24 फरवरी को हिंसा भड़कने के बाद श्याम दुकान बंद ही कर रहे थे कि दंगाइयों की भीड़ अचानक से पत्थरबाजी करती हुई आई। दंगाइयों ने पहले लूटपाट और तोड़फोड़ की। इसके बाद दुकान को आग के हवाले कर दिया।
एक भारत की व्यवस्था को चीनी माओवादी बनाना चाहता है। दूसरा भारत को चूस-चूस के शरिया की ओर ले जाना चाहता है। वैश्विक स्तर पर एक-दूसरे को फूटी आँख ना सुहाने वाले इन दो दुश्मन गुटों का भारत में याराना देखिए।
शाकिर ने 2018 के अंत से फरवरी 2019 तक अपने घर में आदिल अहमद डार और पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद उमर फारूक को शरण दी थी। विस्फोटक जुटाने में मदद की थी। इस हमले 40 जवान बलिदान हो गए थे।
कन्हैया कुमार और उसके साथियों के खिलाफ बीते साल जनवरी में ही पुलिस ने आरोप पत्र दायर किया था। लेकिन केजरीवाल सरकार फाइल पर कुंडली मारे बैठी थी। दबाव बढ़ने पर अब उसने देशद्रोह का केस चलाने को मॅंजूरी दे दी है।
अंकित शर्मा को दंगाई घसीटकर ताहिर के घर में ले गए थे और उनकी निर्मम हत्या कर दी थी। उनका शव नाले से बरामद किया गया था। उन्हें 400 से ज्यादा बार चाकुओं से गोदा गया था।
एक हिन्दू का स्कूल है, एक दूसरे मजहब का। एक को जला कर ख़ाक कर दिया गया, दूसरे को दंगाइयों ने हमले का 'बेस' बनाया। राजधानी स्कूल की छत से दंगाई भीड़ ने आसपास के हिन्दू घरों, दुकानों, गाड़ियों, लोगों को नुकसान पहुँचाया। साथ ही बगल के डीआरपी स्कूल को जला डाला।
हिंदू लड़की की शादी की तैयारियाँ। हलवाई लजीज व्यंजन बनाने में लगे हुए। तभी दंगाइयों ने पहले तो ईंट-पत्थर-टाइल्स फेंकना शुरू कर दिया उस घर में। उसके बाद पेट्रोल बम फेंका। यह कोई आतंकी हमला नहीं था। बल्कि हमलावर घर के पड़ोस में रहने वाले वही अब्बा जान, भाई जान थे; जिनसे शादी वाले घर की बहन-बेटियाँ हर रोज दुआ सलाम करती थीं।
यमुना विहार में दंगाइयों ने प्रीति के घर को घेर रखा था। पेट्रोल बम फेंका। घर में आग लग गई। अंदर प्रीति अपने पति और दो बच्चों के साथ फॅंसी थी। आज भी प्रीति उस वक्त को याद कर सिहर जाती हैं। आँखों में मौत का खौफ दिखाई देता है और गला भर आता है।
अंकित शर्मा के पिता रविन्द्र शर्मा ने FIR दर्ज कराते हुए AAP नेता और नगर पार्षद ताहिर हुसैन के अलावे कई अन्य लोगों को भी आरोपित बनाया। रविन्द्र शर्मा ने FIR में आरोप लगाया कि अंकित के शव को मस्जिद से नाले में फेंका गया था। फॉरेंसिक टीम ने...
जो शिवसेना कभी महाराष्ट्र में धर्म के आधार पर आरक्षण देने के सख्त खिलाफ थी, उसी ने आज कॉन्ग्रेस और एनसीपी के आगे झुककर इस प्रस्ताव को सहमति दी। मुस्लिम समुदाय को 5% आरक्षण के लिए कॉन्ग्रेस और NCP की तरफ से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर पहले से ही दबाव बनाया जा रहा था।
रतनलाल का परिवार बिलकुल अकेला है। पत्नी पूनम, 2 मासूम बेटियाँ और एक बेटा को छोड़ गए वो। उनकी माँ और छोटा भाई दिनेश भी उन पर आश्रित थे। पिता बृजमोहन का तो ढाई साल पहले ही देहांत हो चुका है। अब ऐसे में आखिर उनका घर चलाने वाला है ही कौन?
"यह दिल्ली को भी पाकिस्तान बनाना चाहते हैं, जो कि ऐसा कभी हो नहीं सकता, लेकिन अब हम इसका इलाज करके मानेंगे। यह चोर बिल्डिंग है। इसमें गुंडागर्दी होती है। इस इमारत को अब यहाँ नहीं रहने देंगे, इसे हम सरकार से तुड़वाकर ही दम लेंगे। चाँदबाग को इन्होंने अपना गढ़ बना रखा है।"
कोर्ट में सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी के उन बयानों को पढ़कर सुनाया गया, जिसमें उन्होंने CAA का विरोध करने के लिए सड़क पर उतरने की बात कही थी। साथ ही कहा था कि कॉन्ग्रेस इस तरह का विरोध करने वाले लोगों के साथ खड़ी है।
“एक बात नोट कर लें... ये ‘कयामत का दिन’ कभी नहीं आने वाला है। लोकतंत्र की आड़ में आगजनी करने की छूट सरकार नहीं देगी। तोड़फोड़ करने की छूट नहीं देगी और जिसने किया है उससे वसूली भी करेगी।”
कार्टूनिस्ट अमोल अपने कार्टूनों के माध्यम से लगातार वामपंथियों के प्रोपेगेंडा की पोल खोलते रहते हैं। आप अमोल के उन 9 कार्टून्स को देखिए, समझिए और सतर्क रहिए, जो मुस्लिम भीड़ के इस तांडव की पोल खोलते हैं।
अफसरा अनिका मीम सीएए के विरोध में लगातार पोस्ट कर रही थी। नोटिस में कहा गया है कि उसने वीजा शर्तों का उल्लंघन किया है। सरकार विरोधी गतिविधि में उसे संलिप्त पाया गया है।
"उत्तर-पूर्वी जिले के नालों से 4 लाशें बरामद हुईं है। ये सभी उन इलाकों में मिली, जहाँ सोमवार और मंगलवार को हिंसा भड़की थी। हम इनकी शिनाख्त में जुटे हैं। पुलिस को घरों और इमारतों की तलाशी के लिए तैनात कर दिया गया है।"
विडियो शिव विहार के एक स्कूल का है। यह स्कूल एक मुस्लिम का है। विडियो में आप देख सकते हैं कि ये गुलेल आम गुलेल की तरह नहीं है। लोहे की रॉड पर रबड़ लगाकर बड़े आकार में इसे बनाया गया है। इसमें यदि कोई चीज फँसाकर दागी जाए, तो वो दूर जाकर गिरेगी।
श्रीवास्तव ने 2017 में दक्षिण कश्मीर में ऑपरेशन ऑल आउट के तहत कई ऐसे एनकाउंटर किए जिसमें हिज्बुल मुजाहिदीन समेत कई आतंकवादी गुटों के टॉप कमांडर ढेर किए गए थे। दिल्ली पुलिस में रहते हुए भी वे कई एंटी टेरर ऑपरेशन कर चुके हैं।
"मुसलमानों की भीड़ लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर, सरिया, रॉड, तमंचे लेकर गली से मेन रोड की तरफ जा रही थी। भीड़ में महिलाएँ और बच्चे भी थे। हिंदुओं पर हमला करने के लिए वे अपने बच्चों और महिलाओं को घरों से बाहर निकाल रहे थे। इसे देखकर मैं दंग रह गई।"
विडियो में मस्जिद की तस्वीरें और उसपर इकट्ठा ईंट-पत्थर एकदम क्लियर हैं। लेकिन एनडीटीवी की एकतरफा पत्रकारिता की हद देखिए... लोगों को बरगलाने के लिए उसने मस्जिद को क्रॉप कर दिया ताकि इस्लामी आतताइयों की हकीकत छिपी रहे।
हिन्दू विरोधी दंगों के दौरान ताहिर का घर मुख्य केंद्र बनकर उभरा है। वहॉं हिंदू घसीटकर लाए गए और उनकी निर्मम हत्या की गई। यूपी के अमरोहा से आया ताहिर कैसे बन गया दंगाइयों का सरगना?
"ये मैटर नहीं करता दुकान किसकी है... मैटर ये करता है कि नुकसान किसका हुआ हुआ आप पूछना चाहते हैं कि ये दुकान हिंदू की है या मुस्लिम की। मैं क्यों बताऊँ किसकी है। मैं तो कहूँगा कि नुकसान हमारा भी हुआ।"
"अंकित शर्मा और उनके साथ कुछ लोग ताहिर के मकान के पास पहुँचे ही थे कि दंगाइयों की भीड़ झपट पड़ी। हमें ताहिर के घर में खींचने की कोशिश की। मैंने अपना हाथ झटके से छुड़ा लिया और वहाँ से दौड़ पड़ा। मैंने पीछे मुड़कर देखा तो वह तीनों ग़ायब थे।"
अलीगढ़ में CAA विरोधियों ने जमकर हिंसा की थी। इस दौरान दंगाइयों ने लोगों के घर में घुसने की कोशिश की। इस घटना के बाद दहशत में बाबरी मंडी इलाके में रहने वाले कई हिंदू अपना घर बंद कर जा चुके हैं।
अभी तक सिर्फ 25 शवों की पहचान हो पाई है। इनमें 10 हिंदू हैं। सबसे कम उम्र का मृतक अमन 17 साल का है, जबकि 70 साल के दो बुजुर्ग की भी हत्या हुई है। एक महिला को भी जान गंवानी पड़ी है।
जाफराबाद में हिंसा के दौरान शाहरुख ने आठ राउंड फायरिंग की थी। वह परिवार के साथ फरार बताया जा रहा है। उसकी तलाश में क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल की टीमें लगी हुई हैं।
ताहिर हुसैन से अब आप पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रही है। लेकिन, पार्टी से निलंबित किए जाने के कुछ मिनटों के भीतर ही विधायक अमानतुल्लाह ने उसका बचाव किया। अमानतुल्लाह ने ताहिर को क्लीनचिट दिया है।
इस्लामी भीड़ और उनकी तैयारी को देखकर ऐसा लग रहा था कि वह पहले तो हिंदुओं की दुकानों और फिर हमारे मकानों को अपना निशाना बनाना चाहते थे। अच्छा हुआ दिल्ली पुलिस का कि उसने समय रहते हालातों को काबू में कर लिया।
अंकित शर्मा को 6 लोगों ने लगातार 2 से 4 घंटे तक 400 बार चाकुओं से गोदा होगा। साथ ही, उनकी आँत को शरीर से बाहर निकाल दिया था। फोरेंसिक डॉक्टरों ने कहा कि इस तरह से यातना का शिकार और क्षत-विक्षत बॉडी उन्होंने अपने जीवन में कभी नहीं देखा।
दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्लाह ख़ान ने कहा है कि बोर्ड नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के प्रभावित इलाक़ों में राशन वितरण करेगा। अभी तक पुलिस ने कुल 105 लोगों को विभिन्न मामलों में गिरफ़्तार किया है। उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने पूरी स्थिति की समीक्षा के लिए एक बैठक भी की।
जानकारी मिली कि इस्लामी भीड़ हिंदुओं के घरों को अपना निशाना बना रही है। हमने अपने-अपने चारों बच्चों को मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र से निकाला और दूसरी गली में एक परिचित के घर पहुँचा दिया। हम इतने डर गए कि सोमवार को पूरे दिन और पूरी रात भूखे प्यासे बच्चों के साथ घर में कैद रहे।
मुंबई के रहने वाले इम्तियाज शेख ने कहा है कि कपिल मिश्रा को ज़िंदा पकड़ कर लाने वाले को वह 5 लाख रुपए देगा। उसने मिश्रा की मौत की भी कामना की है। साथ ही कहा है कि बांग्लादेशियों को घुसपैठिया कहने वालों को कोई बचाने नहीं आएगा।
मंदिर पर कब्ज़ा करने के साथ-साथ आसपास के घरों पर भी मुस्लिम भीड़ ने कब्ज़ा कर लिया। इसके बाद मंदिर की छत से हिन्दुओं पर पत्थरबाजी शुरू हो गई। साथ ही ताहिर हुसैन की इमारत की छत से भी पत्थरबाजी हो रही थी।
चाँदबाग़ में एक पुल है, जिसके दूसरी तरफ़ मुस्लिम बहुल क्षेत्र हैं। स्थानीय लोग इस पुलिया को 'बॉर्डर' भी कहते हैं। ताहिर ने घर इस तरीके से बनाया है कि उससे चारों ओर का इलाक़ा कवर हो और अंदर जो भी लोग हों, वे एकदम सुरक्षित रहें।
हाईकोर्ट में इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। कॉन्ग्रेस नेताओं के अलावा दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, आप विधायक अमानतुल्ला खान, AIMIM नेता अकबरुद्दीन ओवैसी और वारिस पठान पर भी कार्रवाई की अपील की गई है।
दिल्ली पुलिस की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता ने केवल 3
भड़काऊ भाषणों का जिक्र किया है। ऐसे कई भाषण मौजूद हो सकते हैं। उन्होंने कोर्ट से हालात सामान्य होने तक हस्तक्षेप नहीं करने और केंद्र सरकार को भी पार्टी बनाने की गुजारिश की।
26 फरवरी का यह वीडियो ताहिर हुसैन की शह पर हुए दंगे का एक और सबूत है। पढ़िए, कैसे मंदिर में फँसे पंडित और उनकी पत्नी को कुछ हिंदुओं ने जान जोखिम में डाल बचाया। कहाँ हैं उनकी दो जवान बेटियाँ?
आरोप है कि हुसैन के घर से दंगाई पेट्रोल बम फ़ेंक रहे थे। पत्थरबाजी कर रहे थे। अंकित शर्मा सहित 4 लोगों की हत्या कर उनकी लाश नाली में फेंक देने का वीडियो भी वायरल हुआ।
आपने ताहिर हुसैन के घर से बमबारी और पत्थरबाजी के कई विडियो देखे होंगे। नया विडियो जो सामने आया है उसके बारे में दावा किया जा रहा है कि यह अंकित शर्मा की लाश नाले में फेंके जाने का है।
"हमारी बहन-बेटियों को भी लाठी उठानी पड़ी है। दंगाई आएँगे तो सबसे ज्यादा ख़तरा उन्हें ही है। हमने अपनी बहन-बेटियों को कह रखा है कि अगर हमें कुछ हो जाएँ तो वो पहले अपनी जान बचाएँ या ख़ुद मर जाएँ।"
23 फ़रवरी की शाम दंगाई शाहदरा में घुसे। दिलबर सिंह नेगी को निशाना बनाया। हाथ, पैर काट दिए। फिर पास की दुकान में लगी आग में झोंक दिया। इसके बाद वहॉं भगदड़ मच गई। नेगी के परिजन इतने दहशत में हैं कि अब भी मौके पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे।
वो चाहते हैं कि आप हिंसा की बात करें, वो चाहते हैं कि आप कानून को हाथ में ले जिस से उनके किए गए कामों को एक कारण मिल सके। क्यों करना है आपको राणा अयूब की ट्वीट को कोट और जवाब देना है? क्यों आपको स्वरा को गद्दार कहना है? राजदीप को क्यों गाली देना है आपको?
26 फरवरी को रवीश कुमार ने जिस तरह से तथ्यों को प्राइम टाइम में पेश किया वह इस बात का सबूत है कि मेनस्ट्रीम मीडिया दंगाई के मुस्लिम होने पर न केवल उसका नाम छिपाता है, बल्कि उसे क्लीनचिट भी देता है।
'यूथ अगेंस्ट जिहादी हिंसा' शाम 5 बजे मार्च निकालेगी। मार्च जंतर-मंतर के पास स्थित केरल हाउस से शुरू होकर अशोका रोड स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जाएगी। 'यूथ अगेंस्ट जिहादी हिंसा' ने AISA, PFI को बैन करने की भी माँग की है।
कुछ विडियो सामने आए थे जिसमें दंगाई ताहिर के छत से पत्थरबाजी करते और पेट्रोल बम फेंकते दिखे थे। अब उसके घर की छत से पत्थरों और पेट्रोल बम का जखीरा मिला है। आरोप है कि आईबी कॉन्स्टेबल की हत्या उसके घर से निकली भीड़ ने ही की थी।
सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने 12 फरवरी को जस्टिस मुरलीधर के स्थानांतरण की सिफारिश की थी। ऐसा रूटीन प्रक्रिया के तहत किया गया। जस्टिस मुरलीधर के अलावा दो और जजों के तबादले के आदेश जारी किए गए हैं। इनमें से एक मुंबई हाईकोर्ट से तो दूसरे कर्नाटक हाईकोर्ट से संबद्ध हैं।