2014 और 2019 में एग्जिट पोल करने वाली कॉमन एजेंसियों और सिर्फ 2019 में एग्जिट पोल करने वाली नई एजेंसियों के आँकड़ों का तुलनात्मक अध्ययन करने पर स्थिति और स्पष्ट हो जाती है। इस बार जिन नई एजेंसियों ने एग्जिट पोल किए, उनके आँकड़े...
इस बैठक में पीएम मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ ही कई दिग्गज नेता के शामिल हेने की सूचना है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और प्रधानमंत्री मोदी के बीच होने जा रही ये मुलाक़ात इसलिए भी अहम है, क्योंकि 4 सालों में ये पीएम मोदी का संघ मुख्यालय का पहला दौरा है।
राजधानी के एक होटल में 4 मई को प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई थी। इस कॉन्फ्रेंस में मौलाना कल्बे जव्वाद ने खुलकर राजनाथ सिंह को समर्थन देने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि वह एक अच्छे उम्मीदवार का समर्थन करते हैं। उनके मुताबिक, राजनाथ सिंह एक अच्छे इंसान हैं।
ये वही राजभर हैं, जिन्होंने रैली में मंच से दी थी BJP नेताओं-कार्यकर्ताओं को माँ की गाली। ये वही हैं जो पहले अफसरों की सिफारिश न सुनने पर हंगामा करते हैं और बाद में अपने बेटों को पद दिलाने पर अड़ जाते हैं।
“क्या असली खेल EVM है? क्या पैसे देकर EXIT POLL कराया गया? यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली, बंगाल हर जगह BJP ही जीत रही है ये कौन यक़ीन करेगा? सभी दल EC से मिलकर VVPAT-EVM के मिलान में गड़बड़ी पर Election रद्द करने की माँग करें।”
मगरिब की अजान सुनकर ही लोग रोजा खोलते हैं। ऐसे में वक्त से पहले रोजा खोलने से लोगों का रोजा खराब हो जाता है। यही बात मुख्य रूप से विवाद का कारण बनी और हिंसक झड़प हुई क्योंकि इसी अजान को 2 मिनट पहले देने से गुस्साए शख्स ने थप्पड़ मारकर...
मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू की तनातनी के बीच अब नवजोर कौर का बयान आया है। उन्होंने अमृतसर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अगर कॉन्ग्रेस राज्य की सभी सीटें नहीं जीत पाती है, तो सीएम को इस्तीफा दे देना चाहिए।
दोपहर 1 बजे तक 43.6% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 3 बजे तक यह आँकड़ा 54.9% तक पहुँच गया। लेकिन कुल वोटिंग हुई सिर्फ़ 61.1% ही। मतलब बाकी 3 घंटों में महज 6% ही वोटिंग। TMC गुंडों की कोई चाल या भारी पड़ गई गुंडई...
जो लोग रवीश की पिछले पाँच साल की पत्रकारिता टीवी और सोशल मीडिया पर देख रहे हैं, वो भी यह बात आसानी से मान लेंगे कि रवीश जी को पत्रकारिता के कॉलेजों को सिलेबस में केस स्टडी के तौर पर पढ़ाया जाना चाहिए।
शरद पवार और उनकी बेटी को लगता है कि ईवीएम मशीन के साथ छेड़छाड़ की जा रही है वहीं उनके भतीजे अजित का कहना है कि यदि ईवीएम के सााथ छेड़खानी मुमकिन होती तो भाजपा 5 राज्यों में चुनाव नहीं हारती।
'हिन्दू टेरर' के कलंक से कलंकित और कॉन्ग्रेस की तुष्टीकरण एवम् साम्प्रदायिक नीतियों का शिकार बनी साध्वी प्रज्ञा के भोपाल से प्रत्याशी बनने, कन्हैया का बेगूसराय से लड़ने और राहुल-स्मृति ईरानी की कड़ी टक्कर इस चुनाव की हेडलाइन बने।
शहर के एलीट से लेकर गाँव का वंचित वर्ग भी मौक़ा मिलने पर मोदी सरकार के गुणगान करने से नहीं चूक रहा है। लेकिन, विपक्ष इन कोशिशों में जुटा हुआ है कि जनता के बीच भाजपा की कमियों और चूक को गिनवा कर उन्हें सत्ता से हटाया जाए ताकि देश में दोबारा से भ्रष्टाचार, घोटालों की राजनीति कायम हो सके।
कॉन्ग्रेस ने 23 तारीख को चुनाव नतीजे आने तक का भी इंतजार करना जरूरी नहीं समझा। समझे भी कैसे! देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कॉन्ग्रेस भी उमर अबदुल्ला के ट्वीट से सहमत होकर...
10 मीडिया एजेंसियों में से 7 ने राजग को 300 से अधिक सीटें दी है, जो 272 के जादुई आँकड़े से ज्यादा है। इंडिया टुडे-एक्सिस के पोल ने जहाँ सबसे ज्यादा अधिकतम 365 सीटों का अनुमान लगाया है, न्यूज़ एक्स-नेता के एग्जिट पोल ने राजग को सबसे कम 242 सीटें दी है।
जिस प्रकार से राहुल गाँधी लगातार मोदी सरकार को घोटालों में घिरा हुआ साबित करने के लिए झूठे डाक्यूमेंट्स और बयानों का सहारा लेते रहे, शायद ध्रुव राठी उन्हीं से अपनी निराशा व्यक्त कर रहे थे। ऐसे समय में उन्हें अपने झुंड के साथ रहना चाहिए।
ममता बनर्जी और विपक्ष के अन्य नेताओं का EVM खटराग नया नहीं है। विपक्षी नेता इसे लेकर निर्वाचन आयोग से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गए थे, लेकिन हर जगह उन्हें मुँह की ही खानी पड़ी।
Exit Poll के आंकड़ों से काफी हद तक यह साफ हो जाएगा कि इस बार गठबंधन की सरकार बनेगी या फिर किसी एक दल को पूर्ण बहुमत मिलेगा, एग्जिट पोल के नतीजों से यह साफ हो जाएगा कि इस बार भारतीय जनता किस दल की ‘पार्टी’ कराने जा रही है।
Exit Poll के आँकड़ों से काफी हद तक यह साफ हो जाएगा कि इस बार गठबंधन की सरकार बनेगी या फिर किसी एक दल को पूर्ण बहुमत मिलेगा, एग्जिट पोल के नतीजों से यह साफ हो जाएगा कि इस बार भारतीय जनता किस दल की ‘पार्टी’ कराने जा रही है।
भाजपा और कॉन्ग्रेस गठबंधन को न्यूज़ 24-चाणक्या द्वारा एग्जिट पोल के तहत कितनी सीटें दी जा रही हैं, जानने के लिए जुड़े रहें हमारे साथ यहाँ पल-पल अपडेट के लिए। जैसे-जैसे एग्जिट पोल के तहत सीटों की संख्या आती जाएगी, हम आपको अपडेट करते रहेंगे।
भाजपा और कॉन्ग्रेस गठबंधन को इंडिया टुडे-एक्सिस द्वारा एग्जिट पोल के तहत कितनी सीटें दी जा रही हैं, जानने के लिए जुड़े रहें हमारे साथ यहाँ पल-पल अपडेट के लिए। जैसे-जैसे एग्जिट पोल के तहत सीटों की संख्या आती जाएगी, हम आपको अपडेट करते रहेंगे।
अगले 5 साल गुफा में बिताने की चॉइस रखने वालों की अर्जी में एक नाम बेहद चौंकाने वाला था। यह नाम एक मशहूर व्हाट्सएप्प यूनिवर्सिटी के कुलपति का था। अपने विवरण में इस कुलपति ने स्पष्ट किया है कि पिछले 5 साल वो दर्शकों से TV ना देखने की अपील करते करते थक चुके हैं और अब अगले 5 साल भी वही काम दोबारा नहीं कर पाएँगे।
एग्जिट पोल्स आने शुरू ही हुए हैं, और जैसा कि लोगों को अपेक्षा थी कॉन्ग्रेस के चिराग और लिबरल गिरोह के चहेते 'कॉनज़ूमेट पॉलिटिशियन' (पूर्ण राजनेता) श्री राहुल गाँधी ने अपने ट्विटर से प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। चिदंबरम भी साथ दे रहे हैं
टुडे चाणक्य के अलावा किसी भी एजेंसी का एग्जिट पोल सटीक नहीं था। इसलिए एग्जिट पोल को लेकर मीडिया के साथ-साथ जनता की उत्सुकता तो रहती है लेकिन यह उम्मीदों पर भी खरी उतरे, इसकी संभावना नहीं के बराबर मान के चलनी चाहिए।
स्वरा भास्कर ने स्वीकार करते हुए बताया कि उन्हें प्रचार के लिए बुलाया गया क्योंकि वो हीरोइन हैं और इस वजह से ही उन्हें एक इमेज बनाना आवश्यक था। इसी छवि को बनाने के लिए उन्होंने 20 साड़ियाँ खरीदीं और और कुछ जूलरी खरीदी ताकि ‘बड़े मुद्दों पर’ बात की जा सके।
कुछ ही घंटों में एग्जिट पोल आने वाले हैं, इसके बाद 23 मई तक तरह-तरह के एनालिसिस किए जाएँगे, कौन कितना सही या गलत है इसका पता तो अंतिम परिणाम के साथ ही चलेगा।
युवक विष्णु गोस्वामी की मौत की सूचना मिलते ही खोरहंसा गाँव में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। इलाक़े में घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एहतियातन पुलिस अधिकारी कैम्प कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा, "सिद्धू मेरी जगह सीएम बनना चाहते हैं। सिद्धू कॉन्ग्रेस की छवि बिगाड़ रहे हैं, पार्टी को उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करनी चाहिए। अगर वह असली कॉन्ग्रेसी होते तो वह अपनी शिकायतों के लिए पंजाब चुनाव का वक्त नहीं चुनते।"
पद की भी कुछ मर्यादाएँ होती हैं और कुछ चीजें व्यक्तिगत सोच पर निर्भर करती है, यही तो हिन्दू धर्म की विशेषता है। वरना, कल होकर यह भी पूछा जा सकता है कि जब तक मोदी ख़ुद को बेल्ट से पीटते हुए नहीं घूमेंगे, उनका आध्यात्मिक दौरा अधूरा रहेगा।
अजय राय पीएम मोदी की आलोचना करते-करते पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तारीफ कर बैठे। उन्होंने वाजपेयी को बड़े हृदय के व्यक्ति बताते हुए कहा कि वो हर किसी को साथ लेकर चलते थे।
इंटेलेक्चुल लेजिटिमेसी और फेसबुक पर प्रासंगिक बने रहने, ज्ञानी कहलाने और एक खास गिरोह के लोगो में स्वीकार्यता पाने के लिए आप भले ही मोदी की हर बात पर लेख लिखिए, लेकिन ध्यान रहे कुतर्कों, ठिठोलियों और मीम्स की उम्र छोटी होती है।
प्रज्ञा ठाकुर ने विवादित बयान देते हुए महात्मा गाँधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त करार दिया था। उन्होंने कहा था कि वो देशभक्त थे, देशभक्त हैं और देशभक्त रहेंगे। हालाँकि प्रज्ञा ने अपने इस बयान के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी माँग ली थी।
जिस दिन किसी लोकसभा सीट पर मतदान होता है, तो उस दिन उस लोकसभा क्षेत्र में वहाँ के स्थाई निवासी के अलावा कोई बाहरी नहीं रह सकता है। यानी कानूनी रुप से मतदान वाले दिन सिर्फ उसी लोकसभा क्षेत्र का स्थाई निवासी वहाँ रह सकता है और पीएम मोदी तो बनारस के स्थायी निवासी हैं नहीं, तो जाहिर सी बात है कि वो यहाँ पर क्यों आएँगे?
कॉन्ग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और मुस्लिम नेता हारुन यूसुफ ने कहा कि केजरीवाल अपना खौफ छुपाने के लिए ऐसी बातें कर रहे हैं। हालाँकि उनकी ये बात सही है कि मुस्लिम वोटर्स ने भारी तादाद में कॉन्ग्रेस को वोट किया, क्योंकि केजरीवाल ने सिवाय झूठ बोलने के और कोई काम ही नहीं किया।
आशुतोष को जज्बातों में बहता देखरक एंकर ने कहा, “मैं उस सोच की बात कर रहा, जो कत्ल करती है। चाहे वह सोच राजस्थान के शंभू रैगर की हो या दिल्ली में सिखों की हत्या की हो।” इस पर आशुतोष ने कहा, “जिनकी वो सोच है, वो श्यामा प्रसाद मुखर्जी 1942 में चिट्ठी लिखते हैं, भारत छोड़ो आंदोलन को कुचल दिया जाए।”
पूरे ट्रेलर में हिन्दू प्रतीकों का नकारात्मक तरीके से खूब इस्तेमाल हुआ है। 'जय आर्यावर्त' उस काल्पनिक अराजक राज्य का नारा है। जहाँ पर लोगों के साथ धर्म के नाम भेदभाव हो रहा है। जिसे राज्य का संरक्षण प्राप्त है। यहाँ तक इस कहानी का खलनायक भी हिन्दू प्रतीकों से लदा है।
अलवर में एक युवक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई क्योंकि उसने अपने 2 दोस्तों के साथ मिलकर शादी से लौट रही एक बच्ची का रेप किया था। हत्या का आरोप पीड़िता के परिजन पर लगा है। फिलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
इस 19 वर्षीय शिकायतकर्ता को अहमदाबाद में एक पुनर्वास केंद्र में रहने की सलाह भी दी गई लेकिन, उसने इसके लिए मना कर दिया, क्योंकि वहाँ उसे मोबाइल फोन के इस्तेमाल की इजाजत नहीं दी जा रही थी।
फारसी साम्राज्य के राजा डैरियस-प्रथम के अभिलेखों में हिन्दू शब्द का ज़िक्र ईसा से 6 शताब्दी पूर्व का है, जबकि इस्लाम ईसा से 600 साल बाद का। और मुगलों का हिंदुस्तान में आगमन तो 16वीं शताब्दी में हुआ। यानि विशुद्ध तकनीकी रूप से भी कमल हासन 22 शताब्दियों की ‘मामूली’ सी चूक कर गए हैं।
गौतम बुद्ध के साथ जो घटित हुआ, वो इस संसार के हर इंसान के साथ घट सकता है। बस इसके लिए हमें अपने जीवन में गहराई लानी होगी। आज बुद्ध पूर्णिमा पर बुद्ध के मानवता को दिए गए महत्वपूर्ण योगदान के न सिर्फ स्मरण बल्कि उसे आत्मसात कर खुद भी उसी जागरण की दिशा में अग्रसर करने की चेतना जागृत करने का दिन है।