शादी के बाद से ही ससुराल वाले शाइस्ता पर दहेज लाने का दबाव बना रहे थे। वो एक लाख रुपये और बाइक की डिमांड कर रहे थे। शाइस्ता ने विरोध किया तो 3 दिन पहले ससुराल वालों ने मिलकर शाइस्ता पर ज्वलनशील पदार्थ डाला और उन्हें जिंदा जला दिया।
पटना में जिस जगह हिंसा भड़की उसके करीब ही सब्जीबाग है। यहॉं दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर सीएए के विरोध में प्रदर्शन चल रहा है। उपद्रवियों ने वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया।
पाकिस्तान ने कहा है कि वह चीन में फँसे अपने नागरिकों को नहीं निकालेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन में फँसे पाकिस्तानियों में मुख्य रूप से छात्र हैं जो वुहान शहर में फँसे हुए हैं। वुहान चीन का वह शहर है जहाँ से यह महामारी चीन के बाकी हिस्सों समेत दुनियाभर के शहरों में पहुँची है।
निर्भया की माँ आशा देवी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दोषियों के वकील खुलेआम चुनौती दे रहे हैं, कि दोषियों को कभी फाँसी नहीं दी जाएगी और ऐसे ही फाँसी की तारीख आगे बढ़ती रहेगी। इससे साफ है कि कोर्ट और सरकार दोषियों को बचाने का काम कर रही है।
पीएम मोदी ने इस बैठक में कहा कि CAA पर हमने कुछ भी गलत नहीं किया है, बल्कि हमको फ्रंटफुट पर और आक्रामक रहना है। बैठक में उन्होंने कहा कि CAA से किसी की नागरिकता नहीं जा रही है, बल्कि नागरिकता देने के लिए यह लाया गया है।
शरजील ने देश को तोड़ने की पूरी तैयारी कर चुका था, जिसने प्लान तैयार किया था कि सीएए के विरोध में देश के सभी प्रमुख राजमार्गों पर चक्का जाम कर दिया जाए। इससे पूरे देश में अराजकता का माहौल पैदा हो जाएगा और इसके दवाब में आकर सरकार सीएए और एनआरसी को वापस ले लेगी।
आम तौर पर आप देखेंगे कि पुलवामा में 40 सीआरपीएफ जवानों को उड़ाने वाले आदिल अहमद डार जैसे आदमी के साथ भी रवीश जैसा मीडिया एक अलग तरीके से ट्रीटमेंट करता है।
सरकार के मंत्री और कॉन्ग्रेस नेता असलम शेख ने कहा कि यह MVA के सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम का एक हिस्सा था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुस्लिमों के लिए नौकरियों और प्रमोशन में आरक्षण शिवसेना के नेतृत्व वाले महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (MVA) सरकार के एजेंडे में है।
मोहल्ला क्लीनिक में दवाएँ तो दूर न तो सुई है और न ही पट्टी। बीपी चेक कराने के लिए भी बाहर जाने को बोल दिया जाता है। वहीं दूसरे लोग कहते हुए सुनाई देते हैं कि मोहल्ला क्लीनिक अधिक समय तक बंद ही रहते हैं। इसी कारण लोग यहाँ आस-पास गंदगी फैलाते रहते हैं, जिससे ये अब मोहल्ला क्लीनिक नहीं, पेशाब घर बन चुके हैं।
मजिस्ट्रेट ने उसकी माँग को मंजूरी देते हुए उसे किताबें मुहैया करवाने का आदेश दिया। जज ने नाबालिग छात्र से ट्यूशन पढ़ने के लिए भी पूछा था, जिसका नाबालिग छात्र ने कोई जवाब नही दिया। नाबालिग छात्र की सेवा कुटीर में कॉउन्सिलिंग भी की जाएगी।
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने जामिया हिंसा मामले में आरोपित इलियास को गिरफ्तार कर लिया है। ज्ञात हो कि यह गिरफ्तारी दिसंबर 13, 2019 में जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के पास के क्षेत्र में हुई हिंसा के मामले में हुई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही कह चुके हैं कि उत्तर प्रदेश में देश-विरोधी गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा था कि पुरुष घर में रहे रजाई ओढ़ कर सो रहे हैं और उन्होंने जानबूझ कर महिलाओं व बच्चों को सड़क पर बैठने के लिए छोड़ दिया है।
अरविंद केजरीवाल के इस ट्वीट के बाद यूजर्स अलग-अलग मौक़ो पर उनके दिए बयानों का उल्लेख करते हुए कहने लगे कि अब चुनाव नजदीक होने के कारण ढोंग न करें। क्योंकि केजरीवाल ही वो शख्स है जो कल तक नरेंद्र मोदी को देशद्रोही, आतंकवादी कह रहे थे।
कॉन्ग्रेस नेता की भारत तोड़ने की इस टिप्पणी पर न्यूज एंकर और भाजपा प्रवक्ता ने तीखी प्रतिक्रियाएँ दी। उन्होंने कॉन्ग्रेस नेता कि इस भड़काऊ और विभाजनकारी टिप्पणियों के लिए काफी आलोचना की। इसके बाद ट्विटर यूजर ने भी आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि क्या कॉन्ग्रेस सच में ‘जिन्ना वाली आजादी’ चाहती है।
तस्वीर हटाने के आरोप में मोहम्मद राहिल को गिरफ्तार किया गया है। कहा जा रहा है कि उसने बगैर किसी की अनुमति के तस्वीर हटाई थी। सीएए से नाराज होकर उसने ऐसा किया था।
सत्यान्वेषी पत्रकार रवीश कालजयी मुस्कान लेकर जरा देर से अपने प्राइम टाइम में आए लेकिन इससे पहले ही उनकी घातक टुकड़ियों के सिपहसालार ध्रुव राठी से लेकर शेहला रशीद और स्वरा भास्कर ट्विटर पर गोडसे और गो** में तालमेल बैठाते नजर आए।
संकल्प-पत्र में 10 नए कॉलेज और 200 नए स्कूल खोलने का वादा भी किया गया है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की पहली 2 लड़कियों को 21 साल की उम्र पूरी होने पर 2 लाख रुपए मिलेंगे।
हंसल अपनी कुंठा निकालते हुए विवेक के लिए लिखते हैं, "बदकिस्तमकी से ट्विटर तुम जैसे घृणा फैलाने वालों की जगह बन गया है। मैं सच में उम्मीद करता हूँ कि तुम इस्लाम में परिवर्तित हो जाओ, ताकि तुम्हें समझ आए कि इस मजहब के लोग किसकी लड़ाई लड़ रहे है।"
शाहरुख ने बताया कि वह करीब 12 साल पहले असलम के पड़ोस में रहता था। तभी से असलम की बीवी से प्यार करता था। उसे पाने के लिए उसने असलम को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
कुणाल कामरा ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक स्क्रीनशॉट ट्वीट करते हुए लिखा है- "मुझे अर्णब का नंबर मिला, मैं अभी भी उन्हें डिबेट करने के लिए पूछ रहा हूँ लेकिन वो जवाब नहीं दे रहे हैं।" इसी ट्वीट में रिपब्लिक न्यूज़ चैनल को टैग करते हुए कामरा ने लिखा है क्या उनके एडिटर कायर हैं या राष्ट्रवादी?
एक आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग निकला। उसकी तलाश में सुरक्षा बल व्यापक तलाशी अभियान चला रहे हैं। जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर पर यातायात बंद कर दिया गया है। कटरा में वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
"1919 में दूसरे विश्व युद्ध के खत्म होने बाद अंग्रेज यह समझ गए थे कि हिंदुस्तान में उनके खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है। ऐसे में उन्होंने रॉलेट एक्ट जैसे कानून को भारत में लागू किया। वर्ष 1919 के इस रॉलेट एक्ट और 2019 के नागरिकता संशोधन कानून को अब इतिहास के काले कानून के रूप में जाना जाएगा।"
“ये जो आप देख रहे हैं वो CAA का विरोध नहीं है। इनको दर्द है अनुच्छेद 370 का, इनको दर्द है राम मंदिर का, इनको दर्द है बालाकोट एयरस्ट्राइक का। लेकिन इतना मैं बता दूँ कि 200 रुपए के बिजली बिल के लिए अपने देश को मत नीलाम करो।"
गिरफ्तार किए गए मोहम्मद उमर, सैयद अब्दुल, फैज़ान, वासिफ और सरवर पर बाबूपुरवा और यतीमखाना में हिंसा भड़काने का आरोप है। मेरठ में हिंसा से ठीक पहले 4 खातों में 3 करोड़ रुपए डाले गए थे।
इस बार विद्यालय के बच्चों ने सरस्वती पूजा को लेकर ब्लॉक ऑफिस और स्थानीय पुलिस स्टेशन में आवेदन दिया। इसके बाद प्रशासन ने सरस्वती पूजा के एक दिन पहले ही विद्यालय में जवानों की तैनाती कर दी।
खुद को कनेरिया की गेंदबाजी का प्रशंसक बताने वाली यह महिला है आमना गुल। उसने ट्वीट कर ने कनेरिया से कहा, "आप प्लीज इस्लाम कबूल कर लीजिए। इस्लाम सोना है। इस्लाम के बगैर कुछ भी नहीं है। आप की जिंदगी मौत की तरह है। आप इस्लाम कबूल कर लीजिए।"
खबर है कि प्रदर्शनकारियों का एक गुट सड़क का एक हिस्सा खोले जाने के पक्ष में है। दूसरा इसका विरोध कर रहा। मतभेद उभरने के बाद एक-दूसरे पर स्टेज से चप्पलें फेंकी जाने की भी सूचना है।
पुलिस के मुताबिक शहजाद ने फोन कर किशोरी से संपर्क किया और उसे झॉंसे में लेकर दिल्ली चला गया। किशोरी के परिजनों ने शहजाद पर उसे अगवा करने का आरोप लगाया था। साथ ही कहा था कि वह किशोरी का धर्म परिवर्तन कराना चाहता है।
फिरोज बख्त ने सीएए के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा, "मोदी और उनके साथियों सलाम कि उन्होंने ऐसे लोगों (पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान के प्रताड़ित अल्पसंख्यकों) को नागरिकता देने का निर्णय लिया है।"
बंधक संकट करीब 8 घंटे चला। मोहम्मदाबाद के कठरिया गॉंव में बच्चों को बंधक बनाने वाले सुभाष ने बाथम को देर रात पुलिस ने मार गिराया। इसके बाद सभी बच्चे उसके घर से सुरक्षित निकाले गए।
आखिर हिन्दू धर्म को मानने वाला कट्टर क्यों बनना चाह रहा है? वो सोच क्या रहा है? क्या ऐसे बच्चे और भी हैं? क्या इस्लामी कट्टरपंथियों और आतंकियों के आतंक से इस समाज के बच्चे अब डरने लगे हैं?
शातिर बदमाश उन लोगों को सबक सिखाना चाहता था, जिन्होंने उसे जेल भिजवाने में पुलिस की मदद की थी। उन सबको सबक सिखाने के लिए बदमाश ने 20 बच्चों को बहाने से बुलाकर घर में बंधक बना लिया।
मकर संक्रांति के दिन तीस हजारी कोर्ट में आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि हमे जगह मिले तो हर एक कोर्ट और बार में भी मोहल्ला क्लीनिक बना देंगे।
नीरज प्रजापति की मृत्यु तब हुई जब उनके सर पर CAA के समर्थन में लोहे की रॉड से हमला किया गया। पुलिस का कहना है कि उनकी मृत्यु इस चोट की वजह से अत्यधिक खून बहने और घाव पर सेप्टिक होने से हुई।
गृहमंत्री अमित शाह ने घटना को गंभीरता से लेते हुए मामले पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर से बात की है और कमिश्नर को कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शाह ने ट्वीट करते हुए कहा कि सरकार इस तरह की किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं करेगी।
हाल ही में न्यूज़ नेशन के संपादक दीपक चौरसिया पर शाहीन बाग़ में हुए हमले के बाद दिल्ली में ही प्रदर्शनकारियों ने ज़ी न्यूज़ के पत्रकारों पर हमला कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बैरकेडिंग तोड़कर पत्रकारों को घेरकर पीटा, यही नहीं उन्हें लात-घूँसे मारे गए।
CAA समर्थन रैली पर मुस्लिमों ने हमला किया, जिसमें घायल हुए नीरज प्रजापति की रिम्स में मृत्यु हो गई। ऑपइंडिया ने उनके परिवार की मदद के लिए क्राउडफंडिंग का सहारा लिया, जिसके बाद लोगों ने 15 लाख रुपए का अब तक सहयोग किया है। सोरेन सरकार ने कोई मुआवजा नहीं दिया।
इसमें गौर करने वाली बात यह है कि शख्स ने अपनी आईडी से एजाज़ ख़ान और भीम आर्मी का शेर जैसे पेजों को लाईक किया हुआ है। और, ताज़ा समाचार मिलने तक वो ID डिलीट कर दी गई है, और नई सामने आ गई।
गुलशन (बदला हुआ नाम) के नाम के इस अकाउंट को इसी साल जनवरी से एक्टिव किया गया है। इससे पहले साल 2019 में एक कवर फोटो अपलोड हुई थी। और साल 2018 के कोई भी पोस्ट विजिबल नहीं हैं। जिससे इस पूरी प्रोफाइल पर संदिग्धता बनी हुई हैं।
गुलशन की गिरफ्तारी के बाद उसके फेसबुक अकाउंट के सामने आने के बाद लिबरल मीडिया और लिबरल गिरोह ने सॉइल मीडिया पर गुलशन की गिरफ्तारी को हिन्दू आतंकवाद जैसे शब्दों से जोड़ना शुरू कर दिया था। इसके बाद गुलशन की फेसबुक ID के गायब हो जाने से यह सारा प्रकरण सन्देह में आ गया है।
"शिक्षा क्रांति के बाद केजरीवाल सरकार के स्वास्थ्य क्रांति की पोल भी खुली। स्वार्थी राजनीति के लिए दिल्ली के गरीब को मोदी जी की ‘आयुष्मान योजना’ से दूर रख उसके जीवन से खेलने का जो पाप किया है, उसका जवाब आप को देना होगा।"
नीरज प्रजापति JNU से नहीं थे, वो मूर्तियाँ बनाते थे और उसी से अपने घर का पेट पालते थे। लेकिन मृतक नीरज का परिवार आज भी आतंकवादी अफजल गुरु की यादों में खून रोने वाली मीडिया और लिबरल गिरोह की संवेदनाओं के इन्तजार में है।
अब जो लोग खुद को मोहम्मद साहब का अनुयायी कहते हैं और उनके किरदार में इतना छिछोरापन नजर आए कि देश के दो पत्रकार आपके दरवाजे पर खड़े हों और आप दरवाजा बंद कर दें। ऐसे में दरवाजा बंद करने वाले किस मुँह से खुद को मुसलमान कहलाने का दावा पेश करेंगे?
मध्य प्रदेश के कटनी ज़िले में पुलिया निर्माण के दौरान एक नदी से खुदाई में 11वीं सदी की मूर्तियाँ निकली हैं, जिनको पुरातत्व विभाग ने संरक्षित करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। वहीं लोगों ने ज़िले में पुरातत्व विभाग का संग्रहालय खोलने की माँग की है।
"हम ऐसी फिल्म बनाना चाहते थे जहॉं आप देखें कि हमारे साथ क्या हुआ और उसके बावजूद हम अपने जीवन में उम्मीद के सहारे खड़े रहे। हम भिखारी नहीं हैं। हमने सरकार के सामने अपने हाथ नहीं फैलाए बल्कि हम अपने पैरों पर खड़े रहे। यह छोटी नहीं, बल्कि बड़ी बात है।"
कुछ लोग युवक द्वारा लगाए गए नारों से उसकी पहचान कर रहे हैं। उसे संघी आतंकी बता रहे हैं। तो कुछ का कहना है कि ये सब पहले से सुनियोजित था क्योंकि वीडियो में वहाँ पहले से सब कैमरे उसकी तरफ हैं। जैसे मालूम हो कि ये घटना होने वाली है
शांतनु का कहना है कि यह केवल उनका और राघव का पक्ष सुनने की बात नहीं थी। बात उनके साथ हुए बर्ताव की है। जब लोग उन्हें पकड़ने की बात कर रहे थे, गुस्से से आगे बढ़ रहे थे, तब इंडिया टुडे ने भीड़ को सँभालने के लिए कुछ नहीं किया।