दिल्ली विधानसभा चुनावों में 5 दिन पूर्व एक समाचार चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों के कहने पर हनुमान चालीसा का पाठ किया था।
मोदी मैजिक पर सवार होकर आए पीके को अब तक जो एकमात्र मुश्किल मोर्चा मिला है उस पर वे बुरी तरह नाकाम रहे। सो, यह देखना दिलचस्प होगा कि वे सियासी महत्वाकांक्षाओं को पूरा कर पाएँगे या फिर ब्रांडिंग की दुनिया के रामविलास' बनकर ही रह जाएँगे।
अब गया में कन्हैया के काफिले पर लोगों ने अंडा, स्याही, जला हुआ मोबिल और पत्थर फेंके है। विरोध कर रहे लोगों ने काले झंडे दिखाते हुए कन्हैया मुर्दाबाद के नारे लगाए। पथराव में कॉन्ग्रेस विधायक अवधेश प्रसाद सिंह की गाड़ी का शीशा टूट गया।
सवाल उठता है कि क्या अब सोने को भी विरोध-प्रदर्शन माना जाएगा? बाकी समय 'ऑल्टन्यूज' नासा के सॉफ़टवेयर इस्तेमाल करके फोटो लेने की तारीख, समय और फोटोग्राफर का मूड तक बता दिया करता है, लेकिन इस तस्वीर के बारे में यही बता पाया कि प्रदर्शनकारी सो रहे थे।
आरिफ और उसके परिवार वाले बोलेरो की मॉंग कर रहे थे। मॉंग पूरी नहीं होने पर आरिफ ने पहले तीन तलाक दे सीमा को घर से निकलने को कहा। इसका विरोध करने पर परिजनों के साथ मिल उसे आग के हवाले कर दिया।
आप की जीत पर कॉन्ग्रेस नेताओं की खुशी शर्मिष्ठा मुखर्जी को नागवार गुजरी है। उन्होंने पूछा है कि अपनी बुरी हार पर चिंतित होने की बजाए कॉन्ग्रेस किसी दूसरी पार्टी की जीत पर ख़ुश क्यों हो रही है?
शीर्ष नेतृत्व की मोदी घृणा ने कॉन्ग्रेस को इतना कुंठित कर दिया है कि वह राजनीति के सामान्य तकाजे से भी दूर जा चुकी है। इस नियति को उसने खुद चुना है। अतीत के अनुभवों से नहीं सीखा। न ही यह याद रख पाई कि दिल्ली की सत्ता में AAP उसे बेदखल कर आई थी न कि BJP को।
संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक, हर जगह बलि का बकरा मुझे ही बनाया जाता है। एक दिन पहले मुझे गालियाँ दी जाती हैं, अगले ही दिन मनपसंद परिणाम आते ही उन बातों को भुला दिया जाता है। इस बार मेरी लाज बच गई। चलिए, दिल्ली चुनाव को वणक्कम।
मुफ्त में चीजें देने के बल पर राजनीति हर जगह नहीं चल सकती। ये ट्रेंड दक्षिण भारत से चला लेकिन आज वहीं फेल हो रहा है। ये चुनाव विकास के मुद्दे पर नहीं लड़ा गया, ये स्पष्ट है। फिर मुद्दे क्या थे? जब चुनाव में कोई बड़ा चेहरा आता है, तो दिल्ली उस पर भरोसा जताती है।
भास्कर पहले शुद्ध शाकाहारी था लेकिन अपनी गर्लफ्रेंड को पाने के लिए उसने माँसाहार शुरू किया। ईसाई होने के कारण पहले वो चर्च जाता था लेकिन फिर वो दिन भर में 5 बार नमाज़ पढ़ने लगा। उसने नमाज पढ़ते हुए और इस्लामी आयतें पढ़ते हुए कई वीडियो बनाए और लड़की के परिवार वालों को संतुष्ट करने के लिए उन्हें भेजे।
राहुल गाँधी की नर्वसता उस दिन साफ़ देखी गई कि, जब राहुल गाँधी दिल्ली की इकलौती अपनी जनसभा में बोल बैठे, "6 महीने बाद मोदी को देश के युवा डंडा मारेंगे।" दिल्ली में कॉन्ग्रेस की इकलौती जनसभा में दिया राहुल गाँधी का यह बयान पार्टी के गले की फाँस बन गया, जिसे लेकर कॉन्ग्रेस पार्टी के कई बड़े नेताओं को सफाई तक देनी पड़ी।
दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तेजिंदर सिंह बग्गा को पार्टी ने हरि नगर विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतारा था। उन्होंने अपने क्षेत्र के लिए अलग से मैनिफेस्टो जारी किया था, कई वादे किए थे। हालाँकि, तेजिंदर सिंह बग्गा जीत नहीं पाए। हारने के बावजूद अब वो अपना वादा व्यक्तिगत रूप से निभाएँगे।
अब फिर से पत्रकार अरविन्द केजरीवाल को पीएम मोदी के टक्कर का चेहरा बना कर पेश करेंगे। उनका महिमामंडन किया जाएगा, बावजूद इसके कि क्षेत्र और जनसंख्या के हिसाब से देखें तो दिल्ली की उनकी जीत का ये अर्थ कतई नहीं निकलता कि यूपी और बिहार जैसे बड़े राज्यों में भी AAP पाँव पसार ही लेगी।
दिल्ली साकेत कोर्ट ने इस मामले के 'किंगपिन' और दोषी करार दिए गए ब्रजेश ठाकुर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह प्रकरण मुंबई के टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस (TISS) की रिपोर्ट के बाद सामने आया था।
क्षमता से ज्यादा भरी हुई लकड़ी की नाव में रोहिंग्या समुदाय के लोग बांग्लादेश के तटवर्ती इलाके कॉक्स बाजार से मलेशिया की ओर जा रहे थे, तभी नाव बंगाल की खाड़ी में डूब गई। तटरक्षक बल, नौसेना के गोताखोरों और अन्य बचाव दल ने अभी तक 14 महिलाओं, एक बच्चे और एक आदमी के शव को बरामद किया।
महरौली जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) विधानसभा इलाके में आता है और राजनीतिक गलियारों के मुताबिक यहाँ लेफ्ट पार्टियों का बोलबाला रहा है। इसके बावजूद इस बार यहाँ के आँकड़े काफी चौंकाने वाले हैं। यहाँ लेफ्ट पार्टी को नोटा से भी कम वोट मिले हैं।
वामपंथी अब सिर्फ़ JNU तक ही सीमित रह गए हैं। दिल्ली में उन्हें कोई पूछने वाला भी नहीं बचा। पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में उनका आधार खिसक चुका है। एक केरल में वो किसी तरह टिके हुए हैं।
आज मतगणना के दिन शाहीन बाग में सन्नाटा है, जहाँ सुबह से ही प्रदर्शनकारी जुटने लगते थे, वहीं मंगलवार को शाहीन बाग पूरी तरह खाली नज़र आया, दोपहर के समय में मात्र इक्का-दुक्का लोग दिखाई दिए। क्या शाहीन बाग दिल्ली विधान सभा चुनाव स्टंट का एक हिस्सा था? अब जब उन्हें कोई हटा नहीं रहा है तो वे खुद ही शाहीन बाग छोड़ के क्यों चले गए हैं?
दिल्ली के मुस्लिम बहुल इलाक़ों के ट्रेंड्स पर नज़र डालें तो बहुत कुछ साफ हो जाता है। ओखला, सीलमपुर, मटिया महल और बल्लीमरान विधानसभा क्षेत्रों से आम आदमी पार्टी आगे चल रही है। इन चारों ही क्षेत्रों से AAP ने मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे।
1947 के भारत-पाक युद्ध की बात करते हुए बताया गया कि उस समय 21,348 ऐसे परिवारों को रजिस्टर किया गया था, जो विस्थापित हो गए थे। इनमें से 26,319 परिवार पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य में बस गए थे।
सोमवार को मंडी हाउस में प्रदर्शनकारियों द्वारा सीएए के विरोध में मार्च निकालने के आह्वान पर दिल्ली पुलिस ने यह कहते हुए पहले ही बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया था कि, यहाँ कोई विरोध-प्रदर्शन या धरना देने का स्थान नहीं है, किसी को धरना देना या विरोध-प्रदर्शन करना है तो वह जंतर-मंतर जाए।
जब यादव सिंह चीफ इंजीनियर थे, तब कुल 116.39 करोड़ का टेंडर 5 प्राइवेट फर्म्स को जारी हआ था। CBI का आरोप है कि गुल इंजीनियरिंग के मालिक जावेद अहमद, यादव सिंह के पुराने और करीबी दोस्त हैं। इस कंपनी को नियमों का उल्लंघन करके टेंडर दिया गया था।
13 सीटों (जहाँ BJP आगे है) के अलावा दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली की करीब 9 सीटें ऐसी हैं, जहाँ बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच काँटे का टक्कर चल रहा है। इन सीटों पर बढ़त का अंतर एक हजार वोटों से कम का है।
रुझानों में दिल्ली में लगातार तीसरी बार अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की सरकार बनती दिख रही है। AAP ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा पर एक आरामदायक बढ़त बना ली है।
जिस शांति का किरदार दिखाया गया, वो सरला भट्ट का है। सरला नर्स थीं और फिल्म में शांति को भी नर्स दिखाया गया है। मगर इसमें ये नहीं दिखाया कि कैसे आतंंकवादियों द्वारा सरला का सामूहिक बलात्कार किया गया और फिर बढ़ई की आरी से उसके शरीर को तीन हिस्सों में चीर कर सरे बाजार घुमाया गया।
ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी संसद से स्पष्ट कहा कि उसका भारत को इंटीग्रेटेड एयर डिफेन्स वेपन सिस्टम (IADWS) बेचने का पक्का इरादा है। 1.9 बिलियन डॉलर की इस डील को अमेरिका ने मंजूरी दे दी है।
दिल्ली का राजनीतिक भविष्य न सिर्फ सत्ता की कुर्सी तय करेगा बल्कि दल बदल कर मैदान में उतरे नेताओं का भविष्य भी लिखा जाएगा। बगल के राज्य हरियाणा में हुए चुनावों में जनता ने दलबदलू नेताओं को महत्व नहीं दिया था।
"मैं अपनी हार स्वीकार करते हुए, विकासपुरी विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदाताओं व कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करता हूँ और आशा करता हूँ कि क्षेत्र का चौमुखी (चहुमुखी) विकास होगा। मैं भविष्य में भी दिल्ली, विकासपुरी व उत्तम नगर विधानसभा क्षेत्र के चौमुखी विकास के लिए लड़ाई लड़ता रहूँगा।"
रात का समय और लड़की के फोन की बैटरी खत्म। मतलब घर जाने को कैब भी बुक नहीं कर सकती थी वो। तभी दो लोग आते हैं, खुद को कैब ड्राइवर बताते हैं। झाँसे में लेकर गाड़ी में बिठा कर घर छोड़ने की बात करते हैं। फिर बीच रास्ते में बारी-बारी से रेप करते हैं। विरोध करने पर कहते हैं - "अच्छी महिला बनो, जो कहते हैं करो।"
AAP अभी तक 51 सीट और बीजेपी 19 सीट पर आगे चल रही है। हालाँकि, चुनाव आयोग के आधिकारिक रुझानों के मुताबिक फिलहाल बीजेपी और आम आदमी पार्टी 10-10 सीट पर आगे चल रही हैं।
भाजपा सांसदों को जारी किए व्हिप में यह कहा गया है कि कुछ अतिमहत्वपूर्ण मुद्दे कल संसद में उठाए जा सकते हैं, अतः सारे सांसदों को मंगलवार, 11 फरवरी, को राज्यसभा में उपस्थित रहना है।
स्वास्तिक जलाना, गाय को काट कर कमल पर दिखाना, आजादी के नारे, तेरा बाप भी देगा आजादी, खिलाफत की बातें, बुर्के में हिंदू औरतों को दिखाना, ये भी एक तरह की हिंसा है। इसे वैचारिक हिंसा कहते हैं।
2014 में मोदी की लोकप्रियता भुना कर अपना उल्लू सीधा करने के बाद प्रशांत किशोर बिहार पहुँचे। मीडिया ने ऐसा प्रचारित किया कि वो राजनीति 'चाणक्य' हो गए हैं और उनसे बड़ा चुनावी रणनीतिकार कोई है ही नहीं। अब सवाल उठता है कि क्या उन्होंने मीडिया को बड़े स्तर पर मैनेज किया?
एग्जिट पोल्स के दावों के बावजूद AAP की हालत पस्त नज़र आ रही है। उसे किसी भी एग्जिट पोल्स पर भरोसा नहीं हो रहा है। वहीं बीजेपी के इस दावे ने कि वह सरकार बनाने जा रही है। केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी की नींदें उड़ा दी है।
इस दौरान पाकिस्तान को अन्य देशों से समर्थन न मिल पाने का उनका दुःख भी झलका। उन्होंने कहा कि भारत का सभी देश समर्थन इसीलिए करते हैं क्योंकि वो बहुत बड़ा बाजार है और अन्य देशों को अपना बाजार खोने का डर है।
मेहता अपनी किताब में लिखते हैं कि 'मिशन कश्मीर' के लिए स्क्रिप्ट लिखते समय विधु विनोद चोपड़ा समुदाय विशेष की भावनाओं का ख्याल रखने और 'पोलिटिकली करेक्ट' बने रहने पर खासा जोर देते थे। चोपड़ा का मानना है कि भारत सरकार ने कश्मीर में 'रंग में भंग' डाला।
हिलाल अकबर लोन को कश्मीर घाटी में पाँच अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम को लागू किए जाने के मद्देनजर प्रशासन ने हिरासत में लिया था। इसके साथ ही नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, कॉन्ग्रेस, माकपा व अन्य दलों के प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया था।
रिसर्च की मानें तो अंतिम 2 घंटों में वोटिंग प्रतिशत में जो बड़ी बढ़ोतरी हुई है, उससे भाजपा को भारी फायदा होने जा रहा है। ग्राउंड रिपोर्ट के हवाले से दावा किया गया है कि आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस को मिलने वाले वोटों में कमी आएगी।
दोनों के बीच फोन पर खूब बातें होती थीं, जिसके बाद युवती उस लड़के से प्रेम करने लगी थी। युवती भी लड़के से मिलना चाहती थी, इसीलिए मौका देख कर आरोपित ने उसे बुला लिया। जब उक्त युवती वहाँ पर पहुँची, तब आरोपित उसे बाइक पर बिठा कर सेकड्डा इलाके में गनपुर जंगल की तरफ ले गया।
“बिना सही पहचान के मूल मुस्लिम आबादी को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। NRC में बांग्लादेशी मूल के लाखों लोग शामिल हैं, इसलिए हम इस पर भरोसा नहीं कर सकते। अगर हमने अब कुछ नहीं किया तो एक दिन असम से सभी मूल जनजातियाँ सामाप्त हो जाएँगी।”
संघ के नेता लगातार ज़मीन पर सक्रिय रहते हैं और उन्हें लगातार कई प्रदेशों व राज्यों की यात्राएँ करनी होती हैं। ऐसे में उन्हें निशाना बना कर आतंकी भारत सरकार और भाजपा को भी ख़ास सन्देश देना चाह रहे हों, ऐसा हो सकता है। इंटेलिजेंस ब्यूरो ने इस सम्बन्ध में ख़ुफ़िया सूचना दी है।
जिला प्रशासन ने AMU से जुड़े 44 छात्रों सहित कुल 58 लोगों की भी पहचान की है, जिनको शहर में शांति भंग करने के लिए प्रशासन नोटिस जारी कर रहा है। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन को भी उनके पते उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।
वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो 'आजादी' के नारे लगा रहे हैं। ये वीडियो राजधानी दिल्ली में जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के पास का बताया जा रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है जब एक बच्चा कहता है, "हम क्या चाहते" और उसके पीछे-पीछे खुर्शीद कहते हैं, "आजादी"
किंजल ने अहमदाबाद पुलिस पर भी कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि क्राइम ब्रांच के अधिकारी रात के 10 बजे घर में घुस जाते हैं और जबरदस्ती तलाशी लेते हैं। उनका कहना है कि गुजरात पुलिस और सरकार उनके पति को बेवजह प्रताड़ित कर रही है।
उस समय विजय बहुगुणा के नेतृत्व में राज्य में कॉन्ग्रेस की सरकार चल रही थी। उसी सरकार ने निर्णय लिया था कि एससी-एसटी को आरक्षण दिए बिना राज्य में सारे सार्वजनिक पदों को भरा जाएगा। आज जब सदन में सच्चाई बताई गई तो कॉन्ग्रेस सांसद वॉकआउट कर गए। राहुल गाँधी मोहन भागवत को दोष दे रहे।
"मैं समझ नहीं पा रहा कि मुस्लिम नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ क्यों विरोध प्रदर्शन कर रहे। कौन उनको देश से निकालने जा रहा जो जन्म से भारतीय हैं?नागरिकता कानून और एनआरसी का विरोध कर आप किसको अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं?"
मुनाफ हलारी 1993 में जावेरी बाज़ार में ब्लास्ट मामले में दोषी था। जाँच एजेंसियों को लंबे समय से इसकी तलाश थी। मुंबई ब्लास्ट के बाद मूसा पाकिस्तान भाग गया था। वो पाकिस्तानी पासपोर्ट पर ही यात्रा भी कर रहा था, जब उसे मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया।