शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे पाकिस्तान ने केरन सेक्टर पर सीज फायर का उल्लंघन किया। शाम करीब 6 बजे तक दोनों तरफ से फायरिंग होती रही। भारतीय सेना ने आतंकियों के लॉन्च पैड और गोला-बारूद रखने की जगह को तबाह कर दिया।
वासु यादव नाम के शख्स ने फेसबुक अकाउंट में अपनी लोकेशन कराची, पाकिस्तान बताई है। उसने इस अकाउंट पर हिंदुओं की आस्था पर चोट करते हुए काली, दुर्गा और भगवान शिव की तस्वीरों को अश्लीलता से पेश किया है।
जमात का मरकज पूरे देश में कोरोना वायरस संक्रमण का हॉटस्पॉट बनकर उभरा है। तमिलनाडु में ही गुरुवार को 24 घंटे में जो 96 नए केस सामने आए थे उनमें से 84 मरकज से ही जुड़े थे।
महाराष्ट्र कोरोना से देश का सर्वाधिक प्रभावित राज्य है। सीएम उद्धव ठाकरे का अनुभवहीन होना इसका कारण बताया जा रहा है। इस बीच ऐसी भी चर्चा चल निकली है कि साख बचाने के लिए राज्य सरकार पीआर कैंपेन चला रही है। उर्वशी रौतेला ने अपना बचाव करते-करते एक ट्वीट से इसको और हवा दी है।
यह वीडियो बिहार के बेतिया मंडल कारा का है, जहाँ ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को साँस लेने में समस्या हुई। जब उनका दम घुटने लगा तो प्रशासन में उनके सहकर्मियों ने उन्हें एम्बुलेंस से अस्पताल पहुँचाया। संक्रमण से लड़ाई में पहली पंक्ति के ये योद्धा खुद के आपातस्थिति में कैसे निपटें, इसके लिए प्रशासन की ओर से यह मॉक ड्रिल किया गया।
कोरोना संक्रमित डॉक्टर ओमप्रकाश चौहान ने शुक्रवार सुबह दम तोड़ दिया। वे लॉकडाउन के दौरान भी अपनी क्लीनिक में मरीजों को देख रहे थे। तीन दिन पहले उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। बताया यह भी जा रहा है कि वे पहले से ही शुगर और बीपी के मरीज थे।
जनता कर्फ्यू के दिन थाली बजाने पर पड़ोस में रहने वाले मुस्लिम युवकों ने रेवंत सिंह को धमकाया। कहा कि यहाँ मोदी का नहीं हमारा कानून चलता है। फिर 4 अप्रैल को उन पर घात लगाकर हमला किया। 5 दिन कोमा में रहने के बाद उनकी मौत हो गई।
सीवान के एक ही परिवार के इतने लोगों के संक्रमित होने की बात सामने आने के बाद राज्य में हड़कंप मचा हुआ है। इस परिवार का एक शख्य ओमान से लौटा था। तीन जिलों सीवान, बेगूसराय और नवादा की सीमाएंँ सील कर दी गई हैं।
"अब अस्पताल में भर्ती संक्रमित जमातियों को अपनी भूल का एहसास हो गया है। इससे पहले वे संक्रमण फैलाने के लिए तरह-तरह के तरीके अपना रहे थे, लेकिन बिगड़ते हालात को देख उनके व्यवहार में बदलाव आया है। अब आसानी से वे दवाइयाँ खा रहे हैं, क्योंकि यह उनके भले के लिए ही है।"
थोड़ी आगे जाकर नईम अपना संतुलन खो बैठा और धुरत के साथ बाइक से गिर गया। बाइक भी दूर जा गिरी। इस वाकये में धुरत के हाथ, पैर और कंधे में चोटें आईं। बाद में उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया और मौक़े पर ड्यूटी पर तैनात अन्य पुलिस कर्मियों द्वारा नईम को गिरफ्तार कर लिया गया।
कमलनाथ की योजना इस मेगा इवेंट के जरिए राज्य की ब्रांडिंग करनी थी। उस समय भी शिवराज सिंह चौहान ने तत्कालीन एमपी सरकार को सलाह दी थी कि इस आयोजन पर इतना पैसा खर्च करने की जगह इसका इस्तेमाल किसानों की कर्ज माफ़ी तथा बाढ़ राहत में किया जाना चाहिए।
बुधवार को आशा वर्करों की एक टीम पुलिस की टीम को साथ लेकर इंदिरा कॉलोनी में डोर टू डोर जाकर सर्वे कर रही थी। लेकिन सर्वे के दौरान कुछ युवकों ने टीम का विरोध करना शुरू कर दिया। उग्र युवकों ने आशा वर्करों व पुलिस के समझाने पर भी उनकी बात नहीं मानी और उन पर हमला बोल दिया। इस हमले में महिला पुलिस कर्मी घायल हो गई।
काफी संख्या में युवक कब्रिस्तान की तरफ जा रहे थे। एक साथ जाने से रोके जाने पर वे पुलिस से उलझ गए। पहले गाली-गलौज की और फिर हाथापाई करने लगे। कुछ ही देर में उन्होंने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज से 651 लोग पंजाब लौटे हैं। अमरिंदर सिंह ने बताया कि इनमें से 636 ट्रेस कर लिए गए हैं जबकि 15 अन्य की तलाश जारी है।
छिंदवाड़ा में अब तक 4 कोरोना पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। एक की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके एक मस्जिद में बड़ी तादाद में लोग नमाज पढ़ने के लिए इकट्ठा हो गए।
खुद को देश के नागरिकों का हितैषी स्थापित करते हुए दुआ ने देश की जनका को वीडियोज में न केवल जमकर भड़काया है। बल्कि अपने कुतर्कों से उन्हें गुमराह करने की कोशिश की है। वीडियोज की शुरुआत से लेकर अंत तक में विनोद दुआ एक भी बार देश के नागरिकों को कोरोना से बचे रहने की बात कहते नजर नहीं आते। बल्कि सरकार के ख़िलाफ़ बोलते, उनके फैसलों की निंदा करते और लोगों को उकसाते नजर आते हैं।
सबसे बड़ी संख्या में जमाती बिजनौर जिले में छिपे पाए गए। बिजनौर जिले से असम की पाँच महिलाओं सहित 35 जमातियों को पकड़कर क्वारंटाइन किया गया है। जिले में अब तक 487 जमाती पुलिस द्वारा तलाशे जा चुके हैं।
पलायन अवसर भी है और अभिशाप भी। लेकिन देश की हिंदी पट्टी के लिए यह मजबूरी ही दिखती है। आर्थिक सुरक्षा के लिए ही महानगरों में पहुॅंचने वाले लोगों को जब यह सुरक्षा खतरे में दिखी तो उन्होंने घर लौटने में भलाई समझी। लॉकडाउन बढ़ने और घर तक जाने के लिए बस की व्यवस्था की अफवाहों ने उन्हें सड़क पर उतार दिया।
सीएम योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में जिन भी महिलाओं के जनधन अकाउंट हैं उनमें सरकार अगले तीन महीने तक हर महीने में 500 रुपये भेजेगी। खाद्यान भी प्रति यूनिट 5 किलो फ्री दिया जा रहा है। गरीबों के लिए संकट के समय में केंद्र और प्रदेश सरकार मजबूती से खड़ी है।
"राज्य में इस समय 134 कोरोना संक्रमित मरीज हैं, जिनमें से 106 तबलीगी जमात के हैं। बाकी बचे 28 रोगी वही हैं, जो 29 या 30 मार्च को चिन्हित किए गए थे। यदि तबलीगी जमात के यह लोग कोरोना स्प्रेड नहीं करते तो हरियाणा की स्थिति बाकी राज्यों से बहुत अधिक संतोषजनक कही जा सकती है।"
भोपाल के ऐशबाग, मंगलवारा, श्यामला हिल्स और पिपलानी तलैया थानों में मामले दर्ज किए गए हैं। इनके ऊपर धारा 188, 269, 270 आईपीसी की धारा 51 राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 13 और 14 एवं विदेशी विषयक अधिनियम 1964 के तहत केस दर्ज किया गया है।
हिंदपीढ़ी इलाके के लोगों से तंग आकर इंफोर्समेंट टीम के सदस्यों ने अधिकारियों से कहा है कि यदि इलाके में लोग यूँ ही उनके ऊपर थूकते रहेंगे तो वे उस क्षेत्र में सैनिटाइजेशन का काम कराने नहीं जाएँगे। उधर प्रशासन ने ऐसे लोगों को खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है।
“इस बारे में जाँच की जाएगी कि वाधवान परिवार के 23 सदस्यों को खंडाला से महाबलेश्वर की यात्रा करने की अनुमति कैसे मिली।” इसके साथ ही महाराष्ट्र सरकार द्वारा भारी शर्मिंदगी झेलने के बाद गृह विभाग के विशेष सचिव और एडिशनल डीजीपी अमिताभ गुप्ता को तत्काल प्रभाव से अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया गया।
तमिलनाडु में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 96 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से 84 संक्रमित लोग दिल्ली निजामुद्दीन में आयोजित तबलीगी जमात के कार्यक्रम से जुड़ हुए हैं।
उसने गाँव वालों से मरकज के मजहबी सभा में शामिल होने वाली बात को सबसे छुपाया। जब ग्रामीणों ने उससे इस संबंध में पूछा तो भी उसने झूठी और मनगढ़ंत कहानी सुनाकर उनको बरगलाया। लोगों ने भी आसानी से उसकी बातों को मान लिया और उसके साथ हिलने-मिलने लगे।
भारत ने मंगलवार को इसके निर्यात पर लगी रोक को आंशिक रूप से हटा लिया और गुरुवार को भारत द्वारा भेजी गई 5 टन दवाइयाँ इजरायल पहुँच गईं, जिनमें हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन भी शामिल थी। जिसके बाद नेतन्याहू का ट्वीट आया।
“गाँव में लोगों ने अफवाह उड़ा दी है कि हमने दूसरे मजहब के परिवार से 2 लाख रुपए लेकर मामले को रफा-दफा कर दिया है। ये बिल्कुल गलत बात है। हमने ऐसा कुछ भी नहीं किया है और न ही करेंगे। हम तो कहते हैं कि 1 लाख रुपया मेरे से और ले लो और दोषियों को सजा दो। हमें पैसे नहीं, इंसाफ चाहिए। हमारी माँ चली गई, उनकी मौत नहीं हुई, उनकी हत्या की गई। हमारा एक जान चला गया। हम पैसा लेकर क्या करेंगे? हमें तो बस इंसाफ चाहिए।”
चीनी प्रवक्ता ने कहा था कि पेइचिंग कश्मीर के हालात पर नजर रखे हुए हैं और हमारा रुख इस पर नहीं बदला है। कश्मीर मुद्दे का इतिहास शुरू से ही विवादित रहा है और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र के चार्टर, सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और द्विपक्षीय तरीके से होना चाहिए।"
देश में लगातार डॉक्टरों के साथ मारपीट करने की जमातियों की खबर पर वसीम रिजवी ने कहा कि डॉक्टरों को परेशान करके उनका मनोबल कम करने की कोशिश की जा रही है। यह भी इन सभी तबलीगी जमातियों की साजिश का एक हिस्सा है।
पहले स्तर के प्रयास में 1700-2000 गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को प्रतिदिन मुफ्त भोजन वितरित किया जा रहा है। दूसरे स्तर का प्रयास इससे वृहत है। इसे "सीकर्स एंड गिवर्स" प्लेटफॉर्म के नाम से समझा जा सकता है। यहाँ एक वो हैं, जो सहायता पाना चाहते हैं और दूसरे वो जो सहायता करना चाहते हैं। दोनों को आपस में कनेक्ट कर...
नंदिता दास का यह बयान अपने आप में गलत नहीं है, क्योंकि सच में भारत में एक महान विभाजन मौजूद है। लेकिन यह स्टेटमेंट किसकी तरफ से आया है जब आप यह सोचते हैं तो मुँह दबा कर हँसते हुए यह सोचने को मजबूर हो जाते हैं कि आखिर कोई खुलेआम इतना दोमुँहा बर्ताव कैसे कर लेता है।
एक ओर विधिपूर्वक किए गए सभी धार्मिक अनुष्ठान यानी मजहबी इमाल और दूसरी तरफ रोग पीड़ित प्राणियों के प्राणों की रक्षा का कार्य, ये दोनों कर्म समान रूप से पुण्य देने वाले हैं। यानी इस समय डॉक्टर, सुरक्षाकर्मी, सफाईकर्मी जो कार्य कर रहे हैं वो किसी धार्मिक अनुष्ठान से कम नहीं है। इसलिए धर्म के नाम पर धर्म के कार्य में बाधा डालने का अधार्मिक काम करना बंद करें।
दावा किया जा रहा है कि सऊदी अरब के मुफ्ती अब्दुल अजीज बिन अब्दुल्ला ने फतवा जारी कर कहा है कि भयंकर भूखा होने की हालत में अपनी बीवी को भी मारकर खा सकते हैं। सच्चाई जाने बिना ऐसा करने का मकसद क्या हो सकता है?
एक सोची-समझी साजिश के तहत, अपने ही भीतर के कुदरती थूक, कुदरती पेशाब और कुदरती टट्टी को अपने मन के हिसाब से यहाँ-वहाँ फेंकने वाले मासूम तबलीगियों को मुसलमान होने के कारण बदनाम किया जा रहा है।
6 प्रमुख उद्देश्यों के साथ तबलीगी जमात की एक सबसे बड़ी शर्त और विशेषता इसकी गोपनीयता है। इसी गोपनीयता ने इसकी हरकतों पर हमेशा आवरण का काम किया है। तबलीगी समय के साथ कट्टर जिहादी समूहों में बढ़ते गए और यह विश्वास करने लगे कि 'अच्छे मुस्लिमों' को इसी जीवन में यातनाएँ भोगनी चाहिए।
हास्यास्पद यह है कि दैनिक भास्कर ने जिन स्थानों को पाठकों के लिए रिक्त छोड़ा था उसमें 'द वायर' और 'न्यूज़लॉन्ड्री' ने अपनी समझ के अनुसार 'तबलीगी जमात' भर दिया। इसके बाद दैनिक भास्कर पर सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप भी जड़ दिया।
महबूब अली दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में हैं। कोरोना संक्रमित होने का संदेह है। मीडिया गिरोह ने बवाना में उनकी पीट-पीटकर हत्या किए जाने की खबर उड़ा दी। झूठ पकड़े जाने पर भूल सुधार की जहमत भी नहीं उठाई।
विशेष शाखा की रिपोर्ट में तीन ऐसे मोबाइल नंबर दर्ज हैं जो लोहरदग्गा के आदिवासियों के नाम हैं। जॉंच से पता चला है कि ये लोग कभी दिल्ली गए ही नहीं। इनमें से दो मोबाइल नंबर पर कॉल रिसीव नहीं हो रहा है। एक नंबर पर दिल्ली में कॉल रिसीव हो रहा है।
"वे सख्त कदम उठा रहे हैं और चाहते हैं कि ऐसे लोग सामने आएँ जो कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के सम्पर्क में आए हैं। सबसे अच्छा तो यह है कि 'रेड जोंस' यानी ऐसे इलाके जहाँ से ज्यादा मामले आए हैं, में रहने वाले लोग अपने घरों से बाहर मत निकलें।"
"उन्होंने हमें राशन नहीं दिया। कहा कि राशन तभी मिलेगा जब आप 'ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुन रसूलुल्लाह' पढ़ेंगे। जब हमने इससे मना किया तो उन्होंने राशन देने से इनकार करते हुए चले जाने को कह दिया।"
देश में जारी लॉकडाउन के बीच दिल्ली में चार लाख लोगों को हर रोज भोजन कराने का केजरीवाल सरकार का दावा खोखला साबित हो रहा है। इस बात का खुलासा तब हुआ, जब एक महिला दिल्ली सरकार के मंत्री के पास राशन की माँग को लेकर पहुँची थी। इसके बाद मंत्री ने महिला को 'सेवा भारती' से जुड़े एक व्यक्ति का नंबर थमा दिया।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के इस प्रोफेसर शाहिद अंसारी की सच्चाई सामने आने के बाद उसके पूरे परिवार को क्वारंटाइन किया गया है। इसके बाद शहर में हड़कंप मचा हुआ है। उसके संपर्क में आने वालों की तलाश की जा रही। हैरत की बात यह है कि पूछताछ में प्रोफेसर ने जमात के आयोजन में शरीक होने इनकार कर दिया था।
नर्सों की शिकायत पर एक्शन लेते हुए अस्पताल प्रबंधन ने इस वाकये की जानकारी जिला प्रशासन व पुलिस को दी। जिस पर तुरंत कार्यवाही करते हुए जिला एसपी ने एसडीओ के साथ एक पुलिस टीम आइसोलेशन केंद्र भेजी, जहाँ पुलिस को देखते ही जमातियों ने नमाज पढ़ने का नाटक शुरू कर दिया।
लॉकडाउन उल्लंघन पर समुदाय विशेष के दो युवक चेक पोस्ट पर रोके जाते हैं। पुलिसकर्मी पर थूकते हैं। धमकी देते हैं। फिर बाइक छोड़ भाग जाते हैं। पास की बस्ती में पहुॅंचते हैं। अचानक 30-40 लोग जमा हो जाते हैं। पास के रेलवे ट्रैक पर पत्थर उठाकर पुलिसकर्मियों पर बरसाने लगते हैं।
“आज हर कोई आइसोलेशन में रखे गए तबलीगियों को देखकर हैरान है कि वे इतना क्यों थूक रहे हैं। तो बता दें कि उनका धर्मशास्त्र उन्हें ऐसा करने की शिक्षा देता है कि नमाज पढ़ते समय या मजहबी कार्य करते समय शैतान की दखलअंदाजी खत्म करने के लिए वो ये करें।"
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि यदि कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमण को छुपाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले शिवराज सिंह ने तबलीगी जमात से जुड़े लोगों को चेतावनी देते हुए कहा था कि निजामुद्दीन के मरकज में शामिल होकर सूबे में जो लोग पहुँचे हैं वे 24 घंटे के अंदर स्टेट अथॉरिटी के समक्ष रिपोर्ट करें नहीं तो ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज में हर रोज देश और विदेश से 4 से 5 हजार लोग इकट्ठा होते थे। यहाँ आने वाले लोगों से उनके देश और उनके उद्देश्य के बारे में पूछा जाता था। इसके बाद जो लोग जमात के लिए आते थे उन लोगों को मरकज में रोका जाता था।
फार्मा सेक्टर दवाइयों और वैक्सीन से दुनिया की सेवा कर रहा है लेकिन यह भी उतना ही बड़ा सच है कि कॉर्पोरेट सिर्फ और सिर्फ पैसा देखता है। COVID-19 दुनिया के समक्ष आज सबसे बड़ी चुनौती है लेकिन यही चुनौती फार्मा जगत के लिए सबसे बड़ा मौका भी है।