ब्रा, पैंटी, लिंग, लिपस्टिक.. इन जैसे ही कुछ मिलते-जुलते विषयों में अगर आप रूचि रखते हैं तो आपकी पहली मंजिल दिल्ली पालिका बाजार या सरोजिनी मार्किट नहीं बल्कि दी लल्लनटॉप होना चाहिए।
भाजपा नेता किरीट सोमैया ने ट्विटर पर एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में हम देख सकते हैं शिवाजी नगर जो एक मुस्लिम बहुल क्षेत्र है, वहाँ भारी भीड़ जमा हुई है।
वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि अब तक 5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 3376 इंडस्ट्रियल पार्क्स चिह्नित किए गए हैं। कोयला खनन में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी को बल दिया जाएगा।
आनंद महिन्द्रा ने सेना को भेजे एक मेल में कहा कि मुझे हाल ही में भारतीय सेना के 'टूर ऑफ ड्यूटी' नाम के उस प्रस्ताव के बारे में मालूम हुआ जिसमें शारीरिक रूप से.....
सत्तारुढ़ भाजपा के खिलाफ कॉन्ग्रेस के इकोसिस्टम द्वारा फेक न्यूज फैलाए जाने के प्रपंच को सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने आड़े हाथों लिया। उन्होंने मोदी सरकार के खिलाफ फर्जी न्यूज फैलाने को बढ़ावा दिए जाने को लेकर प्रकाशित लेख पर एडिटर्स गिल्ट ऑफ इंडिया के प्रमुख शेखर गुप्ता को लताड़ लगाई।
दिल्ली MCD सफाईकर्मी धरमपाल पर नारियल बेचने वाले शाहरुख ने धारदार हथियार से हमला कर घायल कर दिया। पीड़ित धरम पाल पर शाहरुख ने जातिगत टिप्पणियाँ कर उसे......
"गुजरात ने हमें सब कुछ दिया है, हम लौटेंगे।" वीडियो में 2:25 पर, कृष्णावती और एक अन्य प्रवासी श्रमिक को गुजरात की भूमि पर झुककर नमन करते हुए देखा जा सकता है जो उनकी आजीविका का स्रोत रहा है।
द प्रिंट ने तर्कों की चाशनी में लपेटकर एक लेख प्रकाशित किया है। इसका लब्बोलुबाब यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हराने के लिए विपक्ष फेक न्यूज फैलाए।
बैरकपुर के बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह ने बंगाल की CM ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है कि उनके इशारे पर संयुक्त पुलिस आयुक्त अजय ठाकुर ने क्रॉस-फायरिंग के बहाने उनकी और उनके परिवार की हत्या का प्रयास किया।
मुनव्वर राना ने जिस 'माँ' पर लिखे शेर पर जिंदगीभर वाह-वाही लूटी, वास्तव में वो मशहूर लेखक कवि आलोक श्रीवास्तव द्वारा लिखी गई 'अम्मा' कविता से चुराई गईं हैं।
शोभन आश्रम के महंत विरक्तानंद महाराज उर्फ शोभन सरकार के ब्रह्मलीन शरीर के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ पर पुलिस ने महामारी अधिनियम के तहत लगभग 4000 अनुयायियों खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज किए हैं।
दुर्भाग्यवश खास समुदाय ने पीड़ितों की तरह रोने की आदत बना ली है, जबकि वो हर तरफ हावी हैं। भारतीय कानून एजेंसियों को इस तरह की आपत्तियों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए, क्योंकि.....