आरजेडी प्रवक्ता मनोज झा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राजद 20, कॉन्गेस 9, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) को 5, जीतन राम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) को 3 और मुकेश सहनी की पार्टी विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को 3 सीटें दी गई है।
जब हमने इस लाल डायरी की सत्यता प्रमाणित करने के लिए ‘सॉल्ट न्यूज़’ से सम्पर्क किया, तो उन्होंने डायरी से उठने वाली सौंधी-सौंधी महक से ही पहचान कर इसके ‘वायरल’ होने की आशंका के चलते इस का फैक्ट चेक किया।
2004 के चुनावी हलफनामे में, राहुल गाँधी ने अपनी कुल संपत्ति 55,38,123 घोषित की थी। उनकी देनदारियाँ शून्य थीं। 2009 में, राहुल गाँधी ने दिल्ली के मेट्रोपॉलिटन मॉल साकेत में 2 दुकानें खरीदीं। 1,63,95,111 रुपए में यह पैसा कहाँ से आया? इस आय का स्रोत क्या था?
इमरान खान का ये बयान ऐसे वक्त आया है, जब पाकिस्तान पर मोदी सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंक के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं किए जाने का दबाव बनाया जा रहा है। हाल ही में अमेरिकी सचिव माइकल आर पोम्पिओ ने भी भारत में हुए पुलवामा हमले को लेकर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दूसरी बार भारत में आतंकी हमला हुआ तो पाकिस्तान के लिए काफी दिक्कत हो सकती है।
अरविन्द केजरीवाल के कारनामों का ताजा उदाहरण है उनका एक ट्वीट जिसमें एक प्रतीकात्मक चित्र में झाड़ू लिया हुआ व्यक्ति ‘स्वस्तिक’ चिह्न को खदेड़ कर भगा रहा है। इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि इस प्रकार का हिन्दू विरोधी चित्र केजरीवाल की टीम ने खुद बनाया हो।
प्रवर्तन निदेशालय ने गुजरात की फार्मा कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक केस में भगोड़े हितेश पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया है। ईडी के अनुसार हितेश पटेल को अल्बानिया में हिरासत में लिया गया है, जो कि काफी दिनों से फरार चल रहा था।
बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं को चुनावी मैदान से दूर रखने की मंशा नए उम्मीदवारों को जगह देने और उनकी नई सकारात्मक राजनीतिक सोच को सामने लाने के मक़सद से की गई जान पड़ती है। ये बात और है कि विपक्ष द्वारा ऐसा दुष्प्रचार किया जाता है कि बीजेपी वरिष्ठ नेताओं को नज़रअंदाज़ कर रही है।
BJP ने पहली लिस्ट के 184 उम्मीदवारों में से 5 मुस्लिम उम्मीदवारों को जगह दी है। ये उम्मीदवार जम्मू कश्मीर और लक्षद्वीप जैसी जगहों से हैं जहाँ मुस्लिम मतदाता ज्यादा प्रमुख भूमिका निभाते हैं।
क्या तुमको सोनिया गाँधी से लगाव है, क्या तुमको राहुल गाँधी से प्रेम है, या फिर प्रियंका वाड्रा से मोहब्बत है? अगर ऐसा है भी तो उसका एक सपाट कारण बता दो कि इन लोगों का देश, समाज और अर्थव्यवस्था में क्या योगदान है जो तुम इन पर अपनी जान न्यौछावर करते हो?
IMF का कहना है कि चूँकि भारत देश ने पिछले 5 सालों में आर्थिक मोर्चे पर कई सारे अहम बदलाव किए हैं, इसलिए भारत हर साल 7% से ज्यादा की विकास दर से आगे बढ़ रहा है। GDP में वृद्धि की वजह से भारत, आने वाले सालों में अच्छी प्रगति कर सकता है।
यह पहली बार नहीं है जब AAP और उनके प्रोपेगेंडा फैलाने वाले समर्थकों ने अडानी के खिलाफ अपने झूठे दावों के कारण अपने ट्वीट को हटाने के लिए मजबूर हुए हों।
रणबीर गंगवा को लेकर मीडिया में खबरें हैं कि भाजपा उनको हिसार लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बना सकती है। गंगवा आईएनएलडी के प्रमुख नेताओं में से एक हैं और वह राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं।
पित्रोदा को पुलवामा हमले के बारे में पूरी जानकारी नहीं है, बावजूद इसके उनका कहना है कि हमले के बाद हमने जो रिएक्ट किया और कुछ जहाज़ भेज दिए वो सही तरीक़ा नहीं था।
अपनी पारी पर जैक्स का कहना है, "जब तक मैं 98 पर खेल रहा था, तब मुझे विश्वास नहीं था कि मैं 100 रन पूरे कर लूँगा।” उन्होंने कहा कि उन्हें यकीन नहीं था कि 6 बॉल पर 6 छक्के उनसे लग सकते हैं।
लोजपा भी नवादा पर अपना दावा छोड़ने को तैयार नही है और गिरिराज सिंह भी पीछे नहीं हट रहे। हालाँकि, गिरिराज सिंह ने कहा है, "चुनाव लड़ूँ या नही, पार्टी की सेवा की है और आगे भी करता रहूँगा।"
जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले से शुरू हुई मुठभेड़ चार अलग-अलग जगहों पर पिछले 24 घंटों से जारी है। बांदीपोरा में लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकी मारे गए हैं, जिसमें लश्कर का टॉप कमांडर अली भाई भी शामिल है।
प्रधानमंत्री मोदी जहाँ बनारस से चुनाव लड़ेंगे, वहीं अमित शाह को गाँधीनगर की ज़िम्मेदारी दी गई है। गाँधीनगर में भाजपा ने 1989 से आजतक चुनाव नहीं हारा है।
कॉन्ग्रेस की यही समस्या है कि वो इतना नकारा तो चौवालीस सीट पाने के बाद भी नहीं महसूस कर पाया जितना विपक्ष में कि इतने नेताओं के महागठबंधन के बाद भी मोदी को घेरने के लिए उसके पास सिवाय अहंकार और अभिजात्य घमंड के और कुछ भी नहीं है।
हमलों के पीछे का मकसद अज्ञात है लेकिन वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस ऐसा मान रही है कि सारे हमले एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। यही कारण है कि आतंकवाद-रोधी पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
एक तरफ बरखा दत्त को अश्लील तस्वीर भेजने वाला शब्बीर है, वहीं दूसरी ओर 'द वायर' की पत्रकार आरफ़ा खानम हैं जिन्होंने होली मुबारक कहते हुए 'बिस्मिल्ला' शब्द लिखा तो 'सच्चे' मजहबी भड़क उठे।
“अगर पाकिस्तान की ओर से इन संगठनों के खिलाफ कोई ठोस एवं गंभीर प्रयास नहीं होते हैं तो कोई भी अन्य हमला पाकिस्तान के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकता है और यह क्षेत्र में फिर से तनाव बढ़ने का कारण भी बन जाएगा।”
कल दो घटनाएँ हुईं, और दोनों ही पर मीडिया का एक गिरोह चुप है। अगर यही बात उल्टी हो जाती तो अभी तक चुनावों के मौसम में होली की पूर्व संध्या पर देश को बताया जा रहा होता कि भगवा आतंकवाद कैसे काम करता है। चैनलों पर एनिमेशन और नाट्य रूपांतरण के ज़रिए बताया जाता कि कैसे एक हिन्दू ने ट्रेन में बम रखे और समुदाय विशेष को अपनी घृणा का शिकार बनाया।
नेओमी ने विवादों से घिरे ब्रेट केवनॉग का स्थान लिया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश क्लेरेंस थॉमस ने व्हाइट हाउस के रूजवेल्ट रूम में राव को शपथ दिलाई।
कहते हैं कि हवा में गुलाल और गुलाबजल का ऐसा सम्मिश्रण घुला होता था कि उस समय रंगीन तूफ़ान आया करते थे। ये सिख सम्राट का ही वैभव था कि उन्होंने सिर्फ़ अंग्रेज अधिकारियों को ही नहीं रंगा बल्कि प्रकृति के हर एक आयाम को भी रंगीन बना देते थे।
आप सोच कर भी नहीं सोच पाएँगे कि अमित शाह के बाद भाजपा का अध्यक्ष कौन बनेगा, मोदी के बाद भाजपा का पीएम कौन होगा या फिर यही देख लीजिये कि अटल जी और आडवानी जी की विरासत को कौन आगे बढ़ा रहा है?
आज के समय में कॉन्ग्रेस पार्टी की सबसे बड़ी त्रासदी ये है कि उनके सबसे वरिष्ठ और 'कद्दावर पार्टी अध्यक्ष' का NDA सरकार को घेरने के लिए सबसे बड़े सबूत फोटोशॉप्ड तस्वीरें और ''किसी ने कहा है" होते हैं।
अमृता के मुताबिक उन्होंने ड्राइवर से गाड़ी का एसी चलाने को कहा, लेकिन ड्राइवर ने तुरंत मना कर दिया। अमृता के विरोध पर वो बोला कि अगर ज्यादा गर्मी लग रही है तो मेरी गोद में बैठ जाओ।
अपने समय में इंदिरा गाँधी का रुतबा ऐसा थी कि बड़े-बड़े नेता भी उनसे आँख मिलाकर बात करने में घबराते थे। लेकिन भक्तदर्शन पहाड़ी थे, अपनी 'चौड़ाई' में रहते थे। 71 लोकसभा चुनाव में इंदिरा को जीत चाहिए थी लेकिन अपने आदर्शों के कारण भक्तदर्शन ने अपने प्रधानमंत्री को दो टूक शब्दों में कहा...
वो इलाक़ा होता था कश्यप-पुर जिसे आज मुल्तान नाम से जाना जाता है। ये कभी प्रह्लाद की राजधानी थी। यहीं कभी प्रहलादपुरी का मंदिर हुआ करता था जिसे नरसिंह के लिए बनवाया गया था। कथित रूप से ये एक चबूतरे पर बना कई खंभों वाला मंदिर था।
रणजीत ने अपने हजारों समर्थकों के सामने इसकी घोषणा की है कि वह राज्य मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में वानखेडे स्टेडियम के गरवारे हॉल में बीजेपी में शामिल होंगे।
ये वही लम्पटों का समूह है जो मोदी को घेरने के लिए एक हाथ पर यह कहता है कि विकास नहीं हुआ है, रोजगार कहाँ हैं, और दूसरे हाथ पर, फिर से मोदी को ही घेरने के लिए ही, यह कहता है कि गडकरी ने सही काम किया है, उसका काम दिखता है।
मीडिया के एक धड़े में कॉन्ग्रेस की संभावित हार को लेकर अफरा-तफरी का माहौल है। शायद इतना ‘दाँव’ पर लगा है कि अब खुलकर भाजपा को हराने की हिमायत उनकी मजबूरी है।