह भागने में कामयाब रही और पुलिस के पास पहुँची।
कर्नाटक में कॉन्ग्रेस के 2 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद से राज्य में सियासी हलचल तेज है। पहले बेल्लारी जिले के विजयनगर से कॉन्ग्रेस सांसद आनंद सिंह ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया था। इसके बाद एक और कॉग्रेस विधायक रमेश जरकिहोली ने भी विधानसभा से इस्तीफा दे दिया।
महिला ने जब अपने पति को शराब पीने से रोका, तो उसे बदले में तीन तलाक कह दिया गया और साथ ही उसकी लात घूसों व लाठी-डंडों से पिटाई भी हुई। इसके बाद उसे बेघर कर दिया गया।
बुजुर्ग ने कहा- "बैर न कर काहू सन कोई, राम प्रताप विषमता खोई।" चौपाई सुनते ही युवकों के होश उड़ गए और इसके बाद जब वहाँ भीड़ जुटने लगी, तो युवक वहाँ से भाग खड़े हुए।
भावुक कार्यकर्ता बार-बार राहुल गाँधी से इस्तीफा वापस लेने की माँग कर रहा था। उसका कहना था कि अगर राहुल गाँधी इस्तीफा वापस नहीं लेते हैं, तो वो फाँसी के फंदे से झूलकर आत्महत्या कर लेगा। इसके बाद उसने आत्महत्या करने के लिए खुद को वहाँ एक पेड़ से लटका लिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
नुसरत जहां कोलकाता में रथयात्रा में विशेष अतिथि होंगी। साथ ही, TMC सांसद नुसरत, रथयात्रा के लिए ISKCON को बधाई देने के अलावा नागरिकों से इसमें शामिल होने की अपील भी कर रही हैं।
"नशे में धुत कुछ युवक मेरे घर के नीचे इकट्ठा हो गए थे और जब आस-पास के लोगों ने उन्हें मंदिर के अंदर जाने से रोकने की कोशिश की तो उन्होंने करीब 400 लोगों को हमला करने के लिए बुला लिया। इस दौरान AAP विधायक इमरान हुसैन भी वहाँ आए और उन्होंने मुस्लिम भीड़ का समर्थन किया।"
UPA की सरकार के दौरान जनवरी 2007 में आरोपितों ने मध्य प्रदेश में कोल ब्लॉक का अधिकार पाने के लिए स्क्रीनिंग कमिटी के समक्ष गलत तथ्य दिए थे। गलत तरीके से लाभ पाने के कारण कोयला मंत्रालय को धोखे में रखा था, जिसके कारण कोल आवंटन मामले इन आरोपितों के नाम की सिफ़ारिश की गई है।
"मेरी दोनों पत्नियाँ इस्मत परवीन और जबना आपस में लड़ने के साथ-साथ मुझसे भी लड़ती थीं। इस कारण मैं काफ़ी परेशान रहने लगा था। इसी वजह से मैंने पहले अपनी पहली बीवी इस्मत का गला घोंटा और बाद में जबना को मार डाला।
दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में दुर्गा मंदिर में तोड़फोड़ करने के मामले में पुलिस ने 3 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपितों में से एक नाबालिग है, जबकि बाकी दोनों आरोपित बालिग बताए जा रहे हैं। घटना की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग में यह तीनों मंदिर में तोड़फोड़ करते दिख रहे हैं।
"इससे पहले कि आप जज करें कि मैंने कौन से कपड़े पहन रखे थे, मैं आपको बता दूँ कि मैंने नार्मल जीन्स-टॉप ही पहन रखा था। जैसे ही मैं उसकी टैक्सी में घुसी, ड्राइवर ने अपने पेंट की चेन खोल कर अश्लील हरकतें करनी शुरू कर दी। उसने मुझे ग़लत निगाहों से घूरना शुरू कर दिया।"
"हम दिन-रात इसलिए मेहनत नहीं कर रहे कि ऐसी हरकत की जाए। किसी का बेटा होने का ये मतलब नहीं कि मनमानी की छूट होगी। जेल से छूटने के बाद स्वागत में जो लोग गए थे, उनको बाहर किया जाए, पूरी यूनिट भंग की जाए।"
"निजी वाहन में बिना अनुमति के कोई प्रवेश नहीं किया जा सकता। इसकी अनुमति वाहन का मालिक ही दे सकता है। लेकिन, यदि वाहन सार्वजनिक स्थल पर खड़ा है तो पब्लिक के पास प्राइवेट वाहन को अप्रोच करने का अवसर होता है।"
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमिटी के प्रतिनिधियों की बातें सुनने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जाँच का दायरा बढ़ा दिया। गृह मंत्रालय ने कहा कि 1984 सिख विरोधी दंगे के वीभत्स रूप को देखते हुए इससे जुड़े सभी ऐसे गंभीर मामलों में जाँच फिर से शुरू की जाएगी, जिसे बंद कर दिया गया था या फिर जाँच पूरी कर ली गई थी।
शाहीन की 5 साल की एक बेटी है और वह जब भी अपनी बच्ची को लेकर ससुराल जाती है तो वहाँ उसके पति के घरवाले उसके साथ मारपीट करते हैं और तीन तलाक का हवाला देकर घर से निकाल देते हैं।
इस अनुच्छेद की वजह से कश्मीर में आरटीआई भी लागू नहीं है। इसके अलावा शहरी भूमि क़ानून भी वहाँ लागू नहीं होता। जम्मू कश्मीर का अपना अलग ध्वज है और वहाँ के निवासियों के पास दोहरी नागरिकता होती है। यहाँ विधानसभा का कार्यकाल भी 6 वर्षों का होता है।
भगवा ध्वज फहराना दलित उत्पीड़न के अंतर्गत अपराध नहीं है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज किए गए एक मामले पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपित को जमानत दी।
जूता फैक्ट्री चलाने वाले ज़ाहिद ने आरोप लगाया कि उसके समाज के लोगों ने जबरन उसकी फैक्ट्री बंद कराने की कोशिश की और धमकियाँ दीं। इरफ़ान सलीम, शिराज कुरैशी, महमूद ख़ान, राहत अली, नदीम नूर, जुहैर ख़ान, हाजी बिलाल और तालिब शहजाद सहित कई लोगों पर मुक़दमे दर्ज किए गए।
एक बार पूरा होने के बाद और कोई मूल निवासी प्रमाण पत्र जारी नहीं होंगे। केवल मूल निवासियों के बच्चों को उनके जन्म प्रमाण पत्र के साथ मूल निवासी प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाएँगे
जाँच अधिकारी ने बताया कि क़ानून के अनुसार, अगर 50 रुपए से अधिक क़ीमत के किसी भी जानवर को मार दिया जाए या ज़हर दिया जाए, तो आरोपित को 5 साल की जेल होगी या उसे भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। हालाँकि, जानवर के मालिक के साथ समझौता करना भी एक विकल्प हो सकता है।
आरोपित ने कोर्ट के इस फैसले को 2 जनवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद आरोपी पर फिर से मुकदमा चलने के रास्ते साफ हो गए हैं। न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और एन वी रमन्ना की एक पीठ ने आरोपित की याचिका खारिज कर दी और अब उस पर ट्रायल चलेगा।
मौलवी आदिल का मानना है कि कश्मीर में कथित आज़ादी के लिए चल रहे 'अभियान' से भी ज्यादा ज़रूरी है ज़ायरा वसीम जैसी लड़कियों को बताना कि वे बॉलीवुड में काम करना छोड़ें। मौलवी ने कहा कि ज़ायरा वसीम जैसी लड़कियाँ इस्लाम के लिए शर्म हैं।
'जॉइन इंडियन आर्मी' फेसबुक पेज लाइक करने वालों में से ही हनी-ट्रैप होने वाले शिकारों का चयन हो रहा है। सिविलियन्स के भी निशाना बनने से इंकार नहीं किया जा सकता।
कर्नाटक के सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ क्रिकेट में डेब्यू किया था, लेकिन वो अब तक भारत के लिए एक दिवसीय टीम से डेब्यू नहीं कर पाए हैं।
"अगर मैं उन्हें कभी मिलूँगा तो उन्हें ये बात ज़रूर बोलूँगा कि वह काफी अच्छा काम कर रही थीं। ये उनकी पर्सनल च्वाइस है। बॉलीवुड में काम करने से कोई गैरमुस्लिम नहीं बन जाता है।"
ISIS के झंडे लहराए गए। तबरेज अली के बैनर-पोस्टर के साथ उसे शहीद का दर्जा देने की माँग की गई। इंस्पेक्टर, सीओ और सिटी एसपी से धक्कामुक्की की गई। राहगीरों को परेशान किया गया। पाँच थानों में 70 नामजद सहित हज़ारों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है।
मुजाहिद को 15 दिनों तक पुलिस की हिरासत में रखा जाएगा। पूछताछ में पता चला कि मुजाहिद को जब इस बात की भनक लगी कि वो एआईटी स्कैनर की नज़र में है तो वो दुबई भागने की फिराक में था।
ट्विटर पर शेयर किए गए इस मीम में एक खिलाड़ी भगवा और नीली रंग की जर्सी पहने नज़र आ रहा है। उसके सिर पर मुकुट है और हाथ में बल्ले की जगह गदा है, तो वहीं सामने से आती गेंद की जगह एक तीर है जिसका बचाव करते यानी रोकते हुए खिलाड़ी को दिखाया गया।
मनोज तिवारी ने मनीष सिसोदिया पर घोटाला करने का आरोप लगाते हुए इस्तीफे की माँग की है। उन्होंने कहा कि जिस लोकपाल की बात केजरीवाल करते थे, वो उसी लोकपाल को इस घोटाले की जानकारी देने जा रहे हैं।
रील वाली जायरा ने रियल में न जाने कितनी 'जायरा' को प्रभावित किया होगा, पर अफसोस! जायरा अपने फैसले से कितना आगे गईं, कितना पीछे, पता नहीं, लेकिन जिन्होंने जायरा के संघर्ष में खुद का भविष्य सोचा होगा, वो लड़कियाँ मानसिक तौर पर बहुत पीछे चली गई होंगी, यह पक्का है।
आज़म ख़ान ने संसद को भी नौटंकी बताया। उन्होंने कहा कि वे जैसे ही संसद पहुँचे, उन्हें लगा कि वे किसी नौटंकी में आ गए हैं। उन्होंने संसद में सांसदों की वेशभूषा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वो लोग एकदम मदारी की तरह लग रहे थे।
पुलिस के पहुँचने से पहले ही यात्रियों ने सार्वजनिक रूप से आरोपित को पीटना शुरू कर दिया था। यह जानने पर कि पुलिस को बुलाया गया है, आरोपित मोहम्मद ख़ान दया की भीख माँगते हुए उस महिला के पैरों पर गिर गया।