हनुमान चालीसा के वितरण से शहर में कानून व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है, पुस्तक मेले में आने वाले लोग भावनाओं में बह सकते हैं। - ममता सरकार की पुलिस ने हनुमान चालीसा के वितरण पर रोक लगाने के पीछे यही तर्क दिया।
“मुझे खुशी है कि भारत का बँटवारा हुआ क्योंकि अगर भारत का बँटवारा नहीं होता तो हमें कई 'डायरेक्ट एक्शन डेज' देखने पड़ते। ऐसी पहली कार्रवाई हमने जिन्ना के जीवित रहते 16 अगस्त 1946 को देखी थी, उस समय कलकत्ता में हजारों हिंदुओं को मार दिया गया था।"
सोचिए इस पर, वरना प्रेम कहानी के चुम्मे में वन्धामा की 23 लाशों की विद्रूपता छुपा दी जाएगी। शिकारे पर बैठी नायिका की काली जुल्फों में सिगरेट से पूरे शरीर को जलाने के बाद, सर्वानंद कौल और उनके पुत्र की आँखें निकाल लेने की इस्लामी कलाकृति गायब कर दी जाएगी।
डीएस बिंद्रा AIMIM के दिल्ली महासचिव हैं। इन्होंने अपना फ्लैट बेचकर शाहीन बाग में खाने-पीने का इंतजाम कराया, जिसे मीडिया गिरोह ने 'मुस्लिम-सिख एकता' की चासनी में डूबो कर बेचा। आम आदमी पार्टी, कॉन्ग्रेस और PFI के समर्थन के बाद अब...
नाबालिग हिन्दू लड़की महक कुमारी का पहले अपहरण किया जाता है, फिर जबरन बुलवाया जाता है कि उसने इस्लाम अपना लिया है, और निकाह कर दिया जाता है। जब वो कोर्ट को बताती है कि उसने डर के साये में ऐसा कहा था और वह हिंदू बनकर अपने माँ-पिता के पास जाना चाहती है तो उसके लिए मौत की सजा माँगी जाती है।
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में बिजली के बकाया भुगतानों और नई योजनाओं को बताने के लिए मंदिर और मस्जिद में लगे लाउड स्पीकर्स का उपयोग किया जाएगा। किसानों के लिए आसान किस्तों में ट्यूबवेल योजना के अलावा चल रही अन्य स्कीमों के बारे में जानकारी देने के लिए...
सुबह ही पुलिस ने स्पष्ट किया था कि प्रतिबंधित कट्टरपंथी संगठन जेकेएलएफ से सम्बंधित संगठनों ने घाटी में आने वाले दिनों में हिंसा की घोषणा करते हुए पर्चे बाँटे हैं और वे एक गैरकानूनी संगठन के संदेशों और गतिविधियों का प्रचार कर रहे हैं। शाम होते-होते...
बल्लीमारान में 71.6% मतदान दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम मतदान दिल्ली छावनी में 45.4% हुआ है। दिल्ली में मतदान के बाद शनिवार को आए एग्जिट पोल के नतीजों में AAP को आसानी से जीत मिलती दिखाई दे रही है।
पीड़िता शाम को जब ऑफिस का काम खत्म करने के बाद निकलने वाली थीं, तभी शराब के नशे में धुत्त प्रधान लिपिक महमूद आलम ने उन्हें पीछे से पकड़ लिया और दुष्कर्म करने का प्रयास किया। CCTV से पता चला कि वह पूरे दिन 4 बार पीड़िता के कमरे में गया था, और शाम को तो...
यही शाहीन बाग़ की भीड़ हिन्दुओं की आस्था के प्रतीक चिन्हों को गाली देती देखी गई। क्या हिन्दुओं की आस्था को ठेस लगाने के लिए गाय पर चुटकुले बनाने से लेकर हिन्दुओं की कब्र खोदने की धमकी देने वाला यह शाहीन बाग़, एक शव यात्रा के लिए बैरिकेड खोलकर इंसानियत का उदाहरण बन सकता है?
सारे एग्जिट पोल्स में अपनी सरकार बनने की भविष्यवाणियों के बाद भी केजरीवाल एंड पार्टी शायद जमीनी हकीकत से वाकिफ है और इसीलिए प्रतिकूल चुनाव परिणामों के लिए ईवीएम को दोषी ठहराने के बाद अब चुनाव आयोग को निशाने पर लेना शुरू कर दिया है।
“कॉन्ग्रेस, बीजेपी व अन्य पार्टियाँ यहाँ उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार होने पर संत गुरु रविदास जी को कभी मान-सम्मान नहीं देती है, लेकिन सत्ता से बाहर होने पर फिर ये अपने स्वार्थ में इनके मन्दिरों/स्थलों आदि में जाकर किस्म-किस्म की नाटकबाजी जरूर करती हैं। इनसे सतर्क रहें।”
उग्र भीड़ ने थाने के बगल में स्थित झोपड़ी को भी जला डाला। सरकारी कागज़ात फाड़ डाले और कम्प्यूटरों व फर्नीचरों को तोड़ डाला। दंगाई भीड़ ने पूरे थाने को आगे के हवाले कर दिया। रिकॉर्ड रूम और और मालखाना को भी फूँक दिया। भीड़ में कम से कम 1000 लोग शामिल थे।
"राज्य सरकार आरक्षण देने के लिए बाध्य नहीं है। कोई भी मूलभूत अधिकार ऐसा नहीं है, जो प्रमोशन में आरक्षण के किसी व्यक्तिगत दावे को मान्यता प्रदान करता हो। कोर्ट राज्य सरकारों को प्रमोशन में आरक्षण देने के लिए आदेश जारी नहीं कर सकता।"
राजपक्षे ने कहा कि भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियों ने हमले को लेकर पहले ही आगाह कर दिया था लेकिन श्रीलंका सरकार हमले को रोक नहीं पाई। भारत ने आरोपितों के नाम, पता, कांटेक्ट और हमले का समय और जगह को लेकर भी पक्की जानकारियाँ दी थीं।
ये शराब 8 तारीख को होने वाले दिल्ली चुनाव से पहले बाँटी जानी थी। बोलेरो गाड़ी में 15 पेटियाँ अंग्रेजी शराब की भरी हुई थीं। इन पेटियों में 48 पव्वे (क्वार्टर) थे, जो 'PK' की मोहर के साथ सीलबंद पाए गए। इन 15 पेटियों के अलावा भी बड़ी मात्रा में शराब दाल मिल कंपाउंड में थी, जिसे...
उपायुक्त ने हिंदू समुदाय से इस बात के लिए माफी भी माँगी कि बीते 70 साल में उन्हें यह मंदिर नहीं सौंपा गया। उन्होंने कहा कि मंदिर को इसके वास्तविक रूप में बहाल किया जाएगा। मरम्मत और साज-सज्जा के बाद हिंदू मंदिर में पूजा अर्चना कर सकेंगे।
यह जुलूस महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे के नेतृत्व में निकाला गया। MNS ने एक बार फिर अपने हिंदुत्ववादी रुख को तेज करते हुए सीएए और एनआरसी की कड़ी में नई मुहीम जोड़ दी है।
अफजल गुरू की फाँसी की बरसी के चलते घाटी में जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) ने बंद का एलान किया है। यह बंद 9 फरवरी और 11 फरवरी को बुलाया गया है। 11 फरवरी को नेशनल लिबरेशन फ्रंट के संस्थापक मकबूल भट्ट की भी बरसी है, जिसके चलते...
चुनाव बाद हुए एग्जिट पोल में कॉन्ग्रेस सत्ता की दौड़ में काफी पिछड़ती नजर आ रही है। कई एग्जिट पोल में तो कॉन्ग्रेस को एक भी सीट मिलती नहीं दिखती। ऐसी स्थिति में पीसी चाको का बयान आशावादियों के लिए एक बेंचमार्क ही समझा जाना चाहिए।
तो क्या कॉन्ग्रेस पार्टी ने मान लिया है कि दिल्ली में उसका अस्तित्व खत्म है और राहुल गाँधी व प्रियंका गाँधी भी पार्टी को बचाने में कामयाब नहीं हुए? जो पार्टी 2013 तक लगातार 15 वर्षों में सत्ता में रही थी, अब वो अस्तित्व बचाने के लिए भी जूझ रही है।
रुक-रुककर नारेबाजी का ये सिलसिला आधी रात तक चलता रहा। यहाँ कुछ एएमयू की छात्राओं ने भी तकरीर के जरिए महिलाओं को सीएए वापस होने तक डटे रहने और आमजन से धरने को सहयोग करने की अपील की।
सबसे पहले 67 एकड़ की भूमि का माप लिया जाएगा और ज़मीन को सीमांकित किया जाएगा। इसके बाद मंदिर के शिलान्यास का कार्यक्रम होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निवेदन किया जाएगा कि वो मंदिर का शिलान्यास करें। मंदिर परिसर का कुल क्षेत्रफल 100 एकड़ हो सकता है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार बांग्लादेशियों की पहचान ढाका के नादौर सिंगरा निवासी मामून शेख, मिलन शेख, मुकुल शेख, मोनू वैध, सीजर शेख, असलम शेख, पालन शेख के रूप में हुई है। इसके साथ ही इनके परिवार से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल सातों बांग्लादेशियों को जेल भेज दिया गया है।
“हमारी विधानसभा बाबरपुर में वोटिंग खत्म होने पर सभी EVM मशीन स्ट्रांग रूम भेज दी गई उसके बाद सरस्वती विद्या निकेतन पोलिंग स्टेशन पर एक अधिकारी EVM के साथ पकड़ा गया है। मैं इलेक्शन कमिशन से अपील करता हूँ कि इस पर तुरंत करवाई किया जाए।”
लोगों ने एमके वेणु से पूछा कि क्या उन्होंने किसी पूर्व सीएम की आत्मा से बात कर के अरविन्द केजरीवाल की तारीफ कर दी? हालाँकि, 'द वायर' इन्हीं कारणों से जाना जाता है। भाजपा के विरोध में हवा बनाने के लिए वो कुछ भी कर सकता है। दिल्ली का कोई पूर्व सीएम जिन्दा ही नहीं हैं।
अल्पसंख्यकों और रिजर्व सीटों पर अधिक वोटिंग को सीधे तौर पर चुनाव विश्लेषक आम आदमी पार्टी के लिए फायदे का सौदा बता रहे हैं। उनका कहना है कि मुस्लिम सीटों का वोटर एकतरफ वोट करता है। अभी तक का आँकलन यही बता रहा है कि मुस्लिम वोटर्स AAP की तरफ गया है।
जैसा कि आज के दौर में हम देखते हैं, टीवी न्यूज़ चैनलों के बीच किसी भी ख़बर को पहले दिखाने के लिए बड़ी प्रतिस्पर्द्धा चलती है और इसके लिए वो हर तरह के हथकंडे अपनाते हैं। लाजिमी है, पहले एग्जिट पोल्स के डेटा दिखाने के लिए भी उनमें होड़ मची होगी। ऐसे में जल्दबाजी में गड़बड़ी हुई होगी।
शाहीन बाग सहित पूरी दिल्ली में लोगों ने पहचान पत्र दिखाते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में यूजर्स ने चुटकी ली कि जो लोग कागज दिखाने से इनकार करते हैं आज वह पहचान पत्र लेकर लाइन में लगे हैं।
महबूबा मुफ़्ती की बेटी इल्तिजा मुफ़्ती ने आरोप लगाया है कि उनकी अम्मी को भड़काऊ बयानों के कारण गिरफ्तार नहीं किया गया है, उन्हें सिर्फ़ इसीलिए गिरफ़्तार किया गया है क्योंकि उन्होंने जम्मू कश्मीर पर केंद्र सरकार के 'अवैध फ़ैसले' के ख़िलाफ़ 'आवाज़ उठाने का अपराध' किया था।
एग्जिट पोल्स के बाद आप ने ईवीएम की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। इस संबंध में केजरीवाल के घर पर एक बैठक हुई। इसमें मनीष सिसोदिया और प्रशांत किशोर भी मौजूद थे।
राजनैतिक पंडितों के दावे तब भी आज की तरह ही AAP के हक में थे। आप ऐसे ही अति आत्मविश्वास में थी। तब भी वोटों की गिनती 11 तारीख को ही हुई थी। जब नतीजे आए तो सारे दावे, सारा यकीन रेत की महल की तरह ढह गया था।
संदिग्ध हालत में मिले बच्चों की उम्र 12-14 साल के बीच है। बच्चे वक्फ बोर्ड से मान्यता प्राप्त मदरसे में रह कर पढ़ाई कर रहे थे। लेकिन, रोज-रोज की पिटाई ने इन्हें मदरसे से भागने पर मजबूर कर दिया।
दिल्ली में 2013 और फिर 2015 में मतदान का नया रिकॉर्ड बना। दोनों ही बार आम आदमी पार्टी की सरकार बनी। सबसे कम वोटिंग 1998 में हुई थी, जब दिल्ली की सत्ता बीजेपी के हाथ से निकल कर कॉन्ग्रेस के पास चली गई थी।
बकौल रोहित उसके कैब में बैठने के बाद से यह यात्री फोन पर भड़काऊ बातें कर रहा था। शाहीन बाग़ के बारे में बातें कर रहा था। कह रहा था- "इस देश में आग लगने वाली है।"
भला हो मोदी, LG, हाशमी दवाखाना और हर उस आदमी का जिन्होंने अरविन्द केजरीवाल को कभी कुछ करने ही नहीं दिया, वरना शाहीन बाग़ वालों को लंदन में बिरियानी के लिए लंगर लगाने और धरना प्रदर्शन करने की इजाजत ही कैसे मिल पाती, क्योंकि लंदन में तो हर काम के लिए कागज दिखाने पड़ते हैं और शाहीन बाग़ वालों के कागज़ तो कब की बकरी खा गई थी।
अनिल अंबानी के सासन पॉवर प्रोजेक्ट पर सरकार का 450 करोड़ रुपए बकाया है। इसकी वसूली एक साल के अंदर करनी थी। लेकिन कमलनाथ सरकार ने इसकी मियाद चार साल कर दी है।
पिछली बार की तुलना में भाजपा की सीटों में काफी इजाफा होता दिख रहा है। लेकिन एग्जिट पोल की माने तो वह सरकार बनाने में कामयाब नहीं रहेगी। आप को आसानी से बहुमत मिलता दिख रहा है।
कुणाल कामरा किसी का कहीं भी उत्पीड़न कर सकता है। क्योंकि दो लोगों ने जामिया नगर और शाहीन बाग़ में हवाई फायरिंग कर दी। इसीलिए, हजारों-लाखों मौतों का जिम्मेदार इस्लामी और नक्सल आतंकवाद भी जायज हो जाता है।
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा है कि अब स्वयं भगवान श्रीराम भी भाजपा को नहीं जीता सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले मंदिरों में दलितों को प्रवेश नहीं दिया जाता था, भाजपा अभी भी उसी युग में जी रही है। उन्होंने पूछा कि केजरीवाल को अछूत भावना से क्यों देखती है भाजपा?
कन्हैया का कार्यक्रम समाप्त होने के बाद LNMU के छात्र-छात्राओं ने पहले मंच पर झाड़ू लगाकर उसे साफ़ किया, फिर मंच को पानी से धोया। इसके बाद सिमरिया से मँगाए गए गंगा जल और फूल छिड़क कर मंच को शुद्ध किया।
यहाँ पर सवाल उठता है कि केजरीवाल ने ऐसा क्यों कहा कि वोट देने से पहले पुरुषों से अवश्य चर्चा करें? क्या उनको आज की नारी पर भरोसा नहीं है? क्या वो पढ़ी-लिखी-समझदार नहीं है? क्या वो भला-बुरा देखकर समझ नहीं सकती? क्या महिलाओं में इतनी समझदारी नहीं है कि वो अपनी समझ से वोट दे सकें?
अलका लम्बा ने न सिर्फ़ केजरीवाल की पार्टी के एक कार्यकर्ता को खदेड़ा बल्कि खींच कर एक चाँटा भी मारा। हालाँकि, वो चाँटा उसे लगा नहीं। अलका लाम्बा कुछ महीनों पहले तक आम आदमी पार्टी में थी लेकिन फिर वो अपनी पुरानी पार्टी कॉन्ग्रेस में चली गईं।
यहाँ के युवाओं का कहना है कि हिंदू लोगों के ईसाई में परिवर्तित होने की पोल सरस्वती पूजा के दौरान खुली, जब वो लोग चंदा के लिए ताराटांड टोले में गए। वहाँ के निवासियों ने खुद को ईसाई बताते हुए चंदा देने से इनकार कर दिया, जबकि पिछले साल तक वे लोग पूजा में शाामिल रहे हैं।
छोटा शकील ने इन मीडिया रिपोर्ट्स को नकार दिया है। दाऊद के मुख्य गुर्गा रहे शकील ने कहा कि वो ऐसी कोई भी साज़िश नहीं रच रहा है। उसने कहा कि वो किसी को भी निशाना बनाने नहीं जा रहा है, ये सब झूठ है। हालाँकि, पुलिस को सूचना मिली है कि शकील ने अत्याधुनिक हथियार भी जुटा लिए हैं।
चोपड़ा ही बताएँगे कि कश्मीर के गुनाहों और गुनहगारों से ऐसा परदा क्यों किया? न तो कश्मीरी हिन्दुओं की पीड़ा कहीं भी है, न ही नरसंहार का ख़ौफ़नाक मंजर... लगता है ‘कश्मीर की कली’ पार्ट 2 बनाना चाह रहे थे।
सैनी समुदाय के सोनू ने बताया कि दो युवक 60-65 की स्पीड से बाइक से आ रहे थे। इस पर जब उन्होंने टोका कि बाइक धीरे चलाओ तो उन्होंने गाली गलौज करना शुरू कर दिया और फिर वह यह कहकर चले गए कि वापस आ रहे हैं। फिर वो लोग फायरिंग करते हुए आए और...
बीजेपी ने अपनी शिकायत में कहा है कि AAP समर्थकों ने भ्रामक रीक्रिएशन के जरिए भाजपा की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया है। इस स्पूफ में अमित शाह को फिल्म के खलनायक गब्बर के रूप में दिखाया गया है तो वहीं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी, विजय गोयल और सांसद गौतम गंभीर को डाकुओं के रूप में चित्रित किया गया है।
जहाँ पहले केजरीवाल की पार्टी तय कर रही थी कि मुद्दा क्या होगा, बाद में वो हनुमान चालीसा पढ़ कर और मंदिर-मंदिर घूम कर ख़ुद भाजपा की पिच पर खेलने लगे। उनका दावा है कि सब 'पवित्र शक्तियाँ' उनकी ही पार्टी के साथ है। अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के बयानों का भाजपा को फ़ायदा हुआ।